बॉलीवुड में जब भी सच्चे और गहरे रोमांस की बात होती है, तो इम्तियाज अली का नाम उन फिल्ममेकर्स की लिस्ट में आता है जो ऐसी ही फिल्में बनाते हैं। इम्तियाज की कहानियां सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं होतीं, बल्कि रिश्तों की गहराई को बयां करती हैं। उनकी फिल्मों ने एक पूरी पीढ़ी को ये सिखाया है कि प्यार सिर्फ मिलने का नाम नहीं, बल्कि खुद को समझने का जरिया भी हो सकता है। यहां हम बात कर रहे हैं इम्तियाज अली की उन 5 फिल्मों की, जिन्होंने मॉडर्न लव स्टोरीज को एक नया चेहरा दिया।
Imtiaz Ali Birthday: इम्तियाज अली की 5 फिल्में जिन्होंने बदल दी मॉडर्न रोमांस की परिभाषा, पर्दे पर बिखेरा जादू
Imtiaz Ali: बॉलीवुड के बेहतरीन डायरेक्टर्स में से एक इम्तियाज अली आज अपना 54वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनका जन्म 16 जून 1971 को हुआ था। अपने फिल्मी करियर में इम्तियाज ने कई शानदार फिल्में दीं। ऐसे में उनकी कुछ बेहतरीन फिल्मों के बारे में बताते हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लव आज कल (2020)
इम्तियाज की यह फिल्म दो समय की प्रेम कहानियों को एक साथ दिखाती है- एक पुरानी, दूसरी नई। कार्तिक आर्यन और सारा अली खान की जोड़ी के जरिए फिल्म ये बताती है कि समय चाहे कोई भी हो, भावनाओं की तीव्रता और दिल की उलझनें आज भी वैसी ही हैं। इसमें इम्तियाज ने दर्शाया कि तकनीक और सोच चाहे बदल जाए, दिल का मामला आज भी उतना ही जटिल है।
रणबीर कपूर की ये फिल्म एक ऐसे युवक की कहानी है जो प्यार की वजह से एक कलाकार बनता है, लेकिन उसी प्यार का दर्द उसे तोड़ भी देता है। ‘रॉकस्टार’ सिर्फ एक म्यूजिकल फिल्म नहीं, बल्कि आत्मा को झकझोर देने वाली कहानी है। ए.आर. रहमान की जादुई धुनों और इम्तियाज की भावनात्मक गहराई ने इसे बॉलीवुड की सबसे प्रभावशाली फिल्मों में शुमार कर दिया।
करीना कपूर का बबली और बिंदास गीत का किरदार और शाहिद कपूर का शांत आदित्य का रोल, इस फिल्म को अलग लेवल पर ले जाता है। इसकी कहानी न केवल एक लव स्टोरी है, बल्कि दो विपरीत स्वभाव के लोगों की आत्म-खोज की यात्रा है। इसके डायलॉग्स, गाने और कैरेक्टर्स इतने असरदार हैं कि फिल्म आज भी रोमांटिक फिल्मों की लिस्ट में टॉप पर रहती है।
इम्तियाज की पहली फिल्म होने के बावजूद 'सोचा ना था' ने यंग जनरेशन के बीच खास जगह बना ली थी। अभय देओल और आयशा टाकिया की ये कहानी एक ऐसे कपल की है, जो पहले प्यार को नकारते हैं, लेकिन वक्त के साथ उसे महसूस करते हैं। फिल्म में प्यार की सहजता और उलझनों को बड़े ही खूबसूरती से पेश किया गया।