{"_id":"6a4c962fcd3802b8bf04c548","slug":"satluj-writer-niren-bhatt-slams-if-the-kashmir-files-can-exist-why-is-our-film-chosen-2026-07-07","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Satluj: 'अगर 'द कश्मीर फाइल्स' बन सकती है, तो हमारी फिल्म क्यों नहीं?', 'सतलुज' के लेखक ने बैन पर जताया ऐतराज","category":{"title":"Entertainment","title_hn":"मनोरंजन","slug":"entertainment"}}
Satluj: 'अगर 'द कश्मीर फाइल्स' बन सकती है, तो हमारी फिल्म क्यों नहीं?', 'सतलुज' के लेखक ने बैन पर जताया ऐतराज
Tue, 07 Jul 2026 11:31 AM IST
सिराजुद्दीन
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: सिराजुद्दीन
Updated Tue, 07 Jul 2026 11:31 AM IST
सार
Satluj Controversy: 'सतलुज' पर विवाद के बीच इसके लेखक ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस तर्क का भी जवाब दिया है कि फिल्म को बाहरी ताकतें गलत तौर से इस्तेमाल कर सकती हैं।
विज्ञापन
सतलुज
- फोटो : एक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' को जब से जी5 से हटाया गया है, तब से इस पर हंगामा मचा हुआ है। इस फिल्म का नाम पहले 'पंजाब 95' था। यह चार साल तक सेंसर बोर्ड के साथ विवादों में फंसी रही। इसे 3 जुलाई को चुपचाप रिलीज किया गया। मगर दो दिन बाद बिना कोई कारण बताए हटा भी लिया गया। इस पर फिल्म के लेखक निरेन भट्ट ने एतराज जताया है।
निरेन भट्ट
- फोटो : एक्स
फिल्म के लेखक ने जताया ऐतराज
वैरायटी इंडिया से बातचीत में निरेन ने कहा 'मुझे लगता है कि सिस्टम में किसी को इससे बहुत बड़ी दिक्कत है, लेकिन असली समस्या बातचीत की पूरी तरह से कमी है। वर्षों से बस टालमटोल ही हो रहा है। सीबीएफसी की तरफ से पूरी खामोशी है। वे हमें यह नहीं बताते कि उन्हें क्या दिक्कत है, कौन से हिस्से उन्हें आपत्तिजनक लगते हैं या कौन ये फैसले ले रहा है। अभी भी जी5 'मौजूदा घटनाक्रम' के बारे में बयान तो जारी करता है, लेकिन यह नहीं बता पाता कि असल में वे घटनाक्रम क्या हैं। अगर कोई समस्या है, तो आइए बातचीत करें। लेकिन जब वे चुपचाप आपके काम को हटा देते हैं, तो आप बातचीत कैसे कर सकते हैं?'
यह खबर भी पढ़ें: 'अमेरिका समेत बाकी देशों में देख सकते हैं', 'सतलुज' को लेकर पंजाबी सिंगर का दावा; भारत में बैन पर उठाया सवाल
वैरायटी इंडिया से बातचीत में निरेन ने कहा 'मुझे लगता है कि सिस्टम में किसी को इससे बहुत बड़ी दिक्कत है, लेकिन असली समस्या बातचीत की पूरी तरह से कमी है। वर्षों से बस टालमटोल ही हो रहा है। सीबीएफसी की तरफ से पूरी खामोशी है। वे हमें यह नहीं बताते कि उन्हें क्या दिक्कत है, कौन से हिस्से उन्हें आपत्तिजनक लगते हैं या कौन ये फैसले ले रहा है। अभी भी जी5 'मौजूदा घटनाक्रम' के बारे में बयान तो जारी करता है, लेकिन यह नहीं बता पाता कि असल में वे घटनाक्रम क्या हैं। अगर कोई समस्या है, तो आइए बातचीत करें। लेकिन जब वे चुपचाप आपके काम को हटा देते हैं, तो आप बातचीत कैसे कर सकते हैं?'
