पुनीत इस्सर का नाम आते ही लोगों की आंखों के सामने 'महाभारत' के 'दुर्योधन' का किरदार घूमने लगता है। लंबी चौड़ी कद-काठी और बुलंद आवाज के साथ अपने इस किरदार को बखूबी निभाने वाले अभिनेता पुनीत इस्सर ने अभिनय से लोगों के दिलों में जगह बनाई, लेकिन कई साल पहले तक उन्हें इसी अभिनय के चलते लोगों से खूब खरी-खोटी सुननी पड़ी थी। यूं तो उनके करियर को लेकर दो बड़ी बातें काफी मशहूर हैं, पहला 'कुली' के सेट पर हुआ हादसा और दूसरा 'महाभारत' में उनका 'दुर्योधन' का किरदार, लेकिन इन दोनों ही चीजों को लेकर सुर्खियों में आए पुनीत को इसी कारण जिंदगी का सबसे मुश्किल दौर देखना पड़ा था। आज अभिनेता पुनीत इस्सर अपना 65वां जन्मदिन मना रहे हैं। चलिए इस खास मौके पर जानते हैं अभिनेता की जिंदगी से जुड़े कुछ खास किस्से...
Puneet Issar: विरासत में मिली थी पुनीत इस्सर को अभिनय की कला, 'कुली' के हादसे के बाद 'दुर्योधन' बन चमकी किस्मत
अभिनेता पुनीत इस्सर आज अपना 65वां जन्मदिन मना रहे हैं। चलिए इस खास मौके पर जानते हैं अभिनेता की जिंदगी से जुड़े कुछ खास किस्से और यह भी जानेंगे कि उन्हें 'दुर्योधन' का किरदार कैसे मिला।
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खलनायक बनने के लिए तैयारी करते थे पुनीत
पुनीत का जन्म जन्म 6 नवंबर 1959 को पंजाब में हुआ था। पुनीत का जन्म निर्देशक सुदेश इस्सर के घर हुआ था, जिन्होंने 'प्रेम गीत', 'आखिरी मुकाबला', 'फरेबी' और 'सौदा' जैसी कई फिल्मों का निर्देशन किया। ऐसे में बचपन से ही पुनीत के सिर भी अभिनय का जुनून सवार था। वे बड़े होकर इंडस्ट्री में ही नाम कमाना चाहते थे। जहां एक ओर सभी हीरो बनने की तलाश में मायानगरी आते हैं तो वहीं, पुनीत ने इसके विपरीत रह चुनी और उन्होंने खलनायक का किरदार निभाने का फैसला किया और खुद को खलनायक के किरदारों के लिए तैयार करने लगे।
'कुली' के हादसे ने बदली जिंदगी
रिपोर्ट्स के अनुसार, पुनीत ने स्नातक की पढ़ाई की और फिर वे अभिनय की ओर रास्ता बनाने लगे। उन्हें पहला मौका अमिताभ बच्चन की फिल्म 'कुली' में मिला, जिसमें वे खलनायक बने थे, लेकिन यही खुशी का मौका पुनीत के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गया। इस पहली ही फिल्म के कारण वह इतने बड़े विवाद में फंस गए थे, जिससे उनका पीछा कभी नहीं छूट सका। इस फिल्म की शूटिंग के दौरान पुनीत इस्सर ने गलती से अमिताभ बच्चन को घूंसा मारा था, जिसके बाद वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे और मरते-मरते बचे थे।
'कुली' के हादसे के बाद कई साल तक नहीं मिला काम
इसके बाद कई सालों तक पुनीत इस्सर काम को तरस गए थे, लेकिन चार साल के संघर्ष के बाद 1987 में आया बी.आर.चोपड़ा का सीरियल 'महाभारत' उनके करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुआ था, लेकिन 'महाभारत' में भी उन्हें 'दुर्योधन' का किरदार बड़ी मुश्किल से मिला था। उन्होंने खुद एक बार साक्षात्कार में बताया था कि 'कुली' के हादसे के बाद अमिताभ बच्चन ने तो उन्हें माफ कर दिया, लेकिन सभी लोग उन्हें ही इसका दोषी ठहराते थे और बिग बी के प्रशंसक उनसे नाराज थे। ऐसे में उन्हें लगातार छह से सात फिल्मों से निकाल दिया गया। इसके बाद उन्होंने कई हजार ऑडिशन दिए, जिसके बाद उन्हें 'महाभारत' में रोल मिला।
ऐसे मिला 'दुर्योधन' का किरदार
हालांकि, बी आर चोपड़ा ने उन्हें सीरियल में 'भीम' के किरदार के लिए कास्ट किया था, लेकिन पुनीत 'दुर्योधन' का किरदार निभाना चाहते थे। ऐसे में उनकी कद-काठी के कारण उन्हें 'भीम' का किरदार निभाने के लिए मजबूर किया जा रहा था, लेकिन जब उन्होंने 'दुर्योधन' का किरदार मांगा, तब बी आर चोपड़ा ने शर्त रखी कि यदि उनसे लंबा कलाकार भीम के किरदार के लिए मिल गया तो वे 'दुर्योधन' बन सकते हैं, नहीं तो उन्हें ही 'भीम' बनना होगा। हालांकि, बाद में 'भीम' का किरदार एथलीट और एशियन गेम्स के दो बार के गोल्ड मेडलिस्ट प्रवीण कुमार ने निभाया और पुनीत 'दुर्योधन' बने। पुनीत ने यह भी बताया था कि 'दुर्योधन' बनने के बाद लोग उन्हें सच में खलनायक मानने लगे थे और उन्हें भला-बुरा बोलते थे।