लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Chutkule in Hindi: इन जोक्स को पढ़कर हो जाएंगे लोटपोट, पढ़िए मजेदार चुटकुले

फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: धर्मेंद्र सिंह Updated Sun, 07 Aug 2022 07:21 PM IST
जोक्स
1 of 7
विज्ञापन
Chutkule in Hindi: आज कल की भागभागम जिंदगी में हंसना बेहद जरूरी है। अगर हम हंसते रहते हैं, तो हमारा प्रसन्न रहता है और हम तनाव से दूर रहते हैं। सेहतमंद रहने के लिए हम सभी को नियमित रूप से हंसना चाहिए। इसीलिए हम आपको हंसाने के लिए कुछ चुटकुले लेकर आए हैं जिन्हें पढ़कर आप जरूर हंसेंगे। 


एक आदमी काम पर से थक हार कर घर आया।

पत्नी ने पानी का गिलास दिया,

तभी बेटा मार्कशीट लेकर अपने पिता के पास पहुंचा।

साइंस-39, इंग्लिश- 46, मैथ्स- आगे कुछ पढऩे से पहले आदमी: ये माक्र्स आए हैं, गधे शर्म नहीं आती?

नालायक है तू नालायक।

पत्नी- अरे आप सुनो तो...

आदमी- तू चुप बैठ।

तेरे लाड़- प्यार ने ही बिगाड़ा है इसे नालायक,

अरे तेरा बाप दिन भर मेहनत करता है और तू ऐसे माक्र्स लाता है।

लड़का चुपचाप गर्दन नीचे किए।

पत्नी- अरे सुनो तो...

आदमी- तू चुप कर. एक शब्द भी मत बोल, आज बताता हूं इसे।

पत्नी इस बार तेज आवाज में- अरे सुनो पहले।

सुबह अलमारी साफ करते वक्त मिली थी, ये आपकी मार्कशीट है।

फिर भयानक सन्नाटा।
जोक्स
2 of 7
चिंटू- पापा क्या मैं भगवान की तरह दिखता हूं?
पापा- नहीं , पर तुम ऐसा क्यों पूछ रहे हो बेटा?
चिंटू- क्योंकि पापा मैं कहीं भी जाता हूं, तो सब यही कहते हैं हे भगवान फिर आ गया।

 
विज्ञापन
जोक्स
3 of 7
नौकर- हमें घड़ी देखना नहीं आता।
मालिक- अच्छा तो ये देखकर बताओ कि छोटी सुई और बड़ी सुई कहां हैं? 
नौकर- मालकि, दोनों सुईंयां घड़ी में ही हैं। 

 
जोक्स
4 of 7
लुंगी पहनी देहाती लड़की को पेड़ पर बैठा देख एक आंटी बोली...
वहां क्यों बैठी है?
लड़की-सेब खाने
महिला-पर यह तो आम का पेड़ है!
लड़की-ओ, आंटी, चौधराईन मत बनो
सेब लेकर आई हूं।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
जोक्स
5 of 7
जेलर- कल तुम्हें फांसी होगी...बताओ तुम्हारी अंतिम इच्छा क्या है?
कैदी- मैं तरबूज खाना चाहता हूं.
जेलर- लेकिन ये तरबूज का मौसम नहीं है.
कैदी- कोई बात नहीं, मैं इंतजार कर लूंगा।

 
विज्ञापन
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00