बालपन में खेलों में दिलचस्पी रखने वालीं सयामी को अभिनय का चस्का कॉलेज में लगा। फिल्म मिर्जया से करियर की शुरुआत करने वालीं सयामी अब मशहूर निर्देशक नीरज पांडे की पहली वेब सीरीज स्पेशल ऑप्स में नजर आने वाली हैं। अमर उजाला ने की सयामी से ये खास मुलाकात।
रॉ एजेंट बनीं सयामी ने खोले वेब सीरीज 'स्पेशल ऑप्स' के राज, बोलीं- इसलिए खूब याद आती हैं दादी
चुपके चुपके से लेकर बावर्ची तक शोहरत बटोरने वाली अभिनेत्री उषा किरण की पोती होने का एहसास आपको कब हुआ?
शुरुआत में मुझे अपनी दादी का सिनेमा वाला रूप नहीं पता था। मैंने बहुत बाद में जाकर चुपके चुपके और उनकी दूसरी फिल्में देखी। उन दिनों हमारे यहां फिल्में देखने को लेकर भी बंदिशें थी। मुझे उनकी बहुत याद आती है। सोचती हूं कि वह आज मेरे साथ होतीं तो मैं उनसे तमाम बातों पर राय मशविरा ले सकती थी।
आपकी बुआ तनवी आजमी भी अभिनेत्री हैं। मां उत्तरा म्हात्रे देश की मशहूर मॉडल रह चुकी हैं। करियर बनाने में इससे कितनी मदद मिली?
बचपन में ही मुझे और मेरी बड़ी बहन संस्कृति को माता-पिता नासिक लेकर चले गए। वे हमें फिल्मी माहौल से दूर रखना चाहते थे। कॉलेज आने के बाद मेरी दिलचस्प एक्टिंग में हुई। मुंबई आने के बाद मुझे अपनी बुआ से मदद मिली। समय समय पर मैं उनसे परामर्श लिया करती हूं। मैं उनकी मदद से ऑडिशन्स कर लेती हूं लेकिन परिणाम की जिम्मेदारी तो मुझे ही उठानी है।
मिर्जया के बाद हिंदी फिल्मों से दूरी का कोई खास कारण?
मिर्जया मेरे लिए ड्रीम लॉन्च था। उस फिल्म के बाद मेरे पास कोई भी प्रोजेक्ट ऐसा नहीं था जिसे करने के लिए मैं उत्साहित हो सकूं। इस दौरान मुझे एक मराठी फिल्म करने का मौका मिला। उस फिल्म में मेरा किरदार एक गांववाली लड़की का है। फिर मुझे अभिषेक बच्चन की वेब सीरीज ब्रीद 2 में काम करने का मौका मिला। इसके बाद मुझे स्पेशल ऑप्स ऑफर हुई। मैं करना तो हिंदी फिल्में ही चाहती हूं, लेकिन इस दौरान जो काम भी मुझे मिल रहा है, उसमें मैं अपना सर्वश्रेष्ठ ही देने की कोशिश कर रही हूं।
ओटीटी प्लेटफॉर्म्स कलाकारों के लिए कितना बड़ा वरदान है?
आज अक्षय कुमार, अभिषेक बच्चन और सैफ अली खान जैसे बड़े कलाकार भी इसका हिस्सा बन रहे हैं। सभी का मानना है कि ओटीटी सिनेमा का भविष्य हो सकता है। अभिनेत्रियों के लिए ये फायदे का सौदा है। उनके लिए अच्छे किरदार सामने आ रहे हैं। यहां ना तो बॉक्स ऑफिस का दबाव होता है और ना ही कोरोना जैसा कोई खतरा।
