Nepal Fashion Trend: भारत की तरह नेपाल को भी विविधताओं का देश कहा जाता है। ये देश बदलते समय के साथ अपनी परंपराओं और आधुनिकता के बीच संतुलन बनाने की कोशिश में है। यहां की संस्कृति गहराई से जुड़ी हुई है धार्मिक मान्यताओं, जातीय परंपराओं और सामाजिक मूल्यों से। यही वजह है कि लोग यहां काफी शौक से घूमने आते हैं।
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Nepal Fashion Trend: मिलेनियल से लेकर Gen-Z तक, नेपाल में दोनों जनरेशन के पहनावे में है बड़ा फर्क
Wed, 10 Sep 2025 02:01 PM IST
श्रुति गौड़
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्रुति गौड़
Updated Wed, 10 Sep 2025 02:01 PM IST
सार
Nepal Fashion Trend: नेपाल एक ऐसा देश है, जिसने अपने अंदर संस्कृति और आधुनिकता दोनों को एक साथ समेट रखा है। इसलिए हम आपको यहां नेपाल में बदलते समय का फैशन ट्रेंड बताएंगे।
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नेपाल में दोनों जनरेशन के पहनावे में है बड़ा फर्क
- फोटो : Adobe stock
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नेपाल में दोनों जनरेशन के पहनावे में है बड़ा फर्क
- फोटो : Adobe stock
पहले जान लें मिलेनियल जनरेशन का पहनावा
1981 से लेकर 1996 तक जन्मे लोगों को मिलेनियल्स कहा जाता है। इस पीढ़ी ने खत से लेकर स्मार्ट फोन तक का सफर तय किया है। इंटरनेट, मोबाइल और टीवी जैसे आधुनिक साधनों का उपयोग मिलेनियल्स ने ही शुरू किया है।
बात करें इस जनरेशन के पहनावे की तो नेपाल के ज्यादातर इलाकों में मिलेनियल्स ने जींस-टीशर्ट, फॉर्मल शर्ट्स, और सलवार-सूट को अपना तो लिया, लेकिन आज भी जब कभी त्योहार और पारिवारिक आयोजन होते है तो वो अपने पारंपरिक परिधानों में ही नजर आना पसंद करते हैं। वो अभी भी धाका टोपी, गुन्यू-चोली और साड़ी जैसे पारंपरिक वस्त्र पहनना पसंद करते हैं।
अब जानते हैं Gen-Z जनरेशन का पहनावा
जेन-जी 1996 के बाद जन्मे लोगों को कहा जाता है। इस पीढ़ी ने पूरी तरह से डिजिटल युग को जिया है। इसलिए इस जनरेशन के लिए कपड़े सिर्फ तन ढकने की चीज नहीं हैं, इन्होंने कपड़ों को व्यक्तिगत पहचान, सोच और सोशल मीडिया प्रेजेंस से जोड़ा हुआ है। यही वजह है कि वो अपने कपड़ों के साथ तमाम तरह के एक्सपेरिमेंट भी करते रहते हैं।
जेन-जी जनरेशन के लोग जेंडर-न्यूट्रल फैशन, बॉडी पॉजिटिव कपड़े, क्रॉप टॉप, बैगी जींस, ओवर साइज कपड़े पर ज्यादा फोकस रखते हैं। इस जनरेशन का मानना होता है कि कपड़े हमेशा अपनी सहजता और कंफर्ट के हिसाब से कैरी करने चाहिए।
1981 से लेकर 1996 तक जन्मे लोगों को मिलेनियल्स कहा जाता है। इस पीढ़ी ने खत से लेकर स्मार्ट फोन तक का सफर तय किया है। इंटरनेट, मोबाइल और टीवी जैसे आधुनिक साधनों का उपयोग मिलेनियल्स ने ही शुरू किया है।
