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मौत पर खत्म हुई वहीदा रहमान और गुरु दत्त की मोहब्बत, आज तक नहीं पता चली मरने की वजह

एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: Mishra Mishra Updated Mon, 03 Feb 2020 06:36 AM IST
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Waheeda Rehman birthday special and he love story with Guru Dutt
Waheeda Rehman and Guru Dutt - फोटो : Social Media
                                                   चौदहवीं का चांद हो, या आफताब हो

                                               जो भी हो तुम खुदा कि कसम, लाजवाब हो।

मोहम्मद रफी की आवाज में ये गाना जब भी कानों में पड़ता है तो दिमाग में सीधे खूबसूरत अदाकारा वहीदा रहमान की तस्वीर उभर कर आ जाती है। सच में इस गाने को देखकर यही लगता है इसे सिर्फ और सिर्फ वहीदा रहमान के लिए लिखा गया। 50 और 60 के दशक में उनका नाम हर किसी की जुबान पर था। अदब, अदा और अदाकारी ने मिलकर वहीदा को बॉलीवुड की सबसे खूबसूरत हीरोइन बना दिया। 3 फरवरी 1938 को उनका जन्म तमिलनाडु में हुआ था।

Waheeda Rehman birthday special and he love story with Guru Dutt
गुरु दत्त
हिंदी, तमिल, तेलुगू, बंगाली और मलयालम भाषा में वहीदा रहमान ने कई फिल्में कीं। वहीदा उन दिनों तेलुगु सिनेमा में नाम कमा रहीं थीं। एक फिल्म में उन्हें गुरु दत्त ने देखा और मुंबई लाने का फैसला कर लिया। अपने प्रोडक्शन की फिल्म सीआईडी में गुरु दत्त ने वहीदा को पहला मौका दिया। इसके बाद साल 1957 में फिल्म प्यासा में गुरु दत्त और वहीदा की जोड़ी नजर आई। इस फिल्म ने हिंदी सिनेमा एक नई क्रांति ला दी। 
Waheeda Rehman birthday special and he love story with Guru Dutt
geeta dutt, guru dutt - फोटो : file photo

1953 में गुरु दत्त ने गीता दत्त ने शादी कर ली लेकिन कुछ साल बाद उनकी जिंदगी में वहीदा रहमान आईं। प्यासा बनने के दौरान गीता और गुरु दत्त बीच दूरियां आनी शुरू हो गईं। वहीदा को लेकर गुरु दत्त और गीता दत्त में आए दिन झगड़े होते रहते थे। साल 1957 में गुरु दत्त और गीता दत्त की शादीशुदा जिंदगी में दरार आ गई और दोनों अलग-अलग रहने लगे।

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Waheeda Rehman birthday special and he love story with Guru Dutt
Guru dutt - फोटो : Social Media

अब वो वक्त आ गया था कि वहीदा के बिना किसी फिल्म की कल्पना भी नहीं कर पाते थे गुरु दत्त । इस बात का जिक्र उनके दोस्त अबरार अल्बी ने 10 ईयर्स विद गुरु दत्त नाम की किताब में किया है। गुरू दत्त और वहीदा के रिश्तों पर सिर्फ गीता दत्त को ही ऐतराज नहीं था। वहीदा के परिवार के लोग भी नहीं चाहते थे कि वो गुरू दत्त से शादी करें। गुरू दत्त हिंदू थे और वहींदा मुस्लिम, ऐसे में वहीदा को भी इस रिश्ते का कोई भविष्य नजर नहीं आ रहा था। अपना घर बचाने के लिए 1963 में गुरू दत्त ने वहीदा का साथ छोड़ दिया।

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Guru Dutt & Waheeda Rehman - फोटो : Social Media

पत्नी-बच्चों से दूर रहना और वहीदा का साथ छूट जाना गुरु दत्त से ये सब बर्दाश्त नहीं होता था। सहयोगियों के सामने बार बार वो जान देने की बात करते थे। गुरु दत्त अपनी ढाई साल की बेटी से मिलना चाह रहे थे और गीता उसे उनके पास भेजने के लिए तैयार नहीं थीं। उन्होंने नशे की हालत में ही अपनी पत्नी को अल्टीमेटम दिया, बेटी को भेजो वर्ना तुम मेरा मरा हुआ शरीर देखोगी।

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