बाइस्कोप: कैमरे के सामने असली मोहब्बत कर बैठे कमल हासन और सारिका, दिलीप कुमार ने ठुकरा दिया अहम रोल
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कमल हासन और सारिका की मोहब्बत का दस्तावेज
‘राज तिलक’ में ये टोली रही कमल हासन और सारिका वाली। कमल हासन तब 30 साल के हो रहे थे और सारिका रही होंगी कोई 24 की। दोनों एक तमिल फिल्म पहले भी साथ साथ कर चुके थे, ‘टिक टिक टिक’ जिसमें सारिका ने मिस इंडिया का स्पेशल रोल किया और कमल हासन बने एक ऐसे फोटोग्राफर जिस पर खूबसूरत लड़कियों के कत्ल का शक होने लगता है। साल 1981 में बनी फिल्म ‘टिक टिक टिक’ से साल 1984 में रिलीज हुई फिल्म ‘राज तिलक’ तक आते आते कमल हासन और सारिका की मोहब्बत अपने पूरे शबाब पर थी। दो साल बाद 1986 में श्रुति हासन का जन्म हुआ और उसके दो साल बाद यानी 1988 में अपनी पहली पत्नी वाणी गणपति से तलाक लेने के बाद कमल हासन ने सारिका से शादी कर ली।
राज कुमार कोहली निर्देशित ‘राज तिलक’ कमल हासन और सारिका की छोटी बेटी अक्षरा हासन की सबसे पसंदीदा फिल्म रही है। पसंदीदा फिल्म ये लाखों उन लोगों की भी है जो राजकुमार, धर्मेंद्र, सुनील दत्त, कमल हासन, हेमा मालिनी, रीना रॉय, रंजीता, योगिता बाली, रजा मुराद, राज किरन, अजीत, ओम प्रकाश, सारिका और प्राण के प्रशंसक रहे। ये तो बस वे कलाकार हैं जिन्हें शायद आज की पीढ़ी भी पहचान लेती है, इसके अलावा फिल्म में दर्जन भर और कलाकार भी हैं जो तब के समय में नामचीन हुआ करते थे। श्रुति हासन से उनकी पसंदीदा फिल्मों पर बात किए हुए अरसा हो गया। ये बातचीत याद इसलिए फिर से हो आई क्योंकि तब अपनी पसंदीदा फिल्में गिनाते हुए उन्होंने ‘राज तिलक’ का भी जिक्र किया था।
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इसलिए बनी अक्षरा की पसंदीदा फिल्म
फिल्म ‘राज तिलक’ के बारे में श्रुति हासन कहती हैं, ‘मेरी मां को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार दिलाने वाली फिल्म ‘परजानिया’ मेरी पसंदीदा फिल्म मां के हिसाब से है। डैडी की ‘नायकन’ और ‘चाची 420’ मेरी फेवरिट हैं। लेकिन, अगर आप दोनों की एक साथ की हुई पिक्चर के बारे में पूछेंगे तो मेरा जवाब होगा, ‘राज तिलक’। ये फिल्म मैंने सैकड़ों बार सिर्फ ये देखने के लिए देखी है कि उन दोनों का रोमांस कैमरे के सामने कैसे लगता है। ये फिल्म अगर आप फिर से देखें और इस बार इस नजरिये से देखें कि उन दिनों दोनों प्यार में गहरे तक डूबे हुए थे तो आपको मेरी बात का असर समझ आएगा।’
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कमल हासन की दूसरी कमबैक फिल्म
