टेलीविजन के पॉपुलर शो कौन बनेगा करोड़पति के 11वें सीजन को तीसरा करोड़पति मिल चुका है। बिहार के रहने वाले गौतम कुमार झा केबीसी के करोड़पति बन गए हैं। अब वो 7 करोड़ के सवाल पर पहुंच गए हैं। इससे पहले बिहार के ही सनोज राज और महाराष्ट्र के अमरावती में मिड मील वर्कर बबीता ताड़े एक करोड़ जीत चुके हैं।
KBC 11: क्या था वो 15वां सवाल? जिसका जवाब देकर बिहार के सनोज राज बन गए करोड़पति
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
15वें सवाल तक सनोज राज के पास केवल एक ही लाइफ लाइन बची थी जो कि एक्सपर्ट एडवाइज थी। सनोज से बिग बी ने जैसे ही 15वां सवाल किया सन्नाटा पसर गया। बिग बी का एक करोड़ रुपये के लिए 15वां सवाल था- भारत के किस मुख्य न्यायाधीश के पिता भारत के एक राज्य के मुख्यमंत्री रहे थे?
सनोज ने समझदारी दिखाई और अपनी आखिरी लाइफ लाइन का इस्तेमाल किया। एक्सपर्ट ने जस्टिस रंजन गोगोई के नाम पर ताला लगाने को कहा तो सनोज ने एक्सपर्ट की राय के साथ जाने का फैसला किया। जवाब सही हुआ और सनोज एक करोड़ रुपये जीत गए। इसके बाद बिग बी ने सनोज से 7 करोड़ रुपये के लिए 16वां सवाल पूछा।
16वां सवाल था- ऑस्ट्रेलियन दिग्गज बल्लेबाज सर डॉन ब्रैडमैन ने किस भारतीय गेंदबाज की बॉलिंग पर एक रन बनाकर प्रथम श्रेणी का सौंवा शतक पूरा किया था? इस सवाल का सही जवाब है- गोगुमल किशन चंद। सनोज ने बिग बी के 16वां सवाल पूछने के तुरंत बाद शो को छोड़ने का फैसला किया। दरअसल, सनोज के पास कोई भी लाइफ लाइन नहीं बची थी और वह कोई भी रिस्क नहीं लेना चाहते थे।
ऐसा इसलिए क्योंकि 7 करोड़ के सवाल का गलत जवाब देने पर सनोज की जीती हुई राशि घटकर 3 लाख 20 हजार हो जाती। आपको बता दें, 'केबीसी 11' तक का सफर सनोज के लिए काफी संघर्षों भरा रहा है। अमर उजाला के साथ बातचीत में सनोज ने अपनी जिंदगी के बारे में बताया। सनोज जहानाबाद के हुलासगंज प्रखंड के ढोंगरा गांव के निवासी हैं। उनके पिता एक किसान हैं लेकिन पिता ने उन्हें पढ़ाने के लिए काफी मेहनत की। गांव में सरकारी स्कूल के हालात अच्छे नहीं थे तो प्राइवेट स्कूल में पढ़ाया। सनोज ने बीई की पढ़ाई की है। इस दौरान उनका कैंपस प्लेसमेंट हुआ। सनोज का सपना आईएएस बनने का है जिसकी वो तैयारी भी कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें:- केबीसी 11: किसान के बेटे ने एक करोड़ जीत रचा इतिहास, पहले कभी शहर तक नहीं देखा था