भारतीय सिनेमा में सस्पेंस और थ्रिलर जॉनर का एक खास दर्शक वर्ग रहा है। इस विधा में कई निर्देशकों ने अपना नाम कमाया है। उन्होंने दर्शकों को रोमांच से भरपूर फिल्में दी हैं। इनमें श्रीराम राघवन, नीरज पांडे, निशिकांत कामत और सुजॉय घोष प्रमुख नाम हैं। ये चारों निर्देशक अपने अनोखे कहानी कहने के अंदाज और जटिल कहानियों के लिए जाने जाते हैं।
Directors: सस्पेंस थ्रिलर फिल्मों के लिए जाने जाते हैं ये निर्देशक, ट्विस्ट ऐसा कि कुर्सी नहीं छोड़ पाते दर्शक
भारतीय सिनेमा में सस्पेंस और थ्रिलर जॉनर का एक खास दर्शक वर्ग रहा है। इस विधा में कई निर्देशकों ने अपना नाम कमाया है। उन्होंने दर्शकों को रोमांच से भरपूर फिल्में दी हैं। इनमें श्रीराम राघवन, नीरज पांडे, निशिकांत कामत और सुजॉय घोष प्रमुख नाम हैं। ये चारों निर्देशक अपने अनोखे कहानी कहने के अंदाज और जटिल कहानियों के लिए जाने जाते हैं।
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श्रीराम राघवन
श्रीराम राघवन भारतीय सस्पेंस थ्रिलर फिल्मों के मास्टर माने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ही सस्पेंस वाले सिनेमा से की थी। उनकी फ़िल्म 'एक हसीना थी' ने दर्शकों को यह दिखाया कि वह किस हद तक सस्पेंस और प्रतिशोध की कहानी को दिलचस्प तरीके से पेश कर सकते हैं। इसके बाद उन्होंने 'जॉनी गद्दार' में ट्रेजेडी और सस्पेंस के मेल को बखूबी दिखाया। राघवन की सबसे चर्चित फिल्म 'अंधाधुन' रही है, जिसने उन्हें दर्शकों के बीच सबसे ज्यादा पहचान दिलाई। इस फिल्म में उन्होंने सस्पेंस और डार्क ह्यूमर को इतनी खूबसूरती से बुना कि यह एक मास्टरपीस बन गई।
नीरज पांडे
नीरज पांडे की फिल्मों में सस्पेंस के साथ-साथ वास्तविक जीवन के घटनाक्रम और थ्रिल का अनोखा मिश्रण देखने को मिलता है। उनकी पहली फिल्म 'अ वेडनेसडे' ने उन्हें एक शानदार कहानीकार के रूप में स्थापित किया। फिल्म की कहानी में सस्पेंस को जिस तरीके से पेश किया गया है, वह दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देती है। इसके बाद आई 'स्पेशल 26' एक और बढ़िया थ्रिलर फिल्म थी, जो असल जिंदगी की घटनाओं पर आधारित थी। पांडे की फिल्म 'बेबी' भी काफी चर्चित रही है, जिसमें उन्होंने सस्पेंस, थ्रिल और देशभक्ति की भावनाओं का बेहतरीन संयोजन किया।
सुजॉय घोष
सुजॉय घोष सस्पेंस थ्रिलर फिल्मों में अपने अनोखे दृष्टिकोण और पटकथा के लिए जाने जाते हैं। उनकी फिल्म 'कहानी' एक मील का पत्थर मानी जाती है, जिसमें विद्या बालन ने प्रमुख भूमिका निभाई हैं। फिल्म की कहानी और प्लॉट ट्विस्ट ने दर्शकों को हिला कर रख दिया था। घोष ने दिखाया कि कैसे एक महिला प्रधान फिल्म में भी सस्पेंस और थ्रिल को बेहद खूबसूरती से गढ़ा जा सकता है। 'कहानी 2' और 'बदला' जैसी फिल्मों में भी घोष ने सस्पेंस और थ्रिल के नए आयाम दिखाए।
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निशिकांत कामत
निशिकांत कामत की फिल्मों में भी कमाल का सस्पेंस और थ्रिलर देखने को मिलता है। उनकी सबसे प्रसिद्ध फिल्म 'दृश्यम' है। हालांकि, ये एक रीमेक फिल्म है। कामत की अन्य फिल्में जैसे 'फोर्स' और 'रॉकी हैंडसम' भी थ्रिलर जॉनर में उनके कौशल को दर्शाती हैं। उनकी फिल्मों में किरदारों की गहराई और सस्पेंस दर्शकों को झकझोर कर रख देते हैं।
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