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Bihar: भाजपा से यूं दूर होते गए नीतीश कुमार, लालू-तेजस्वी से ऐसे बढ़ी नजदीकियां, 11 तस्वीरों में पूरी कहानी
Tue, 09 Aug 2022 04:17 PM IST
हिमांशु मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Tue, 09 Aug 2022 04:17 PM IST
सार
नीतीश कुमार ने इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद वह सीधे राबड़ी देवी से मिलने उनके घर पहुंचे। अब जल्द ही राजद और कांग्रेस गठबंधन के साथ नीतीश कुमार फिर से सरकार बना सकते हैं।
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बिहार में राजनीतिक हलचल तेज
- फोटो : अमर उजाला
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बिहार में पांच साल बाद फिर से जेडीयू और भाजपा के बीच गठबंधन टूट गया है। मुख्यमंत्री आवास पर जेडीयू के सांसदों और विधायकों की बैठक में ये फैसला लिया गया। नीतीश ने अपना इस्तीफा भी सौंप दिया। जल्द ही वह आरजेडी, कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाएंगे।
नीतीश कुमार भाजपा से नाराज बताए जा रहे हैं।
- फोटो : अमर उजाला
भाजपा से नाराजगी और 21 दिन में चार केंद्रीय बैठकों से दूरी
नीतीश कुमार की जदयू को लगता था कि भाजपा उनकी ही पार्टी में फूट डालने की कोशिश कर रही है। मतलब जदयू के विधायकों, सांसदों और नेताओं को तोड़कर भाजपा अकेले दम पर सरकार बना सकती है। अजय आलोक, आरसीपी सिंह समेत कई नेताओं पर भाजपा के साथ सांठगांठ करने का आरोप लगा। ज्यादातर अब जदयू से बाहर हो चुके हैं।
इसके बाद खबर ये भी आई कि नीतीश कुमार ने इस बार केंद्र सरकार में जदयू कोटे से दो लोगों को मंत्री बनाने की मांग की है। जिसे भाजपा ने इंकार कर दिया। जिसके बाद से दोनों की दूरियां और बढ़ती गईं।
नीतीश कुमार की जदयू को लगता था कि भाजपा उनकी ही पार्टी में फूट डालने की कोशिश कर रही है। मतलब जदयू के विधायकों, सांसदों और नेताओं को तोड़कर भाजपा अकेले दम पर सरकार बना सकती है। अजय आलोक, आरसीपी सिंह समेत कई नेताओं पर भाजपा के साथ सांठगांठ करने का आरोप लगा। ज्यादातर अब जदयू से बाहर हो चुके हैं।
इसके बाद खबर ये भी आई कि नीतीश कुमार ने इस बार केंद्र सरकार में जदयू कोटे से दो लोगों को मंत्री बनाने की मांग की है। जिसे भाजपा ने इंकार कर दिया। जिसके बाद से दोनों की दूरियां और बढ़ती गईं।
अमित शाह की बैठक में नीतीश कुमार नहीं गए थे।
- फोटो : अमर उजाला
अमित शाह की बैठक में नहीं गए: 17 जुलाई के केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई थी। राष्ट्रीय ध्वज से जुड़ी इस चर्चा में नीतीश नहीं पहुंचे। जबकि कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इस कार्यक्रम में शिरकत की थी।
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राष्ट्रपति-उपराष्ट्रपति उम्मीदवारों के नामांकन में भी नहीं पहुंचे नीतीश कुमार।
- फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रपति-उपराष्ट्रपति के नामांकन से दूरी : जदयू ने भले ही राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवारों का समर्थन किया, लेकिन वह उनके नामांकन में नहीं गए। जबकि एनडीए में शामिल सभी दलों के नेता द्रौपदी मुर्मू और फिर जगदीप धनखड़ के नामांकन में शामिल हुए।
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फोटो राष्ट्रपति रहे रामनाथ कोविंद के विदाई समारोह की है।
- फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रपति के विदाई समारोह में नहीं पहुंचे: 22 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के विदाई समारोह में भोज आयोजित किया था। इसमें सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन नीतीश कुमार नहीं पहुंचे।