त्योहारों और उत्सव की एक खासियत अच्छे से तैयार होकर, सुंदर कपड़े पहनना भी है। सजना, संवरना मन को भी प्रफुल्लित करता है और खुशियों को बढ़ाता भी है। खासकर करवाचौथ जैसे त्योहार के समय में यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। हर महिला इस समय ख़ास दिखना और खास तरह से सजना, संवरना चाहती है। इस व्रत और त्यौहार का यह एक खूबसूरत पहलू है। लहंगा, साड़ियां और फ्यूजन ड्रेसेस तक कई विकल्प ट्राय किये जाते हैं। खूबसूरत परिधान से लेकर गहनों और मेकअप तक सभी महिलाएं कुछ अलग लुक में दिखना चाहती हैं।
Karwa Chauth 2022: संवारिए खुद को नेल आर्ट से इस करवाचौथ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आर्ट भी और अलग लुक भी
नेल पेंट हमेशा से महिलाओं के लिए एक रेग्युलर कॉस्मेटिक रही है लेकिन नेल आर्ट ने इसे नए आयाम दिए हैं। नेल आर्ट ने उन महिलाओं को भी सजे-संवरे नाखून रखने के लिए प्रेरित किया जो सामान्यतः नाखून बढ़ाना पसंद नहीं किया करतीं। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि नेल आर्ट के लिए आपको अपने प्राकृतिक नाखूनों को विशेषतौर पर बढ़ाने की जरूरत नहीं होती और इन्हें स्थाई रखना भी जरूरी नहीं होता। किसी ख़ास अवसर के लिए आप नेल आर्ट का अलग अलग तरह से उपयोग भी कर सकती हैं और उसके बाद इसे रिमूव भी कर सकती हैं। तो इस करवाचौथ, कीजिये खुद को पैम्पर नेल आर्ट के किसी भी खूबसूरत प्रकार से।
पूरी तरह कलात्मक कैनवास
जी हाँ, आपके नाखून छोटे छोटे कैनवास ही हैं जो नेल आर्ट से एक कलात्मक रूप पा जाते हैं। नेल आर्ट असल में एक प्रकार की ड्राइंग और पेंटिंग ही है जो आपके नाखूनों को संवारने में मदद करता है। चाहे आप प्राकृतिक रूप से मिले नाखूनों पर इसका उपयोग करें या फिर आर्टिफिशियल नाखूनों पर। नेल आर्ट के कुछ प्रमुख प्रकार इस तरह से हैं-
ब्रश पेंटिंग
इसके अंतर्गत तरह तरह के ब्रश की मदद से नाखूनों पर डिजाइन उकेरी जाती है। इसमें एंगल्ड, फ्लैट, लाइन, डिटेल, डेटिंग आदि जैसे ब्रश शामिल होते हैं। ये आपकी मनचाही डिजाइन को नेल्स पर सजा देते हैं। इनके लिए आमतौर पर सिंथेटिक ब्रश के उपयोग को अच्छा माना जाता है।
स्पंज का उपयोग
बचपन में अपनी ड्राइंग कॉपी में स्पंज की मदद से बनाई पेंटिंग तो आपको याद होगी ही। बस इसी का परिष्कृत रूप है नेल आर्ट का यह प्रकार। इसके लिए सामान्य घरेलू स्पंज से लेकर मेकअप के लिए उपयोग में लाया जाने वाला स्पंज तक उपयोग में लाया जा सकता है। पहले नाखूनों पर कलर लगाने के बाद उसे सूखने देते हैं, फिर स्पंज की सहायता से नेल पेंट को मनचाही डिजाइन में लगाया जाता है।
स्टैम्पिंग
कपड़ों पर डिजाइन बनाने के लिए लगाए गए छापे याद होंगे आपको या फिर किसी जरूरी डॉक्यूमेंट में लगने वाले स्टैम्प को आपने देखा होगा। यह तकनीक लगभग वैसी ही है। इसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर भी आपने देखे होंगे, जहाँ एक माध्यम में रंग डालकर डिजाइन बनाई जाती है और उसके बाद नाखूनों पर उसे छाप दिया जाता है। इससे वह डिजाइन केवल नाखूनों पर छप जाती है। इसके लिए भी बाजार में किट मिलती है।
टेप लगाकर
यह भी ड्रॉइंग का ही एक तरीका है। जहाँ टेप लगाकर एक जगह को कवर किया जाता है और बाकी बची जगह पर कलर किया जाता है। जब टेप हटाया जाता है तो इससे एक डिजाइन सी क्रिएट होती है। इसके लिए भी नाखूनों पर पहले एक बेस कलर लगाया जाता है। इसके बाद टेप लगाकर कोट किया जाता है। बाद में हलके हाथों से टेप हटा दिया जाता है।
स्टेंसिल का उपयोग
ये तैयार डिजाइन के रूप में उपयोग में लाई जाती हैं। नाखूनों पर एक कोट लगाकर उसके ऊपर इन खांचेनुमा डिजाइन को रखकर मनपसंद कलर का उपयोग किया जाता है। इससे डिजाइन नाखूनों पर उभर आती है। यह लगभग वैसी ही प्रक्रिया है जैसी हम बचपन में भिंडी को रंग में डुबोकर कॉपी पर डिजाइन बनाने के लिए किया करते थे।
एयरब्रश
नाखूनों पर रंग के साथ मशीन द्वारा ग्लिटर या किसी प्रकार के स्टीकर का उपयोग इसके अंतर्गत किया जाता है। एक कोट के बाद नाखूनों पर स्टेंसिल का उपयोग होता है और उसके बाद मशीन द्वारा रंगों की बौछार नाखूनों पर की जाती है। इसके बाद स्टेंसिल को हल्के से हटा दिया जाता है।
स्टीकर या डीकैल
ये आमतौर पर नाखूनों पर ऊपर से चिपका कर उपयोग में लाये जाते हैं। इन्हें लगाना आसान होता है लेकिन लगाते समय सावधानी रखना बहुत जरूरी होता है। एक बार स्टीकर गलत लग गया तो उसे हटाना झंझट भरा भी हो सकता है।