यह खबर भी पढ़ें: 'अमेरिका समेत बाकी देशों में देख सकते हैं', 'सतलुज' को लेकर पंजाबी सिंगर का दावा; भारत में बैन पर उठाया सवाल
सतलुज
- फोटो : एक्स
भारत-विरोधी तर्क सही नहीं है
निरेन भट्ट ने आगे कहा 'अगर ‘द कश्मीर फाइल्स’ और ‘द केरल स्टोरी’ बन सकती हैं, तो उन्हें अंतरराष्ट्रीय ताकतों का हथियार क्यों नहीं कहा गया? हमारी ही फिल्म को क्यों चुना गया कि चरमपंथी तत्व इसका गलत इस्तेमाल करेंगे? सिर्फ एक सीधी-सादी बायोपिक को दबाने के लिए आप दूर की कौड़ी लाकर शक-शुबे वाले नतीजे नहीं निकाल सकते। इसका कोई मतलब नहीं बनता।'
निरेन भट्ट ने आगे कहा 'अगर ‘द कश्मीर फाइल्स’ और ‘द केरल स्टोरी’ बन सकती हैं, तो उन्हें अंतरराष्ट्रीय ताकतों का हथियार क्यों नहीं कहा गया? हमारी ही फिल्म को क्यों चुना गया कि चरमपंथी तत्व इसका गलत इस्तेमाल करेंगे? सिर्फ एक सीधी-सादी बायोपिक को दबाने के लिए आप दूर की कौड़ी लाकर शक-शुबे वाले नतीजे नहीं निकाल सकते। इसका कोई मतलब नहीं बनता।'
विज्ञापन
विज्ञापन
सतलुज
- फोटो : इंस्टाग्राम-@Zee5
क्यों हटाई गई फिल्म?
मंगलवार को पीटीआई की एक रिपोर्ट में सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा गया कि फिल्म को 'सुरक्षा कारणों' से हटाया गया। अधिकारी ने पीटीआई को बताया 'वे सुझाए गए कट पर कोई फैसला नहीं ले रहे थे और आखिरकार उन्होंने एक नए टाइटल के साथ ओटीटी पर चुपचाप फिल्म रिलीज कर दी। ओटीटी, सीबीएफसी के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। जब यह मामला सरकार के संज्ञान में आया, तो जी5 से फिल्म हटाने के लिए कहा गया। यह निर्देश सुरक्षा कारणों से दिया गया था।'
मंगलवार को पीटीआई की एक रिपोर्ट में सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा गया कि फिल्म को 'सुरक्षा कारणों' से हटाया गया। अधिकारी ने पीटीआई को बताया 'वे सुझाए गए कट पर कोई फैसला नहीं ले रहे थे और आखिरकार उन्होंने एक नए टाइटल के साथ ओटीटी पर चुपचाप फिल्म रिलीज कर दी। ओटीटी, सीबीएफसी के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। जब यह मामला सरकार के संज्ञान में आया, तो जी5 से फिल्म हटाने के लिए कहा गया। यह निर्देश सुरक्षा कारणों से दिया गया था।'
विज्ञापन
सतलुज
- फोटो : X
फिल्म की स्टारकास्ट
‘सतलुज’ फिल्म जसवंत सिंह खालरा की जिंदगी पर आधारित है। 1984 से 1994 के बीच राज्य में 25,000 लोगों के अंतिम संस्कार की जांच के लिए संघर्ष किया था। फिल्म में दिलजीत दोसांझ ने खालरा का किरदार निभाया है। इस फिल्म में अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहल्यान भी अहम भूमिकाओं में हैं।
फिल्म के लेखक निरेन भट्ट ने उत्सव मैत्रा और डायरेक्टर हनी त्रेहान के साथ मिलकर इस फिल्म की कहानी लिखी है।
‘सतलुज’ फिल्म जसवंत सिंह खालरा की जिंदगी पर आधारित है। 1984 से 1994 के बीच राज्य में 25,000 लोगों के अंतिम संस्कार की जांच के लिए संघर्ष किया था। फिल्म में दिलजीत दोसांझ ने खालरा का किरदार निभाया है। इस फिल्म में अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहल्यान भी अहम भूमिकाओं में हैं।
फिल्म के लेखक निरेन भट्ट ने उत्सव मैत्रा और डायरेक्टर हनी त्रेहान के साथ मिलकर इस फिल्म की कहानी लिखी है।