कलाकार: संजय दत्त, जैकी श्रॉफ, चंकी पांडे, अली फजल, सत्यजीत दुबे, मनीषा कोइराला और अमायरा दस्तूर आदि।
निर्देशक: देवा कट्टा
निर्माता: मान्यता दत्त
सात साल हो गए संजय दत्त को बड़े पर्दे पर कांचा चीना बनकर तबाही मचाए हुए। उसके बाद से संजय दत्त की दशा और दिशा हिंदी सिनेमा में लगातार बिगड़ती रही है। वह लंबे समय से भ्रमित रहे हैं कि हिंदी सिनेमा में उनकी जगह बची कहां हैं? भूमि के अरुण बनकर देख लिया, 'साहब बीवी और गैंगस्टर 3' का उदय प्रताप सिंह बनकर देख लिया। 'कलंक' का बलराज चौधरी भी लोगों को नहीं जमा। अब बारी 'प्रस्थानम' के बलदेव प्रताप सिंह की है और नतीजा कोई खास अलग रहने वाला दिखता नहीं।
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Sanjay Dutt
- फोटो : Amar Ujala, Mumbai
सियासत और सिनेमा का जितना करीबी रिश्ता संजय दत्त ने देखा है, सिनेमा में कम ही लोगों ने देखा होगा। नौ साल पुरानी तेलुगू फिल्म के रीमेक प्रस्थानम इसके बावजूद सियासत पर बनी एक अधकचरी फिल्म लगती है। निर्देशक देवा कट्टा की ये कहानी एक पिता की दो ऐसी संतानों के महाभारत की कहानी है, जो किसी की सुनते नहीं हैं। फिल्म की कहानी उत्तर प्रदेश की है और देवा कट्टा को यूपी के स्थानीय रीति रिवाजों और वहां की भाषा का कुछ पता भी है, फिल्म देखकर नहीं लगता।
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Sanjay Dutt
- फोटो : amar ujala mumbai
संजय दत्त ने खुद को लीड हीरो के तौर पर स्थापित करने की अपनी ही बनाई इस फिल्म में पुरजोर कोशिश की है। वह प्रभावित भी करते हैं लेकिन जमाना बदल चुका है, ये बात संजय दत्त को भी समझ आने लगी है। तभी वह अब पृथ्वीराज चौहान, शमशेरा, पानीपत, सड़क 2 और भुज जैसी फिल्मों में अपनी जगह तलाशने में लगे हैं। फिल्म की सबसे कमजोर कड़ी इसकी कहानी है और किरदारों का बिखराव है। जैकी श्रॉफ पहले ही कह चुके हैं ये फिल्म उन्होंने दोस्ती के नाते की। पर वह खूब जमे हैं। चंकी पांडे का किरदार भी असर छोड़ता है।
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Sanjay Dutt
- फोटो : amar ujala mumbai
बाकी अली फजल और सत्यजीत दुबे को इस फिल्म से करियर बनाने में कोई मदद मिलती दिखती नहीं। मनीषा कोइराला बस सिनेमा इसलिए कर रही हैं कि कोई तो है जो उन्हें काम करने के लिए बुला ले रहा है। अमायरा दस्तूर का किरदार फिल्म में भरती का लगता है, उसकी जरूरत ही नहीं है कहीं कहानी में।
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Sanjay Dutt
- फोटो : social media
बेकार ही जोड़े गए हैं जैसे आयुष के लव इंट्रेस्ट का रोल जो अमायरा दस्तूर ने निभाया है। मनीषा कोइराला का किरदार महत्वपूर्ण है लेकिन उसे कम स्क्रीन स्पेस दिया गया है। बलदेव के ड्राइवर बादशाह के रोल में जैकी श्रॉफ जमते हैं, लेकिन उनके किरदार को भी पूरी तरह बढ़ने नहीं दिया गया है। फिल्म के गाने भी इस कमजोर फिल्म की मदद नहीं कर पाते। अमर उजाला मूवी रिव्यू में फिल्म प्रस्थानम को मिलते हैं दो स्टार।
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