राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने तमिल अभिनेता मंसूर अली खान की अभिनेत्रियों, विशेषकर तृशा कृष्णन के बारे में अपमानजनक टिप्पणियों पर स्वत: संज्ञान लिया है। विजय-त्रिशा की फिल्म लियो में काम कर चुके हैं मंसूर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि अभिनेत्री के साथ उनका कोई "बेडरूम सीन" नहीं था जैसा कि उन्होंने अपनी पिछली फिल्मों में कई अभिनेत्रियों के साथ किया था। उनके बयान पर लियो के निर्देशक लोकेश कनगराज सहित कई मशहूर हस्तियों से कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। अब इस मामले पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया है।
NCW: मंसूर अली खान की बढ़ीं मुश्किलें, अभद्र टिप्पणी मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान
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एनसीडब्ल्यू के एक आधिकारिक ट्वीट में कहा गया है कि उन्होंने पुलिस उप महानिदेशक को मंसूर के खिलाफ आईपीसी की धारा 509 बी और अन्य प्रासंगिक कानून लागू करने का निर्देश दिया है। यह धारा इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से यौन उत्पीड़न के लिए है।
भारतीय दंड संहिता की धारा के अनुसार जो कोई भी, दूरसंचार उपकरण के माध्यम से या इंटरनेट सहित किसी अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से, किसी महिला को परेशान करने या मानसिक पीड़ा पहुंचाने के इरादे से अश्लील, भद्दा, कामुक, गंदा या अशोभनीय टिप्पणी करता है, तो उसे कम से कम छह महीने की अवधि के लिए कठोर कारावास से दंडित किया जाएगा। इसे दो साल तक बढ़ाया जा सकता है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
मंसूर अली खान ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, ''जब मैंने सुना कि मैं तृशा के साथ अभिनय कर रहा हूं, तो मैंने सोचा कि फिल्म में एक बेडरूम सीन होगा। मैंने सोचा कि मैं उन्हें उसी तरह बेडरूम में ले जाऊंगा जैसे मैंने अपनी पिछली फिल्मों में अन्य अभिनेत्रियों के साथ किया था। मैंने बहुत सारे रेप सीन किए हैं और यह मेरे लिए नया नहीं है, लेकिन इन लोगों ने कश्मीर में शूटिंग के दौरान सेट पर तृशा को मुझे दिखाया तक नहीं।''