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Sadak 2 Review: नापसंद करने के लिए भी देखना जरूरी होगी ‘सड़क 2’, आलिया भट्ट निकलीं सबसे कमजोर कड़ी

Sat, 29 Aug 2020 10:16 AM IST
Pankaj Shukla पंकज शुक्ल
Updated Sat, 29 Aug 2020 10:16 AM IST
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Sadak 2 Movie Review: by Pankaj Shukla sanjay dutt Aditya roy Kapoor alia bhatt makrand deshpande mahesh Bhatt
सड़क 2 मूवी रिव्यू - फोटो : अमर उजाला

Movie Review: सड़क 2 


कलाकार: संजय दत्त, आदित्य रॉय कपूर, जीशू सेन गुप्ता, आलिया भट्ट, मकरंद देशपांडे, गुलशन ग्रोवर, अक्षय आनंद आदि।
निर्देशक: महेश भट्ट
ओटीटी: डिजनी प्लस हॉटस्टार
रेटिंग: **


सिनेमा एक ऐसा उत्पाद है जिसकी एक्सपायरी डेट नहीं होती। उपभोक्ता के प्रति इसे बनाने वाले की जवाबदेही नहीं होती। पसंद न आने पर दर्शक टिकट के पैसे (फिलहाल ओटीटी के सब्सक्रिप्शन के) वापस नहीं मांग सकता। सिनेमा भारत में एक गोरखधंधा है। हीरो हीरोइन की फीस में पारदर्शिता नहीं है। फिल्म की मेकिंग में खर्च होने वाले पैसे की कोई सार्वजनिक गिनती नहीं है। फिल्म कितना कमाती है, उसका भी एकीकृत गणित देश में किसी विभाग के पास नहीं है। सिनेमा भारत का इमोशनल सब्जेक्ट है और जितना इमोशनल आजकल है, उतना तो पहले कभी नहीं रहा। न तब, जब गुरुदत्त ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी और न ही तब जब शाम ढले दिव्या भारती अपने छज्जे से नीचे आ गिरी थीं। राम जाने तब इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रहा होता, तो क्या होता।

Sadak 2 Movie Review: by Pankaj Shukla sanjay dutt Aditya roy Kapoor alia bhatt makrand deshpande mahesh Bhatt
सड़क 2 - फोटो : डिज्मी+हॉटस्टार

दिमाग का दही कर देने वाले ऑडियो विजुअल दौर में महेश भट्ट ने मानसिक रूप से परेशान लोगों की एक कहानी बुनने की कोशिश की है अपनी कथित रूप से बतौर निर्देशक बनाई गई फिल्म ‘सड़क 2’ में। महेश भट्ट जब एक साथ तीन चार फिल्मों का निर्देशन किया करते थे, तब भी वह अपने शागिर्दों को मोटा मोटा समझा कर कुर्सी डालकर किनारे बैठ जाया करते थे। ‘सड़क 2’ में ये शागिर्द महेश भट्ट की बड़ी बेटी पूजा भट्ट हैं। उन्हीं के कांधे पर निर्देशन का असली भार है। बतौर निर्देशक पूजा भट्ट की आखिरी फिल्मों में से एक रही है ‘कजरारे’ जिसमें हिमेश रेशमिया हीरो थे और जो फिल्म पूरे देश में सिर्फ एक थिएटर में दिन में एक शो के लिए रिलीज हुई थी। फिल्म की हीरोइन पाकिस्तान से थी, सारा लॉरेन।

Sadak 2 Movie Review: by Pankaj Shukla sanjay dutt Aditya roy Kapoor alia bhatt makrand deshpande mahesh Bhatt
सड़क 2 - फोटो : डिज्नी+हॉटस्टार

महेश भट्ट ने 21 साल पहले फिल्म ‘कारतूस’ से रिटायरमेंट लिया और इस बार जो कुछ उन्होंने अपने निर्देशन से लोड किया है, वह बैकफायर कर गया है। वहां भी संजय दत्त थे, यहां भी संजय दत्त हैं। लेकिन, ये संजय दत्त दर्शकों को बेगाना सा लगता है। उसकी आंखें कहीं और देखती हैं, उसका दिमाग कुछ और सोचता है। वैसे ही जैसे फिल्म ‘सड़क 2’ की किरदार आर्या करती है। वह घर से, समाज से, अस्पताल से भागती लड़की है। उसे लगता है कि उसकी मां को साजिशन मार दिया गया। बाप उसका एक गुरुजी का भक्त है। लड़की की इच्छा है कि अपना 21वां जन्मदिन वह कैलाश पर्वत पर जाकर मनाए क्योंकि ऐसा उसकी मां ने कहा था। इधर, जिस टैक्सी वाले के साथ वह सड़क पर निकली है, उसके दिमाग से अपनी माशूका पूजा का ख्याल नहीं निकल रहा। वह आत्महत्या करने की कोशिश कहानी के शुरू में ही करता दिखता है।

