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केबीसी 11: आर्थिक तंगी से हुई थी बच्चे की मौत, बाद में ऐसे बदल दी 22 हजार महिलाओं की किस्मत
कौन बनेगा करोड़पति 11 के कर्मवीर एपिसोड में इस शुक्रवार राजस्थान के बाड़मेर की रहने वालीं रूमा देवी ने हिस्सा लिया। रूमा देवी का जीवन संघर्षों भरा रहा है। शो में पहुंचीं रूमा देवी ने बताया कि उनकी शादी महज 17 साल की उम्र में हो गई थी। उन्होंने स्किल ट्रेनिंग से 22 हजार महिलाओं की जिंदगी बदल दी।
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रूमा देवी को साल 2018 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नारी शक्ति अवॉर्ड से सम्मानित किया था। रूमा देवी ने बताया कि 'शादी के बाद जब मैं ससुराल पहुंची तो पैसे कमाने का मेरे पास कोई जरिया नहीं था। मुझे कसीदाकारी का काम आता था तो मैंने वही करने की सोची। मैंने ठान लिया कि कुछ तो करना पड़ेगा। इस दौरान मैंने घरवालों और बाहरवालों के ताने भी सुने। 10 महिलाओं को इकट्ठा करके मैंने काम शुरू किया।'
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रूमा पहले घर पर ही कसीदाकारी का काम करती थीं लेकिन उससे ज्यादा फायदा नहीं होता था तब वो ग्रामीण विकास चेतना संस्थान के साथ जुड़ीं और उन्हें पहले से कहीं ज्यादा पैसे मिले। शो में सोनाक्षी सिन्हा भी पहुंचीं और हॉट सीट पर बैठी थीं। सोनाक्षी सिन्हा रूमा देवी के काम से काफी प्रभावित थीं इसलिए वो शो में उनकी मदद करने पहुंचीं।
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रूमा पहले बैग और पर्दे बनाती थीं। बाद में उन्होंने सलवार सूट और दुपट्टे बनाने शुरू किए। अब अपने बनाए कपड़ों का प्रचार करना था तो रूमा ने फैशन शो में हिस्सा लेने का फैसला किया लेकिन उन्हें कहीं जगह नहीं मिली। रूमा ने खुद ही फैशन शो का आयोजन किया और अपने कपड़ों का प्रचार किया।
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निजी जिंदगी के बारे में रूमा बताती हैं कि 'शादी के डेढ़ साल बाद मेरा एक बेटा हुआ। जब उसकी तबीयत खराब हुई तो मेरे पास इतने पैसे नहीं थे कि उसे किसी अच्छे अस्पताल में इलाज कराती। 48 घंटे ही वो जिंदा रह सका, मैं उसे बचा नहीं सकी। पैसों की कमी की वजह से मैं उसे बड़े अस्पताल नहीं ले जा सकी। इस घटना ने मेरी जिंदगी बदल दी और मैंने सोचा कि मेरी तरह कितनी महिलाएं होंगी जो घुट-घटकर जी रही हैं। फिर मैंने ठान लिया कि दूसरों की जिंदगी बदल दूंगी।'
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