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भारत के राज्यों की खासियत हैं हैंडलूम साड़ियां, निर्मला सीतारमण से लेकर प्रियंका गांधी तक हैं मुरीद

Sat, 01 Feb 2020 12:49 PM IST
अपराजिता शुक्ला लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अपराजिता शुक्ला Updated Sat, 01 Feb 2020 12:49 PM IST
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budget 2020 finance minister nirmala sitharaman to smriti irani fond of handloom sarees
- फोटो : social media

भारतीय परंपरा में साड़ी का अपना महत्व है। ऐसे में हैंडलूम साड़ी से ना केवल पर्सनेलिटी निखरती है बल्कि लुक भी अलग दिखाई देता है। बता दें कि हेंडलूम साड़ी का क्रेज भारतीय राजनीति में कई महिला राजनेताओं को रहा है। इंदिरा गांधी से लेकर स्मृति ईरानी और प्रियंका गांधी से लेकर निर्मला सीतारमण तक के बीच  हैंडलूम साड़ियों का क्रेज देखने को मिला है। बता दें कि हैंडलूम साड़ी शुरु से ही भारतीय महिलाओं का पारंपरिक परिधान रहा है जिसमें समय के साथ-साथ डिजाइन वर्क से लेकर कई दूसरे बदलाव दिखे हैं। 




 
budget 2020 finance minister nirmala sitharaman to smriti irani fond of handloom sarees
- फोटो : social media

हैंडलूम साड़ी का मतलब केवल खादी की साड़ियां नहीं होती हैं। इनमें कई सारे डिजाइन और वैराइटी शामिल रहती हैं। जिनमें पारंपरिक साड़ियां शामिल है। जैसे चंदेरी, बनारसी सिल्क, फुलकारी से लेकर भारत के हर क्षेत्र से शामिल हैं। 


 
budget 2020 finance minister nirmala sitharaman to smriti irani fond of handloom sarees
- फोटो : social media

देश में हैंडलूम साड़ी की मांग हमेशा से रही है। महिला नेताओं में इसका क्रेज ज्यादा देखने को मिलता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण हों या स्मृति ईरानी, सोनिया गांधी, सुषमा स्वराज, प्रियंका गांधी हर किसी की पहली पसंद हैंडलूम की साड़िया रहती हैं। यहां तक की बिजनेस के क्षेत्र में काम करने वाली हस्तियों को भी ये साड़ियां खूब लुभाती हैं। 


 
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budget 2020 finance minister nirmala sitharaman to smriti irani fond of handloom sarees
- फोटो : social media

भारत के हर राज्य में हैंडलूम साड़ियां बनती हैं। जिनकी अपनी खासियत होती है। फिर वो चाहे पंजाब की फुलकारी साड़ी हो या आंध्र प्रदेश की इकाट्स, राजस्थान और गुजरात की टाई एंड डाई साड़ी जिसे बंधेज भी कहा जाता है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश की चंदेरी, तमिलनाडु की कांजीवरम, पश्चिम बंगाल की दसाई, बनारस की बारकोड और यूपी की ही जेकक्वार्ड शामिल है।


 
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- फोटो : social media

हैंडलूम साड़ियां दिखने में जितनी साधारण होती हैं दरअसल में उन्हें बनाने में उतने ही महीनों की मेहनत होती है। यही वजह है कि सिल्क या कांजीवरम या कोई भी हैंडलूम साड़ी जो आपको एलीगेंट लुक देती है उनकी कीमत कई लाख रुपए में होती है। पटोली सिल्क साड़ी को बनाने में जिस तरह से कई महीनों का समय लगता है उसी तरह से कांजीवरम साड़ी भी कई दिनों, हफ्तों और महीनों में तैयार होती है।

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