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Sadak 2 Movie Review: by Pankaj Shukla sanjay dutt Aditya roy Kapoor alia bhatt makrand deshpande mahesh Bhatt
सड़क 2 - फोटो : डिज्नी+हॉटस्टार

आर्या को मानसिक रूप से विक्षिप्त दिखाने की कोशिश करने वाले और रवि के आत्महत्या की कोशिश करने वाले सीन देखते समय दर्शक के दिमाग में सुशांत सिंह राजपूत मामले की रील भी चलती रहती है। कहानी सड़क पर निकल पड़ती है तो रास्ते में आर्या का जेल से निकला आशिक भी आ मिलता है। उसका पालतू एक उल्लू है, ऐसा क्यों है ये भी जल्दी ही पता चल जाता है। किरदार जल्दी जल्दी रंग बदलने लगते हैं। जो कातिल बनकर आता है वह हमसफर बन जाता है। जिस पर संतान की सुरक्षा की जिम्मेदारी है वह उसका दुश्मन बन जाता है। बिल्कुल नब्बे के दशक की मसाला फिल्मों जैसी कहानी है, बस मसाला इसमें से किसी ने लगता है मेकिंग के दौरान चुरा लिया है। या हो सकता है कि महेश भट्ट को ही मौका न मिला हो इस बार किसी विदेशी फिल्म से आइडिया चुराने का, जैसा वह अपने करियर में खूब करते आए हैं।

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Sadak 2 Movie Review: by Pankaj Shukla sanjay dutt Aditya roy Kapoor alia bhatt makrand deshpande mahesh Bhatt
सड़क 2 - फोटो : डिज्नी+हॉटस्टार

तो कुल मिलाकर सिनेमा का खाका है। किरदार है। रात और दिन में घूमता कैमरा है। पर कहानी के नाम पर कुछ भी नहीं है। अभिनय के नाम पर आलिया भट्ट की कोशिशे हैं। वह ‘हाईवे’ जैसा कुछ करना तो चाहती हैं लेकिन उनके चेहरे पर एक स्थायी थकान छप चुकी है। चेहरे की मासूमियत वह खो चुकी हैं। संजय दत्त का शरीर उनका साथ नहीं देता अब। उनके लायक कहानी लिखना धीरे धीरे लेखकों के लिए चुनौती हो जाएगा। आदित्य रॉय कपूर ने लगता है ये फिल्म करके ‘आशिकी 2’ में काम मिलने का एहसान उतार दिया है। ‘मलंग’ के बाद से उनसे कुछ बेहतर कर पाने की उम्मीद बंधी थी लेकिन मामला फिर ‘कलंक’ जैसा हो गया है। मकरंद देशपांडे ने जरूर फिर से सिनेमा में अपनी वापसी की उम्मीद जगाई है। किरदार भी इस बार उन्हें दमदार मिला और अदाकारी का दम भी वह दिखाने में सफल रहे। फिल्म में गुलशन ग्रोवर भी हैं, ये याद रखना होता है।

महेश भट्ट की फिल्मों के गाने हाईलाइट होते रहे हैं, इस बार भी गानों में अंकित तिवारी, जीत गांगुली, सुनीलजीत, समिध मुखर्जी, उर्वी आदि ने जोर पूरा लगाया है। जावेद अली का गाया ‘इश्क कमाल’ और ‘तुम से ही’ कमाल कर भी जाते हैं लेकिन बाकी गाने असर नहीं छोड़ पाते। सिनेमाघरों की बजाय सीधे ओटीटी पर रिलीज हो रही डिजनी प्लस हॉटस्टार की फिल्मों में ‘सड़क 2’ सबसे कमजोर फिल्म निकली है। अमर उजाला की तरफ से फिल्म 'सड़क 2' को मिलते हैं 2 स्टार।

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