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Movie Review: गम भुलाने के लिए जरूर देखें 'गोलमाल अगेन'

रवि बुले Updated Sat, 21 Oct 2017 07:38 AM IST
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MOVIE REVIEW OF GOLMAAL AGAIN A MUST WATCH FILM

निर्माता-निर्देशकः रोहित शेट्टी


सितारेः अजय देवगन, अरशद वारसी, तुषार कपूर, श्रेयस तलपदे, कुणाल खेमू, तब्बू, परिणीति चोपड़ा, प्रकाश राज, नील नितिन मुकेश
रेटिंग ***

लॉजिक नहीं, मैजिक देखें। गोलमाल फ्रेंचाइजी की चौथी फिल्म में रोहित शेट्टी दर्शकों से यही अपील कर रहे हैं। इसी कारण फिल्म में तीन बार यह संवाद दोहराया गया कि जब गॉड की मर्जी होती है तो लॉजिक नहीं मैजिक चलता है। इस मल्टीस्टारर फिल्म में रोहित ने सितारों की फौज के सहारे हंसी को धार देने की कोशिश की है। कहानी में भले मैजिक नहीं दिखेगा परंतु छोटे-छोटे पलों में रोहित जरूर जादू पैदा करते हुए हंसाते हैं।

दिवाली के मौके पर गोलमाल अगेन बिना दिमाग को तकलीफ दिए देखी जा सकती है। महंगाई की मार से फीकी पड़ी दीवाली के मौसम में फिल्म के टिकटों में भले ही राहत नहीं है लेकिन गोलमाल अगेन कुछ देर के लिए जमाने के गम भुलाती हुई पैसा वसूल वाला फील देती है।

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Movie Review: गम भुलाने के लिए जरूर देखें 'गोलमाल अगेन'

MOVIE REVIEW OF GOLMAAL AGAIN A MUST WATCH FILM

कहानी में पांच नायक उस अनाथालय को एक बिल्डर के हाथों में जाने से बचाने की जी-जान से कोशिश कर रहे हैं, जहां बचपन में उन्हें आसरा मिला। अनाथालय के मालिक की मौत हो चुकी है और पता चलता है कि यह हत्या है। इसी तरह कभी जिस अनाथ बच्ची को पांचों ने मिलकर पाला था, वह भी त्रासदी की शिकार हुई है।

अनाथ बच्चों का बंगला खाली कराने में लगे विलेन और बंगले को बचाने में लगी कहानियां पहले भी फिल्मों में आई हैं। इनका अंत सबको पता है। रोहित ने इसमें भुतहा एंगिल जोड़ा है, जो इसे रोचक बनाता है। 

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Movie Review: गम भुलाने के लिए जरूर देखें 'गोलमाल अगेन'

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गोपाल (अजय देवगन) को भूतों से इतना डर लगता है कि वह शाम ढले घर से भी नहीं निकलता। माधव (अरशद), लक्ष्मण (कुणाल) और लकी (तुषार) इसका फायदा बार-बार उठाते हैं। कौन भूत है, क्यों भूत बना और क्या चाहता है? कहानी इन सवालों को लेकर बढ़ती है। तब्बू ऐसी युवती के किरदार में हैं जिसे भूत नजर आते हैं और वह भूतों की समस्याएं सुलझाती है।

सारा ताना-बाना हंसी के पुट के साथ बुना है। डराने का उद्देश्य कहीं नहीं है। फिल्म के पहले हिस्से में गुदगुदाने वाले भरपूर क्षण है, जबकि दूसरे में भूत का रहस्य खोला गया है। विलेन अपने किए की सजा पाते हैं। यह अलग बात है कि इस मामले में नायकों को आखिर में हीरो टाइप की ऊंचाई नहीं मिलती। 

Movie Review: गम भुलाने के लिए जरूर देखें 'गोलमाल अगेन'

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अजय, अरशद, श्रेयस, कुणाल, तुषार के बीच तब्बू और परिणीति चोपड़ा अपने किरदारों में निखरी हैं। परिणीति अपनी पिछली फिल्मों के विपरीत कम बोली हैं, इसलिए अच्छी लगी हैं। नील नितिन मुकेश प्रभावित नहीं करते। वह हीरो रह नहीं गए हैं और विलेन लगते नहीं। वह कमजोर कड़ी हैं। रोहित ने आंखों को सुहाने वाले रंग-बिरंगे अंदाज में फिल्म बनाई है। कैमरावर्क अच्छा और संपादन कसा है। भुतहा ट्रेक में कुछ बातों के दोहराव के बावजूद फिल्म बिखरी नहीं।

सभी एक्टरों की कॉमिक टाइमिंग बढ़िया है। संजय मिश्रा और मुकेश तिवारी के किरदारों में विविधता और विस्तार फिल्म को ज्यादा रोचक बना सकते थे। अच्छे संगीत की कमी खटकती है। अगर इन बातों को नजरअंदाज कर दें और आप गोलमाल सीरीज की फिल्मों के फैन हैं तो यह भी पसंद आएगी।

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