हिंदी सिनेमा को फिर से नई संजीवनी मिल गई है। सोचा तो यही जा रहा था कि हिंदी सिनेमा का भला इस साल की सबसे बड़े बजट की फिल्म ‘आदिपुरुष’ से होगा, लेकिन जो काम निर्देशक ओम राउत की ये बहुचर्चित फिल्म नहीं कर पाई, उसे दक्षिण के निर्देशक एटली और अरसे से एक हिट की तलाश में भटक रहे निर्देशक अनिल शर्मा की फिल्म ‘गदर 2’ और उससे पहले सिद्धार्थ आनंद की फिल्म ‘पठान’ ने पूरा कर दिया है। जी हां, हिंदी सिनेमा फिर से ताल ठोककर मैदान में खड़ा हो गया है और दो साल पहले इसकी साउथ सिनेमा के सामने जो हालत थी, उसका भी हिसाब इसने इस साल के पहले नौ महीनों में ही चुकता कर दिया है।
Bye Bye South Cinema: शाहरुख, सनी ने लहराया सबसे ऊंचा परचम, हिंदी के आधे तक भी नहीं पहुंच पाया तेलुगु सिनेमा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारतीय फिल्म जगत में कभी सबसे आगे रहा हिंदी सिनेमा दो साल पहले दक्षिण भारतीय फिल्मों से पिटने लगा तो पूरे देश में हिंदी सिनेमा बनाम साउथ सिनेमा की बहस शुरू हो गई। हिंदी सिनेमा के दिग्गज सितारे दक्षिण की तरफ भागते दिखे। लेकिन, इसका डीएनए पकड़ा यशराज फिल्म्स से निर्माता आदित्य चोपड़ा ने। आदित्य ने विश्व सिनेमा पर गौर करने के बाद ये समझा कि अब एक्शन फिल्मों का दौर है और वह भी ऐसी एक्शन फिल्में जिन्हें देखने का असली मजा बड़े परदे पर ही आ सके। शुरुआत साल की उन्होंने की फिल्म ‘पठान’ से और समापन वह करने जा रहे हैं फिल्म ‘टाइगर 3’ से।
नंबर वन बना हिंदी सिनेमा
शाहरुख खान, दीपिका पादुकोण और जॉन अब्राहम स्टारर फिल्म ‘पठान’ ने हिंदी सिनेमा में कमाई की जो सुनामी चलाई, वह अब तक थमी नहीं है। सनी देओल, अमीषा पटेल, उत्कर्ष शर्मा, सिमरत कौर और मनीष वाधवा स्टारर ‘गदर 2’ ने इस कामयाबी पर केसरिया रंग चढ़ाया। और, कामयाबी के इस तिरंगे का तीसरा रंग पूरा हुआ फिल्म ‘जवान’ की कामयाबी से। भारतीय सिनेमा में इस साल अब तक कुल 150 फिल्में रिलीज हो चुकी हैं और साल की तीसरी तिमाही तक इन फिल्मों से कुल 7122.53 करोड़ रुपये की नेट कमाई घरेलू बॉक्स ऑफिस पर हो चुकी है। और इसमें नंबर वन पर फिर से पहुंच चुका है हिंदी सिनेमा।
इस साल रिलीज हुई तीन ब्लॉकबस्टर और इतनी ही हिट फिल्मों की बदौलत हिंदी सिनेमा ने साल 2023 में एक बार फिर भारतीय सिनेमा के कारोबार में अपना दबदबा कायम कर लिया है। साल की तीसरी तिमाही तक देश के सारे सिनेमाघरों में रिलीज सारी फिल्मों की कुल 7122.53 करोड़ रुपये की नेट कमाई में सबसे ज्यादा 3451.95 करोड़ रुपये का योगदान हिंदी फिल्मों का रहा है। तेलुगु सिनेमा इस साल इसके आधे तक भी नहीं पहुंच सका है।
तेलुगु और तमिल सिनेमा की कमाई
हिंदी की 79 फिल्मों के मुकाबले इस साल तेलुगु की अब तक 80 फिल्में रिलीज हो चुकी हैं, लेकिन इन फिल्मों से तेलुगु सिनेमा की कुल नेट कमाई साल की तीसरी तिमाही तक सिर्फ 1301.05 करोड़ रुपये ही हो सकी है। तमिल सिनेमा की कमाई 71 फिल्मों से 1200.53 करोड़ रही। मलयालम सिनेमा ने साल के पहले नौ महीनों में 37 फिल्मों से 285.01 करोड़ रुपये कमाए हैं। कन्नड़ सिनेमा का हाल इस साल सबसे ज्यादा खराब रहा है और इसकी कुल रिलीज 20 फिल्मों से घरेलू बॉक्स ऑफिस पर सिर्फ 125.81 करोड़ रुपये की कमाई साल की तीसरी तिमाही के अंत तक हो सकी है। अन्य भाषाओं की हॉलीवुड फिल्मों को मिलाकर कमाई भी मुश्किल से इतनी नहीं है कि सिर्फ तमिल और तेलुगु फिल्मों का मुकाबला कर सके।
सिनेमाघरों में अब तक रिलीज 150 भारतीय फिल्मों का गणित
सिनेमा
फिल्में
कमाई (करोड़ रु.में)
प्रतिशत
सभी भाषाएं
150
7122.53
100
हिंदी
79
3451.95
48
तेलुगु
80
1301.05
18
तमिल
71
1200.53
16
मलयालम
37
285.01
4
कन्नड़
20
125.81
2