‘भाभीजी घर पर हैं’, इस सीरियल को लोगों ने खूब पसंद किया है। सीरियल की लोकप्रियता के पीछे कारण है इसमें होने वाली कॉमेडी और अजब-गजब किरदार। सीरियल में जितना महत्व मुख्य कलाकारों का है, उतना ही सह कलाकारों को भी पसंद किया जाता है। इन्हीं किरदारों में से एक है मनमोहन तिवारी की अम्मा का किरदार। इस किरदार को देखकर ही लोगों की हंसी छूटने लगती है। यह किरदार टेलीविजन की मशहूर अदाकारा सोमा राठौड़ द्वारा निभाया जाता है। वे कॉमेडी शो ‘जीजाजी छत पर है’ में भी नजर आ रही हैं। उन्हें टेलीविजन इंडस्ट्री में काम करते हुए लगभग दस साल हो चुके हैं और लोग उनके किरदारों को खूब पसंद भी करते हैं। भाभी जी में काम करने के लिए सोमा ने अपना वजन बढ़ाया है। प्रतिभा के दम पर दर्शकों को हंसाने वालीं सोमा को एक समय काम ही नहीं मिलता था। आइए जानते हैं कि क्यों उन्हें वजन बढ़ाना पड़ा।
सोमा राठौड़: वजन बढ़ाया तब जाकर मिला 'भाभीजी घर पर हैं' में अम्मा का रोल, कभी दिखती थीं बेहद दुबली
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पहले हुआ करती थीं पतली
सीरियल भाभी जी घर पर हैं में अम्माजी के भारी-भरकम शरीर और अंदाज को देखनेभर से ही हंसी आने लगती है लेकिन सोमा राठौड़ ने ये वजन शो में काम करने के लिए ही विशेष रूप से बढ़ाया है। पहले वे इतनी मोटी नहीं हुआ करती थीं। नई अभिनेत्रियों की तरह वे दुबली- पतली हुआ करती थीं।
चुनौती था वजन बढ़ाना
टेलीविजन इंडस्ट्री में जहां अभिनेत्रियों के लिए यह चुनौती होती है कि वे स्वयं को फिट किस प्रकार रखें? वहां सोमा राठौड़ी के लिए फिट रहना नहीं बल्कि वजन बढ़ाना एक टास्क था। जब उन्होंने इंडस्ट्री में काम करना शुरू किया था न वे ज्यादा पतला थीं और न ही अधिक मोटी।
मिलते थे रिजेक्शन
चूंकि सोमा राठौड़ उन दिनों ऑडीशन में किसी खास किरदार में फिट नहीं बैठती थीं, इस वजह से उन्हें रिजेक्ट कर दिया जाता था। तब उनके एक दोस्त ने उन्हें सुझाव दिया था कि वे वजन बढ़ा लें। ऐसा करने से उन्हें काम मिलने लगेगा और हुआ भी ऐसा ही, वजन बढ़ाना उनके लिए लाभकारी साबित हुआ।
कई बार नीचा देखना पड़ता है
सोमा कहती हैं कि उन्हें अब बहुत अच्छा लगता है कि सीरियल की कहानियों को अब उन्हें ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है। वे अब काम के विषय में चिंता नहीं करती हैं क्योंकि लेखक खुद से अब उनके लिए किरदार लिखते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मोटा होने के कारण कई बार लोग उन्हें नीचा भी दिखा देते हैं लेकिन वे यही कहती हैं कि हमें अर्थात मोटे लोगों को अधिक जगह की आवश्यकता है इसलिए इस दुनिया में हमारे लिए ज्यादा जगह है।