जिंदगी की भागदौड़, काम का दबाव और रोजमर्रा की टेंशन के बीच अगर कोई चीज चेहरे पर पलभर में मुस्कान ला सकती है तो वह है एक मजेदार जोक। कहते हैं कि हंसना सबसे अच्छी दवा है और जब हंसी दिल से निकले तो दिनभर की थकान भी पलभर में गायब हो जाती है। यही वजह है कि लोग अपने बिजी शेड्यूल में भी कुछ मिनट निकालकर ऐसे चुटकुले पढ़ना पसंद करते हैं, जो उनका मूड फ्रेश कर दें। अगर आप भी आज कुछ ऐसा पढ़ना चाहते हैं, जिसे पढ़ते ही आपकी हंसी छूट जाए और आप चाहकर भी मुस्कुराना न रोक पाएं तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं।
Hindi Jokes: बहन- मेरी चॉकलेट किसने खाई? भाई का जवाब सुनकर उड़ जाएंगे होश
Comedy Jokes: तो देर किस बात की? अपनी सारी टेंशन को कुछ देर के लिए किनारे रखिए, चेहरे पर मुस्कान सजाइए और तैयार हो जाइए हंसी के ऐसे धमाके के लिए, जिसे पढ़कर आप खुद भी हंसेंगे और दूसरों को भी जरूर सुनाएंगे।
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यहां हम आपके लिए लेकर आए हैं कुछ ऐसे मजेदार और अलग अंदाज के जोक्स, जिनमें रोजमर्रा की जिंदगी के मजेदार किस्से, पति-पत्नी की नोकझोंक, दोस्ती की खट्टी-मीठी बातें और मां-बेटे की हल्की-फुल्की मस्ती का तड़का है। तो देर किस बात की? अपनी सारी टेंशन को कुछ देर के लिए किनारे रखिए, चेहरे पर मुस्कान सजाइए और तैयार हो जाइए हंसी के ऐसे धमाके के लिए, जिसे पढ़कर आप खुद भी हंसेंगे और दूसरों को भी जरूर सुनाएंगे।
बहन: सुन, मेरी शादी के बाद तू मुझे कितना मिस करेगा?
भाई: जितना Wi-Fi जाने के बाद इंटरनेट को करते हैं...
बहन: मतलब?
भाई: तब पता चलेगा कि असली परेशानी क्या होती है।
बहन: मेरी कोई इज्जत ही नहीं है इस घर में।
भाई: इज्जत है तभी तो मम्मी मुझे डांटती हैं कि बहन को परेशान मत किया कर।
भाई: मम्मी, दीदी मुझे बिना वजह मार रही है।
मम्मी: तूने जरूर कुछ किया होगा।
भाई: यही तो दुख है... इस घर में सबको मुझ पर पूरा भरोसा है।
बहन: मेरी चॉकलेट किसने खाई?
भाई: मैंने नहीं खाई।
बहन: फिर रैपर तेरी जेब में कैसे आया?
भाई: सबूत छिपाने की ट्रेनिंग अभी पूरी नहीं हुई है।
भाई: दीदी, तुम इतनी देर से शीशे में क्या देख रही हो?
बहन: अपनी खूबसूरती।
भाई: अच्छा... मुझे लगा शीशा खराब हो गया है।
बहन: भगवान करे तुम्हें मेरी जैसी बहन मिले।
भाई: नहीं-नहीं... एक एक्सपीरियंस काफी है।
भाई: दीदी, तुम्हारे बिना घर कितना शांत रहेगा।
बहन: और तेरे बिना?
भाई: फिर मम्मी का पूरा गुस्सा मुझ पर आएगा, रहने दे, तू यहीं ठीक है।
बहन: मेरा फोन देखा है?
भाई: हां, चार्ज पर लगाया है।
बहन: वाह, आज इतनी मदद?
भाई: हां, मेरा फोन डिस्चार्ज था।
भाई: दीदी, तुम हमेशा मुझे छोटा क्यों समझती हो?
बहन: क्योंकि बचपन में तेरे सारे खिलौने भी मैं ही संभालती थी।
भाई: और तोड़ती भी तुम ही थीं।