फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Durga Khote: पहली पढ़ी-लिखीं अभिनेत्री, 26 की उम्र में हुईं विधवा; फिर फिल्मों में आकर दुर्गा ने रचा इतिहास

Mon, 22 Sep 2025 07:00 AM IST
कामेश द्विवेदी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: कामेश द्विवेदी Updated Mon, 22 Sep 2025 07:00 AM IST
सार

Durga Khote Death Anniversary: भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ चुनिंदा कलाकारों में दुर्गा खोटे का नाम लिया जाता है। आज सोमवार को उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर जानेंगे उनके ऐतिहासिक सिनेमाई सफर और संघर्ष के बारे में।

विज्ञापन
Durga khote death anniversary know about her life story films and struggles
दुर्गा खोटे - फोटो : अमर उजाला

दुर्गा खोटे सिनेमाई दुनिया का एक ऐसा नाम थीं, जिन्होंने सिर्फ अपने अभिनय से ही नहीं, बल्कि अपने मूल्यों से भी अमिट छाप छोड़ी। उन्हें भारतीय सिनेमा की पहली पढ़ी लिखी अभिनेत्री के रूप में जाना जाता था। इसके साथ ही आज के दर्शक उन्हें 1960 की एपिक ड्रामा हिस्टोरिकल फिल्म 'मुगल-ए-आजम' से जानते हैं। इस फिल्म में दुर्गा खोटे ने सलीम की मां जोधा बाई का किरदार निभाया था। मात्र 26 साल की उम्र में विधवा हो जाने के बाद उन्होंने एक अलग पहचान बनाई। आज 22 सितंबर को दुर्गा खोटे की पुण्यतिथि है। इस खास अवसर पर जानिए उनके प्रेरणादायी जीवन के बारे में।

Durga khote death anniversary know about her life story films and struggles
दुर्गा खोटे - फोटो : एक्स

अमीर और पढ़े-लिखे खानदान में हुआ था जन्म
दुर्गा खोटे का जन्म 14 जनवरी 1905 को एक ब्राह्मण परिवार में गोवा में हुआ था। बचपन में उनका नाम वीटा लाड था। उनके पिता का नाम  पांडुरंग शामराव लाड और माता का नाम मंजुलाबाई था। उनके पिता उस जमाने के जाने माने वकील थे। बाद में गोवा से उनका परिवार मुंबई (बॉम्बे) शिफ्ट हो गया। वह अमीर खानदान से ताल्लुक रखती थीं। साथ ही जिस समय महिलाओ को पढ़ने नहीं दिया जाता था उस समय उन्होंने मुंबई के कैथेड्रल हाई स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा और सेंट जेवियर्स कॉलेज से ग्रेजुएशन किया।

Durga khote death anniversary know about her life story films and struggles
दुर्गा खोटे - फोटो : एक्स

26 साल में हो गई थीं विधवा
शिक्षा प्राप्त करने के दौरान कॉलेज में किशोरावस्था में ही, उन्होंने खोटे परिवार में विवाह कर लिया और अपने पति विश्वनाथ खोटे के साथ घर बसा लिया। लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था दुर्गा 26 साल की उम्र में ही विधवा हो गईं। उस समय अभिनेत्री के दो छोटे बच्चे बकुल और हरिन थे। पति की मृत्यु के बाद परिस्थितियों ने उन्हें बच्चों की परवरिश और घर चलाने के लिए काम करने पर मजबूर किया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Durga khote death anniversary know about her life story films and struggles
दुर्गा खोटे - फोटो : एक्स

फिल्मों में रखा कदम
दुर्गा खोटे पढ़ी-लिखी थी, इसलिए उन्होंने ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया। इसके बाद दुर्गा खोटे की बहन शालिनी के एक परिचित जे वी एच वाडिया अपनी फिल्म में एक रोल के लिए किसी नए चेहरे की तलाश कर रहे थे, तो उन्होंने अपनी बहन दुर्गा का नाम सुझाया। इसके बाद ऑडिशन में दुर्गा पास हो गईं और उन्होंने पहली बार साल 1931 में मूक फिल्म 'फरेबी जाल' से अपने सिनेमाई करियर की शुरआत की। उनकी पहली फिल्म की एक्टिंग से वी शांताराम बहुत प्रभावित हुए और उन्होंने अपनी फिल्म 'आयोध्याचा राजा' में तारामती का किरदार उन्हें दे दिया। इस फिल्म के बाद दुर्गा खोटे स्टार बन गई। फिर उन्होंने एक से बढ़कर एक फिल्मों में काम किया। आपको बताते चलें कि ये मराठी सिनेमा की पहली बोलती फिल्म थी। फिल्म मराठी और हिंदी भाषा में बनाई गई थी, उस समय भारत की पहली दो भाषाओं में बनी ये पहली फिल्म थी।

विज्ञापन
Durga khote death anniversary know about her life story films and struggles
दुर्गा खोटे - फोटो : एक्स

डायरेक्टर और प्रोड्यूसर के रूप में किया काम
साल 1936 में रिलीज हुई फिल्म ‘अमर ज्योति’ में दुर्गा खोटे ने समुद्री डाकू सौदामिनी का यादगार किरदार निभाया। यही वह पहली भारतीय फिल्म थी जिसका प्रीमियर वेनिस फिल्म फेस्टिवल में हुआ। इसके बाद उन्होंने साल 1937 में फिल्म ‘साथी’ का निर्माण और निर्देशन किया, और इस तरह वे एक साथ प्रोड्यूसर और डायरेक्टर बनने वाली पहली भारतीय अभिनेत्री बनीं।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Entertainment news in Hindi related to bollywood, television, hollywood, movie reviews, etc. Stay updated with us for all breaking news from Entertainment and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed