Stage Censor Board: मंचीय प्रस्तुतियों को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने जारी किया अलर्ट, मंचन से पहले सेंसर जरूरी
Stage Censor Board: महाराष्ट्र सरकार ने ऐसे सारे कार्यक्रमों पर नजर रखने के लिए रंगभूमि परिनिरीक्षण मंडल को नए सिरे से निर्देश जारी किए हैं, जहां टिकट बेचकर मंचीय कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
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जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र सरकार ने ऐसे सारे कार्यक्रमों पर नजर रखने के लिए रंगभूमि परिनिरीक्षण मंडल को नए सिरे से निर्देश जारी किए हैं, जहां टिकट बेचकर मंचीय कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। अवैध तरीके से टिकट वसूल कर आयोजित होने वाले ऐसे तमाम शोज में अभद्र भाषा के प्रयोग पर सरकार की पैनी नजर है। सरकार का मानना है कि ऐसे शोज नई पीढ़ी को न सिर्फ मानसिक रूप से दूषित कर रहे हैं, बल्कि ऐसे शोज देखने के बाद तमाम किशोर ऐसी भाषा अपने समाज में भी प्रयोग करने लगते हैं। सर्वोच्च न्यायालय ने भी हाल ही में आए एक मामले को लेकर सख्त टिप्पणी की है।
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महाराष्ट्र का रंगभूमि परिनिरीक्षण मंडल राज्य में होने वाले सारे मंचीय कार्यक्रमों की निगरानी रखता है। रंगमंच के प्रतिष्ठित निर्देशक ओम कटारे बताते हैं कि ऐसा आमतौर पर मंचीय प्रस्तुतियों को दर्शक वर्ग के अनुसार प्रमाणन देने के लिए होता रहा है। अगर कोई नाटक सिर्फ बच्चों के लिए तो उसका प्रमाणन अलग होता है, पूरे परिवार के योग्य नाटकों को अलग प्रमाणन मिलता है और केवल वयस्कों के लिए होने वाली मंचीय प्रस्तुतियों को इसकी जानकारी प्रेक्षागृह के सूचना पट पर चिपकानी होती है।
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लेकिन, इन सरकारी कायदे कानूनों को पहले से तैयार पटकथा के अनुसार ही मंचन करने वाले तमाम स्टैंडअप कॉमेडियन ने हवा में उड़ा दिया है। ‘इंडियाज गॉट लैटेंट’ शो को लेकर मचे हंगामे के बीच महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार को भी ऐसी तमाम शिकायतें मिली हैं जिनमें मंचीय प्रस्तुतियों में अभद्र भाषा का इस्तेमाल होता मिला है। स्टैंड अप कॉमेडियन अनुभव सिंह बस्सी का लखनऊ में प्रस्तावित शो इसी के चलते वहां के महिला आयोग की आपत्ति के बाद निरस्त कर दिया गया। महाराष्ट्र में भी इस पर नजर रखने के लिए खास निर्देशक शेलार ने दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र में रंगभूमि परिनिरीक्षण मंडल की अनुमति लिए बिना मंचीय प्रस्तुतियां करने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की रूपरेखा भी बननी शुरू हो चुकी है। अब ऐसे सारे कार्यक्रमों की जांच की जाएगी और अगर किसी कार्यक्रम में सामाजिक रूप से अस्वीकार्य भाषा का इस्तेमाल होता मिला तो आयोजकों व प्रस्तुतकर्ता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस बारे में सरकार ने स्थानीय अभिसूचना इकाई को भी सतर्क रहने को कहा है।
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