नर्क चतुर्दशी या नर्क चौदस जिसे रूप चौदस के नाम से भी पहचाना जाता है, दीपावली के त्यौहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। मान्यता है कि इस दिन सुबह सूरज उगने से पहले उठकर, उबटन लगाकर स्नान करने और श्रृंगार के साथ तैयार होने से शुभता जीवन में आती है। इससे जुड़ी कई कहानियाँ और कथाएं भी कही जाती हैं। इन सबसे इतर अगर व्यवहारिक भाव से भी लें तो यह समझा जा सकता है कि चूंकि दीपावली के पहले साफ़-सफाई और रंग-रोगन के चलते हमारी त्वचा और पूरा शरीर भी धूल-गंदगी आदि के सम्पर्क में आता है, इसलिए यह एक विशेष दिन हमें अपनी देखभाल करने, खुद को पैम्पर करने का अवसर भी देता है, क्योंकि आखिर तो त्योहारों का मतलब सजने-संवरने से भी है।
Narak Chaturdashi 2022: रूप चौदस के मौके पर ये चार उबटन निखारेंगे रूप, दमकायेंगे त्वचा
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इसलिए है उबटन फायदेमंद
दीपावली की सफाई की वजह से उड़ने वाली धूल और गंदगी तो त्वचा पर बुरा प्रभाव डालती ही हैं। इस समय चूँकि मौसम में भी बदलाव आने लगता है, इसलिए भी त्वचा की अतिरिक्त देखभाल जरूरी हो जाती है। ऊपर से इस समय शॉपिंग और घर के कई कामों से बाहर भी धूल, धुएं और प्रदूषण में निकलना पड़ता है। ऐसे में जरूरी हो जाता है कि त्वचा को ऐसी देखभाल दी जाए जो डेड सेल्स को भी निकाल दे, गंदगी को रिमूव करे और त्वचा को पोषण देकर स्वस्थ व चमकदार बनाये रखे। उबटन इन सारे गुणों से लैस होता है। यही कारण है कि भारतीयों घरों में उबटन की परम्परा बहुत पुरानी है। जब साबुन या अधिक कॉस्मेटिक्स उपलब्ध नहीं थे, तब भी उबटन का इस्तेमाल हुआ करता था। ऐसे ही चार उबटन इस दीवाली के त्योहार देंगे आपकी त्वचा को निखार।
1. बेसन, हल्दी और दूध से बना उबटन:
सामग्री: दो बड़े चम्मच बेसन (थोड़ा मोटा पिसा बेसन हो तो और अच्छा), आधा टी स्पून हल्दी, घोलने के लिए दूध और गुलाबजल।
उपयोग: बेसन में हल्दी डालकर इतना दूध डालकर मिलाएं कि उबटन पकौड़े के बैटर जैसा हो जाए, न बहुत पतला, न ही बहुत गाढ़ा। अब इसमें आधा टी स्पून गुलाबजल मिला लें। इस उबटन को चेहरे, हाथ-पैरों आदि पर लगाकर थोड़ी देर सूखने दें। जब यह सूख जाए तो हाथ में थोड़ा थोड़ा पानी लेकर हल्के हाथों से धीरे-धीरे रगड़ते हुए इसे धो डालें। याद रखें कि तेजी से रगड़ना नहीं है वरना त्वचा पर रैशेज और दाने भी उठ सकते हैं। इसे धोने के बाद त्वचा पर साबुन न लगायें। लेकिन थोड़ा सा मॉइश्चराइजर अवश्य लगाएं। ये त्वचा को एकदम मुलायम और चमकदार बना देगा।
2. चोकर या मोटे आटे का उबटन:
सामग्री: मोटा आटा या चोकर (यदि आपके पास दोनों ही न हों तो ओट्स को पीसकर भी ले सकते हैं), आम्बा हल्दी (ये हल्दी आमतौर पर हड्डियों की चोट या दर्द को दूर करने के लिए उपयोग में लाई जाती है, इसे आप किराना दुकान या देशी दवाइयों की दूकान से भी खरीद सकते हैं), आधा टी स्पून मलाई और एक टी स्पून नीबू या संतरे के छिलकों का पावडर।
उपयोग: सभी सामग्री को मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बनाएं। इस पेस्ट को चेहरे और कुहनियों, गर्दन आदि पर मोटी लेयर के रूप में लगा लें। जब यह सूख जाए तो पानी में हाथ भिगोकर इसे नीचे से ऊपर की ओर यानी उलटी दिशा में हल्के से रगड़ते हुए निकालें। उदाहरण- चेहरे पर ठोड़ी की तरफ से निकालते हुए माथे की तरफ जाएँ। पूरा पेस्ट निकल जाए तो पानी से त्वचा को अच्छी तरह धोकर मॉइश्चराइजर लगा लें। आप चाहें तो इसे रोटी के आटे से थोड़ा और सख्त गूंथकर इससे लोई का काम भी ले सकते हैं। इससे त्वचा की मृत कोशिकाएं भी निकल जाएंगी और नई चमक भी आ जाएगी।
3.बादाम, शहद और गुलाब का उबटन:
सामग्री: 6-8 बादाम रात भर भिगो कर रखे हुए, आधा छोटा चम्मच शहद, 2-3 गुलाब के फूलों की पंखुड़ियां और मिक्स करने के लिए 3-4 छोटे चम्मच दूध।
उपयोग: बादाम और गुलाब की पत्तियों को बारीक पीस लें। इसमें दूध और शहद को अच्छी तरह मिक्स करें और इसका पतला सा पेस्ट बना कर पूरी त्वचा पर लगा लें। सूखने पर इसे भी सामान्य पानी की सहायता से हल्के हाथों से रगड़ते हुए निकालें। आप चाहें तो इसे रिमूव करने के लिए भी दूध का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह त्वचा को मुलायम बनाने के साथ ही पर्याप्त मॉइश्चर भी देगा और निखार भी बढ़ाएगा।