अक्षरा हासन के कहने पर भी और वैसे भी आप फिल्म ‘राज तिलक’ में हुए इस करिश्मे को देख सकते हैं। इसी साल जीतेंद्र, श्रीदेवी और जया प्रदा की फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर हंगामा बरपा किया हुआ था। ‘तोहफा’, ‘मकसद’ और ‘शराबी’ जैसी फिल्मों के बीच ‘राज तिलक’ ने भी बॉक्स ऑफिस पर बंपर कमाई की। कुछ तो अपने निर्देशक की शान के चलते, कुछ फिल्म के मल्टीस्टारर लुक के चलते और कुछ कमल हासन की नई नई लोकप्रियता के चलते। कमल हासन ने युवाओं की पूरी एक जमात को तब अपना दीवाना कर लिया था, ये अलग बात है कि ‘एक दूजे के लिए’ के बाद उन्होंने ‘सनम तेरी कसम’, ‘ये तो कमाल हो गया’ और ‘जरा सी जिंदगी’ में फ्लॉप की हैट्रिक बनाई और उन तमाम चाहने वालों का दिल तोड़ा जो हर बार उनसे कुछ नए की उम्मीद लेकर फिल्म देखने जाते रहे। दो फिल्मों के फ्लॉप होने के बाद कानपुर की निगार टॉकीज में फिल्म ‘जरा सी जिंदगी’ के पहले दिन पहले शो का हाल ये था कि पूरी बालकनी में दर्जन भर लोग भी नहीं बैठे थे। हिंदी सिनेमा में ‘राज तिलक’ कमल हासन की दूसरी कमबैक फिल्म है। उनकी पहली कमबैक फिल्म पहली फ्लॉप की हैट्रिक के बाद थी ‘सदमा’ और ‘सदमा’ के बाद कमल हासन ने ‘राज तिलक’ के हिट होने से पहले तीन फ्लॉप हिंदी फिल्में और दीं, ‘ये देश’, ‘एक नई पहेली’ और ‘यादगार’।
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मल्टीस्टारर के मास्टर डायरेक्टर
फिल्म ‘राज तिलक’ के निर्देशक राज कुमार कोहली का हिंदी सिनेमा में बड़ा नाम रहा है। राजेंद्र कुमार के डबल रोल वाली फिल्म ‘गोरा और काला’ के निर्माता के रूप में हिंदी सिनेमा में बड़ी पहचान पाने वाले कोहली ने अपनी ही फिल्म ‘लुटेरा’ की हीरोइन निशि से शादी की और उनके नाम पर ही अपनी फिल्म कंपनी खोली, निशि प्रोडक्शंस। राज कुमार कोहली का नाम देश के गांव गांव तक पहुंचा फिल्म ‘नागिन’ से। अपने नाग की हत्या का बदला लेने निकली इच्छाधारी नागिन की इस कहानी ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया। रीना रॉय इसी फिल्म से सुपरस्टार बनीं और इसी फिल्म ने राज कुमार कोहली का नाम उन निर्देशकों की लिस्ट में शामिल कर दिया जो न सिर्फ एक फिल्म में दर्जनों बड़े कलाकार लाने का दम रखते थे, बल्कि उनके साथ हिट फिल्म भी बना सकते थे। ये करिश्मा राजकुमार कोहली ने इसके बाद ‘जानी दुश्मन’ और ‘राज तिलक’ में दोहराया। ‘राज तिलक’ राजकुमार कोहली के करियर की आखिरी सुपरहिट मल्टीस्टारर फिल्म मानी जा सकती है। कोहली ने मिथुन चक्रवर्ती को लेकर हिट फिल्म ‘बीस साल बाद’ भी बनाई लेकिन अपने जीवन की अधिकांश कमाई वह अपने बेटे अरमान कोहली को हीरो बनाने के चक्कर में गंवा बैठे। अरमान को लेकर बनाई उनकी तीनों फिल्मों ‘विरोधी’, ‘औलाद के दुश्मन’ और ‘जानी दुश्मन –एक अनोखी प्रेमकहानी’ फ्लॉप रही। ‘जानी दुश्मन –एक अनोखी प्रेमकहानी’ की गिनती हिंदी सिनेमा की चंद सबसे खराब फिल्मों में भी होती है।
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