बाघ के मुंह से पत्नी को बचा लाया बहादूर पति
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बाघ के मुंह से पत्नी को बचा लाया बहादूर पति
कल कुंवरपुर निवासी धनीराम की बाघ के हमले से हुई मौत के बाद पूरा इलाका सतर्क था। वन विभाग ने भी अक्रोष को शांत करने के लिये गन्ने के खेत में पिंझड़ा लगा कर एक पड्डा बांध दिया लेजर कैमरे भी लगाये गये और कड़ी चौकसी की बात कही गयी।
लेकिन इस चौकसी को धता बताते हुए खूनी बाघ वहां से दो किलोमीटर दूर उसी इलाके के ग्राम करनापुर शाहगढ़ की आबादी से सटे जस्सा सिंह के फार्म पर रात दो बजे जा पहुंचा फार्म के पिछले हिस्से से घुस कर जहां पूरा परिवार सो रहा था।
बाघ के मुंह से पत्नी को बचा लाया बहादूर पति
जस्सा सिंह अपनी पहली पत्नी के मायेके रूद्रपुर गये हुए थे घर में उनकी दूसरी पत्नी मंजीत कौर व आठ सदस्य सो रहे थे बाघ ने चारपाई पर मच्छरदानी लगाकर सो रही मंजीत पर हमला कर खीचनें की कोशिश की जिसपर मंजीत कौर ने चीख कर शोर मचाया मंजीत कौर के पुत्र बलवंत ने बताया कि हम सभी लोग शोर मचाते हुए लाठी डंडे लेकर बाघ पर टूट पड़े जिसकी वजह से बाघ घबराकर उनकी माता को खींच कर नहीं ले जा सका।
बाघ के मुंह से पत्नी को बचा लाया बहादूर पति
बाघ के मुंह से पत्नी को बचा लाया बहादूर पति