आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हंसना किसी दवा से कम नहीं है। काम का दबाव, जिम्मेदारियां और रोजमर्रा की भागदौड़ अक्सर चेहरे की मुस्कान छीन लेती हैं। ऐसे में अगर कुछ पल खुलकर हंसने का मौका मिल जाए तो पूरा दिन बेहतर महसूस होता है। कहते हैं कि हंसी सबसे सस्ती और असरदार थेरेपी है, जो न सिर्फ मन को हल्का करती है बल्कि तनाव भी कम करने में मदद करती है। अगर आपका दिन भी कुछ ज्यादा ही गंभीर बीता है या आप अपने दोस्तों और परिवार के साथ हंसी के कुछ पल बिताना चाहते हैं, तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं।
Comedy Jokes: मां: इतनी देर से मोबाइल में क्या देख रहा है? बेटे ने दिया ऐसा जवाब कि फूट पडे़गी हंसी
Funny Jokes: इन जोक्स में रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े मजेदार किस्से, पति-पत्नी की नोकझोंक, टीचर-स्टूडेंट की बातें और दोस्ती की मस्ती का ऐसा तड़का है, जो आपके चेहरे पर मुस्कान जरूर ले आएगा।
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हम आपके लिए लेकर आए हैं ऐसे मजेदार और चुटीले जोक्स, जिन्हें पढ़कर अपनी हंसी रोक पाना आसान नहीं होगा। इन जोक्स में रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े मजेदार किस्से, पति-पत्नी की नोकझोंक, टीचर-स्टूडेंट की बातें और दोस्ती की मस्ती का ऐसा तड़का है, जो आपके चेहरे पर मुस्कान जरूर ले आएगा। तो देर किस बात की? कुछ मिनट अपने लिए निकालिए, टेंशन को थोड़ा ब्रेक दीजिए और इन मजेदार जोक्स का आनंद लीजिए। हो सकता है, इनमें से कोई एक जोक आपका फेवरेट बन जाए और आप उसे पढ़कर ही नहीं, बल्कि अपने दोस्तों के साथ शेयर करके उनकी भी हंसी का कारण बन जाएं।
मां: बेटा, इतनी देर से मोबाइल में क्या देख रहा है?
बेटा: मां, पढ़ाई से जुड़ी बहुत जरूरी चीज।
मां: अच्छा
बेटा: हां, "पढ़ाई कैसे शुरू करें?" वाली वीडियो पिछले एक घंटे से देख रहा हूं।
बेटा: कर दी मां।
मां: लेकिन ये कपड़े बिस्तर पर क्यों पड़े हैं?
बेटा: मां, मैंने कमरे की सफाई की है, कपड़ों की नहीं
मां: बेटा, जरा सब्जी ले आ।
बेटा: कौन-सी?
मां: जो सस्ती मिले।
बेटा: फिर तो खाली थैला ही ले आया हूं।
बेटा: मां, दूध वाला भी तो 5 बजे उठता है, वो अभी तक करोड़पति नहीं बना।
मां: बेटा, मेहमान आने वाले हैं, अच्छे से रहना।
बेटा: ठीक है मां।
(मेहमान आते ही...)
बेटा: मां, ये लोग कितनी देर में जाएंगे? मुझे अपना बिस्तर चाहिए।
बेटा: पांच मिनट...
मां: ये पांच मिनट आखिर खत्म कब होंगे?
बेटा: मां, मोबाइल वालों ने अभी तक अपडेट नहीं दिया।
मां: बेटा, तुम्हें कितनी बार कहा है कि चीजें अपनी जगह पर रखा करो।
बेटा: मां, मैं तो रख देता हूं।
मां: फिर मिलती क्यों नहीं?
बेटा: क्योंकि मेरी "जगह" मुझे भी याद नहीं रहती।