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किस्सा: जब पाकिस्तान में लड़के छिपकर देखते थे श्रीदेवी की फिल्में, पकड़े जाने में होती थी जेल
एंटरटेनमेंट डेस्क
Published by: कविता गोसाईंवाल
Updated Fri, 29 Oct 2021 09:46 PM IST
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श्रीदेवी
- फोटो : अमर उजाला मुंबई
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बॉलीवुड की पहली महिला सुपरस्टार अभिनेत्री श्रीदेवी आज हम लोगों के बीच नहीं हैं। लेकिन एक्ट्रेस अपनी दमदार फिल्मों के जरिए हमेशा अपने फैंस के बीच जिंदा रहेंगी। श्रीदेवी ने बॉलीवुड में फिल्म 'सोलहवां सावन’ से डेब्यू किया था, जो बुरी तरह फ्लॉप हुई थी। लेकिन इसके बाद एक्ट्रेस ने एक से बढ़कर एक हिट फिल्में दीं, जिसकी वजह से लाखों-करोड़ों लोग उनके दीवाने हो गए थे।
श्रीदेवी ने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही पाकिस्तान में जबरदस्त फैन फॉलोइंग हासिल कर ली थी। इसी वजह से वहां भी फैंस एक्ट्रेस की हर नई फिल्म के रिलीज होने का इंतजार करते थे। लेकिन पाकिस्तान में लोग श्रीदेवी की फिल्में छिप-छिपकर देखा करते थे क्योंकि राष्ट्रपति जनरल जिया-उल-हक के शासन काल में पाकिस्तान में भारत की फिल्में देखना जुर्म माना जाता था। इसी वजह से अगर कोई भी व्यक्ति पाकिस्तान में भारतीय फिल्में देखते हुए पकड़ा जाता था, तो उन्हें सजा भी भुगतनी पड़ जाती थी।
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sridevi
- फोटो : social media
इस बात का खुलासा बीबीसी के पाकिस्तान के पूर्व संवाददाता रहे वुसअतुल्लाह ख़ान ने अपनी रिपोर्ट में किया है। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि, जब वह करांची यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे थे, तब उन्हें एक साल बाद यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में कमरा मिल गया था। यहां पर उन्होंने श्रीदेवी के पोस्टर चिपका रखे थे। उन्होंने ये भी बताया कि, पाकिस्तान में भारतीय फिल्में देखना गैरकानूनी था और पकड़े जाने में तीन से छह महीने की सजा मिलती थी।
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sridevi, amitabh bachchan
- फोटो : social media
वुसअतुल्लाह के मुताबिक, सरकार द्वारा सजा मिलने के बाद भी लड़के मानते नहीं थे। वह कैसे ना कैसे करके श्रीदेवी की फिल्में देख ही लेते थे। वह सभी मिलकर पैसे जोड़ते थे और किराये पर वीसीआर लाते थे, जिसमें एक साथ छह फिल्में देखा करते थे। इन छह फिल्मों में तीन फिल्में सिर्फ श्रीदेवी की होती थीं।
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sridevi, anil kapoor
वुसअतुल्लाह ने बताया कि, ये वो दौर था, जब श्रीदेवी की 'नगीना', 'चांदनी', 'आखिरी रास्ता' और 'मिस्टर इंडिया' जैसी हिट फिल्में रिलीज हुई थीं। वुसअतुल्लाह ने ये भी लिखा कि, पाकिस्तान में भारत की फिल्में बैन थीं, लेकिन कॉलेज के लड़के इसके बावजूद भारतीय फिल्में देखते थे। इतना ही नहीं, इस दौरान वह अपने हॉस्टल के हॉल के सभी दरवाजे और खिड़की खोलकर रखते थे। ताकि आवाज बाहर पुलिस चौकी तक जाए। ऐसा करके वह अपना विरोध जताते थे।
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sridevi cannes
एक समारोह में शामिल होने दुबई गईं श्रीदेवी का बाथटब में डूबने से निधन हो गया था। श्रीदेवी की सफलता के पीछे 'हिम्मतवाला' फिल्म का सबसे बड़ा हाथ है। हिम्मतवाला फिल्म ने ही श्रीदेवी को घर घर में फेमस किया था।
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