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Mary Millben: मैरी मिलबेन ने चिन्मय कृष्ण की गिरफ्तारी को बताया दुखद, हिंदुओं पर हो रहे हमलों पर जताई चिंता
Thu, 28 Nov 2024 08:04 AM IST
अंजू बाजपेई
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: अंजू बाजपेई
Updated Thu, 28 Nov 2024 08:04 AM IST
सार
Mary Millben On Chinmoy Krishna Das: अमेरिकी गायक मैरी मिलबेन ने बीते बुधवार को बांग्लादेश में इस्कॉन के पुजारी चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी पर चिंता जताते हुए चरमपंथियों द्वारा हिंदुओं पर हो रहे हमलों के खिलाफ आवाज उठाने को कहा है।
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मैरी मिलबेन
- फोटो : इंस्टाग्राम@marymillben
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मैरी जोरी मिलबेन एक अमेरिकी गायिका, अभिनेत्री और मीडिया पर्सनालिटी हैं। मैरा ने लगातार चार अमेरिकी राष्ट्रपतियों के लिए प्रदर्शन किया है, जिसमें जॉर्ज डब्ल्यू बुश, बराक ओबामा, डोनाल्ड ट्रम्प और जो बिडेन शामिल हैं। मैरी जेएमडीई एंटरप्राइजेज, इनकॉर्पोरेटेड की संस्थापक और सीईओ हैं। ओक्लाहोमा सिटी में जन्मी मैरी ने बांग्लादेश में इस्कॉन पुजारी चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी पर अपनी चिंता व्यक्त की है।
मैरी मिलबेन
- फोटो : इंस्टाग्राम@marymillben
मैरी मिलबेन ने चिन्मय को लेकर जताई चिंता
अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने बांग्लादेश में इस्कॉन पुजारी चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी पर अपनी चिंता जताते हुए वैश्विक नेताओं से अपील की है कि वे देश में हिंदुओं और अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को रोकने के लिए कदम उठाएं। उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता और सभी धर्मों की सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया।
अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने बांग्लादेश में इस्कॉन पुजारी चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी पर अपनी चिंता जताते हुए वैश्विक नेताओं से अपील की है कि वे देश में हिंदुओं और अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को रोकने के लिए कदम उठाएं। उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता और सभी धर्मों की सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया।
मैरी मिलबेन
- फोटो : इंस्टाग्राम@marymillben
मैरी मिलबेन का पोस्ट
मैरी मिलबेन ने चिंता जताते हुए एक्स पर पोस्ट किया, ''चिन्मय कृष्ण दास की कैद और बांग्लादेश में चरमपंथियों द्वारा हिंदुओं और बाकी अल्पसंख्यकों पर लगातार हो रहे हमलों को अब विश्व नेताओं को संबोधित करना चाहिए। हमें धार्मिक स्वतंत्रता और विश्व स्तर पर सभी आस्थावान लोगों की सुरक्षा को बनाए रखना चाहिए।''
मैरी मिलबेन ने चिंता जताते हुए एक्स पर पोस्ट किया, ''चिन्मय कृष्ण दास की कैद और बांग्लादेश में चरमपंथियों द्वारा हिंदुओं और बाकी अल्पसंख्यकों पर लगातार हो रहे हमलों को अब विश्व नेताओं को संबोधित करना चाहिए। हमें धार्मिक स्वतंत्रता और विश्व स्तर पर सभी आस्थावान लोगों की सुरक्षा को बनाए रखना चाहिए।''
The imprisonment of Chinmoy Krishna Das and the continued attacks against Hindus and other minorities by extremist in Bangladesh must be addressed now by world leaders. We must preserve religious freedom, and the safety of all people of faith globally. #ReleaseChinmoyKrishnaDas pic.twitter.com/0zvk6i1Sti
— Mary Millben (@MaryMillben) November 27, 2024
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Chinmoy Krishna Das
- फोटो : एक्स/@saddam1971
क्या है पूरा मामला
चिन्मय कृष्ण दास को बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज के साथ एक स्टैंड पर झंडा फहराने के आरोप में राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें जमानत नहीं दी गई और वे हिरासत में हैं, जिससे उनकी रिहाई की मांग उठी है। इसके अलावा, बांग्लादेश में इस्कॉन पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक याचिका दायर की गई है, जिसमें इसे 'उग्रवादी संगठन' करार दिया गया है जो साम्प्रदायिक अशांति फैलाता है। याचिका में इस्कॉन पर धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से हिंसा भड़काने, पारंपरिक हिंदू समुदायों पर अपने विश्वास थोपने और निचली हिंदू जातियों से जबरन सदस्य बनाने का आरोप लगाया गया है। इसमें यह भी दावा किया गया है कि इस्कॉन सनातन मंदिरों पर कब्जा कर रहा है और भारतीय मीडिया के साथ मिलकर देश को अस्थिर कर रहा है।
चिन्मय कृष्ण दास को बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज के साथ एक स्टैंड पर झंडा फहराने के आरोप में राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें जमानत नहीं दी गई और वे हिरासत में हैं, जिससे उनकी रिहाई की मांग उठी है। इसके अलावा, बांग्लादेश में इस्कॉन पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक याचिका दायर की गई है, जिसमें इसे 'उग्रवादी संगठन' करार दिया गया है जो साम्प्रदायिक अशांति फैलाता है। याचिका में इस्कॉन पर धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से हिंसा भड़काने, पारंपरिक हिंदू समुदायों पर अपने विश्वास थोपने और निचली हिंदू जातियों से जबरन सदस्य बनाने का आरोप लगाया गया है। इसमें यह भी दावा किया गया है कि इस्कॉन सनातन मंदिरों पर कब्जा कर रहा है और भारतीय मीडिया के साथ मिलकर देश को अस्थिर कर रहा है।
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मैरी मिलबेन
- फोटो : इंस्टाग्राम@marymillben
इस्कॉन
इस्कॉन का मतलब इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शसनेस है, जो एक धार्मिक संगठन है जो भगवान कृष्ण की शिक्षाओं का पालन करता है। इसे हरे कृष्ण आंदोलन के नाम से भी जाना जाता है। इस्कॉन बांग्लादेश ने गिरफ्तारी की निंदा करते हुए सरकार से सनातनी समुदाय के लिए शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने की अपील की है।
इस्कॉन का मतलब इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शसनेस है, जो एक धार्मिक संगठन है जो भगवान कृष्ण की शिक्षाओं का पालन करता है। इसे हरे कृष्ण आंदोलन के नाम से भी जाना जाता है। इस्कॉन बांग्लादेश ने गिरफ्तारी की निंदा करते हुए सरकार से सनातनी समुदाय के लिए शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने की अपील की है।