बात करें इस जनरेशन के पहनावे की तो नेपाल के ज्यादातर इलाकों में मिलेनियल्स ने जींस-टीशर्ट, फॉर्मल शर्ट्स, और सलवार-सूट को अपना तो लिया, लेकिन आज भी जब कभी त्योहार और पारिवारिक आयोजन होते है तो वो अपने पारंपरिक परिधानों में ही नजर आना पसंद करते हैं। वो अभी भी धाका टोपी, गुन्यू-चोली और साड़ी जैसे पारंपरिक वस्त्र पहनना पसंद करते हैं।
अब जानते हैं Gen-Z जनरेशन का पहनावा
जेन-जी 1996 के बाद जन्मे लोगों को कहा जाता है। इस पीढ़ी ने पूरी तरह से डिजिटल युग को जिया है। इसलिए इस जनरेशन के लिए कपड़े सिर्फ तन ढकने की चीज नहीं हैं, इन्होंने कपड़ों को व्यक्तिगत पहचान, सोच और सोशल मीडिया प्रेजेंस से जोड़ा हुआ है। यही वजह है कि वो अपने कपड़ों के साथ तमाम तरह के एक्सपेरिमेंट भी करते रहते हैं।
जेन-जी जनरेशन के लोग जेंडर-न्यूट्रल फैशन, बॉडी पॉजिटिव कपड़े, क्रॉप टॉप, बैगी जींस, ओवर साइज कपड़े पर ज्यादा फोकस रखते हैं। इस जनरेशन का मानना होता है कि कपड़े हमेशा अपनी सहजता और कंफर्ट के हिसाब से कैरी करने चाहिए।
नेपाल में दोनों जनरेशन के पहनावे में है बड़ा फर्क
- फोटो : Adobe
दोनों जनरेशन में क्या है अंतर?
1. दोनों जनरेशन के लोगों के लिए कपड़े पहनने का तरीका काफी अलग है। जैसे कि मिलेनियल्स अपने फैशन को सामाजिक स्वीकृति और अवसर के अनुसार अपनाते हैं, जबकि Gen-Z के लिए फैशन आत्म-अभिव्यक्ति और रचनात्मकता का जरिया है।
2. दोनों में फर्क की एक वजह ये है कि मिलेनियल्स अपने फैशन के लिए टीवी और मैगजीन पर निर्भर थे, जिस पर काफी लिमिटेड विकल्प उपलब्ध थे, लेकिन समय बदला और अब Gen-Z सीधे सोशल मीडिया ट्रेंड्स, इन्फ्लुएंसर्स और Y2K फैशन से प्रभावित हैं। डिजिटल युग में जेन जी के पास अनगिनत विकल्प उपलब्ध हैं।
3. दोनों जनरेशन के बीच एक ये बड़ा अंतर है कि मिलेनियल्स जनरेशन के लोग आज भी लंबे समय तक चलने वाले, क्वालिटी कपड़े पसंद करते हैं। जबकि Gen-Z तेजी से बदलते ट्रेंड्स के अनुसार कपड़े चुनते हैं, भले ही वह थोड़े समय के लिए हों।
1. दोनों जनरेशन के लोगों के लिए कपड़े पहनने का तरीका काफी अलग है। जैसे कि मिलेनियल्स अपने फैशन को सामाजिक स्वीकृति और अवसर के अनुसार अपनाते हैं, जबकि Gen-Z के लिए फैशन आत्म-अभिव्यक्ति और रचनात्मकता का जरिया है।
2. दोनों में फर्क की एक वजह ये है कि मिलेनियल्स अपने फैशन के लिए टीवी और मैगजीन पर निर्भर थे, जिस पर काफी लिमिटेड विकल्प उपलब्ध थे, लेकिन समय बदला और अब Gen-Z सीधे सोशल मीडिया ट्रेंड्स, इन्फ्लुएंसर्स और Y2K फैशन से प्रभावित हैं। डिजिटल युग में जेन जी के पास अनगिनत विकल्प उपलब्ध हैं।
3. दोनों जनरेशन के बीच एक ये बड़ा अंतर है कि मिलेनियल्स जनरेशन के लोग आज भी लंबे समय तक चलने वाले, क्वालिटी कपड़े पसंद करते हैं। जबकि Gen-Z तेजी से बदलते ट्रेंड्स के अनुसार कपड़े चुनते हैं, भले ही वह थोड़े समय के लिए हों।