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Dara Singh Birth Anniversary: कैसे बने दारा सिंह अपराजेय पहलवान? 'रुस्तम-ए-हिंद' की खुराक कर देगी हैरान
Tue, 19 Nov 2024 10:57 AM IST
सुवेश शुक्ला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: सुवेश शुक्ला
Updated Tue, 19 Nov 2024 10:57 AM IST
सार
Dara Singh Birth Anniversary: दारा सिंह कुश्ती और फिल्म की दुनिया का ऐसा नाम है, जो अमर हो चुका है। पहलवानी में धूल चटाने के बाद दारा सिंह ने फिल्मी पर्दे पर भी अमिट छाप छोड़ी। आइए आज उनकी बर्थ एनिवर्सरी पर जानते हैं उनके जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें…
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दारा सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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आज कुश्ती की दुनिया के महाबली दारा सिंह की बर्थ एनिवर्सरी है। दारा सिंह अपने जमाने के विश्व प्रसिद्ध फ्रीस्टाइल पहलवान थे। उन्हें पहलवानी का शौक बचपन से था। उन्हें जब भी और जहां भी मौका मिला उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी को धूल चटा दी। दारा सिंह का जन्म 19 नवंबर 1928 के दिन पंजाब के अमृतसर स्थित धरमूचक गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम सूरत सिंह रंधावा और मां का बलवंत कौर था। आज इस खास मौके पर हम उनके जीवन के कई पहलुओं पर एक नजर डालते हैं।
दारा सिंह
- फोटो : एक्स @FilmHistoryPic
कब से शुरू हुई कुश्ती की विजय यात्रा
साल 1947 में देश आजाद हो रहा था और दारा सिंह ने सिंगापुर में पहुंचकर मलेशिया के पहलवान के चारो खाने चित्त कर दिए। दारा सिंह ने सिंगापुर में ही हरमान सिंह से कुश्ती की ट्रेनिंग ली थी। उन्होंने 1948-49 के आसपास कुआलालंपुर में तरलोक सिंह को हराया था। इस जीत के साथ ही उन्हें चैम्पियन ऑफ मलेशिया का भी खिताब दिया गया था। इसके बाद पांच वर्षों तक वह दुनियाभर के पहलवानों को धूल चटाते रहे और वर्ष 1954 में कुश्ती चैम्पियन भारतीय कुश्ती के चैंपियन बने। दारा सिंह का दबदबा कुश्ती में इतना था कि उनके सामने अखाड़े में विश्व चैंपियन किंग कॉन्ग भी नहीं टिक पाए थे।
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साल 1947 में देश आजाद हो रहा था और दारा सिंह ने सिंगापुर में पहुंचकर मलेशिया के पहलवान के चारो खाने चित्त कर दिए। दारा सिंह ने सिंगापुर में ही हरमान सिंह से कुश्ती की ट्रेनिंग ली थी। उन्होंने 1948-49 के आसपास कुआलालंपुर में तरलोक सिंह को हराया था। इस जीत के साथ ही उन्हें चैम्पियन ऑफ मलेशिया का भी खिताब दिया गया था। इसके बाद पांच वर्षों तक वह दुनियाभर के पहलवानों को धूल चटाते रहे और वर्ष 1954 में कुश्ती चैम्पियन भारतीय कुश्ती के चैंपियन बने। दारा सिंह का दबदबा कुश्ती में इतना था कि उनके सामने अखाड़े में विश्व चैंपियन किंग कॉन्ग भी नहीं टिक पाए थे।
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दारा सिंह
- फोटो : एक्स @FilmHistoryPic
कुश्ती की जीती हर जंग
विश्व विजेता किंग कॉन्ग को पछाड़ने के बाद दारा सिंह को कनाडा और न्यूजीलैंड के पहलवानों ने खुली चुनौती दे दी, लेकिन दारा सिंह ने कनाडा के चैंपियन जॉर्ज गोडियांको और न्यूजीलैंड के जॉन डिसिल्वा को भी पटखनी दे दी। वह कुश्ती को लेकर इतने महत्वाकांक्षी थे कि एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा था कि जब तक विश्व चैंपियनशिप न जीत लूंगा, तब तक कुश्ती लड़ता रहूंगा। दारा सिंह ने 29 मई 1968 को अमेरिका के विश्व चैंपियन लाऊ थेज को हराकर फ्रीस्टाइल कुश्ती के बादशाह बन गए।
विश्व विजेता किंग कॉन्ग को पछाड़ने के बाद दारा सिंह को कनाडा और न्यूजीलैंड के पहलवानों ने खुली चुनौती दे दी, लेकिन दारा सिंह ने कनाडा के चैंपियन जॉर्ज गोडियांको और न्यूजीलैंड के जॉन डिसिल्वा को भी पटखनी दे दी। वह कुश्ती को लेकर इतने महत्वाकांक्षी थे कि एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा था कि जब तक विश्व चैंपियनशिप न जीत लूंगा, तब तक कुश्ती लड़ता रहूंगा। दारा सिंह ने 29 मई 1968 को अमेरिका के विश्व चैंपियन लाऊ थेज को हराकर फ्रीस्टाइल कुश्ती के बादशाह बन गए।
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दारा सिंह
- फोटो : एक्स @FilmHistoryPic
बने अपराजेय पहलवान
दारा सिंह के बारे में आपको ये जानकर हैरानी होगी कि उन्होंने 500 मुकाबले लड़े और हर किसी में जीत हासिल की। वह एक भी जंग नहीं हारे। साल 1983 में उन्होंने आखिरी मुकाबला लड़ा और पेशेवर कुश्ती को अलविदा कह दिया। दारा सिंह को तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह ने अपराजेय पहलवान के खिताब से नवाजा था।
दारा सिंह के बारे में आपको ये जानकर हैरानी होगी कि उन्होंने 500 मुकाबले लड़े और हर किसी में जीत हासिल की। वह एक भी जंग नहीं हारे। साल 1983 में उन्होंने आखिरी मुकाबला लड़ा और पेशेवर कुश्ती को अलविदा कह दिया। दारा सिंह को तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह ने अपराजेय पहलवान के खिताब से नवाजा था।
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दारा सिंह
- फोटो : एक्स @FilmHistoryPic
दारा सिंह की शारीरिक बनावट
दारा सिंह की शारीरिक बनावट काफी अच्छी थी। वह बलिष्ठ और लंबे-चौड़े शरीर वाले पहलवान थे। दारा सिंह की लंबाई 6 फुट 2 इंच, 130 किलो वजन और 54 इंच छाती थी। दारा सिंह की शारीरिक बनावट के चलते लोग ताकतवर इंसान के लिए उनका नाम कहावत की तरह भी उपयोग करते हैं।
दारा सिंह की शारीरिक बनावट काफी अच्छी थी। वह बलिष्ठ और लंबे-चौड़े शरीर वाले पहलवान थे। दारा सिंह की लंबाई 6 फुट 2 इंच, 130 किलो वजन और 54 इंच छाती थी। दारा सिंह की शारीरिक बनावट के चलते लोग ताकतवर इंसान के लिए उनका नाम कहावत की तरह भी उपयोग करते हैं।