त्रिपुरा के सीएम बिप्लब देव के बाद उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने अब अजीबोगरीब बयान देकर सभी को चौंका दिया है। बीते महीने भर से ऐसे चौंकाने और गुदगुदाने वाले कई बयान सामने आए हैं।
नेताओं के हैरान कर देने वाले बयान, पढ़कर नहीं रोक पाएंगे हंसी
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मथुरा में हिंदी पत्रकारिता दिवस के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि माता सीता का जन्म मिट्टी के बर्तन से हुआ था, यानि उस समय भी टेस्ट ट्यूब से बच्चे पैदा करने का कॉन्सेप्ट था। उन्होंने कहा कि सीता भी टेस्ट ट्यूब बेबी हो सकती हैं। रामायण काल में माता सीता का जन्म एक मिट्टी के बर्तन (घड़े) से हुआ था। इससे यह साबित होता है कि उस समय में टेस्ट ट्यूब बेबी की तकनीक रही होगी।
बिप्लब ने अंग्रेजों के विरोध में रवींद्रनाथ टैगोर के नोबेल पुरस्कार लौटा देने का दावा किया था। विपक्ष ने इस गलत दावे के लिए उनकी अज्ञानता को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। विपक्षियों ने इस गलतबयानी के लिए बिप्लब की जमकर आलोचना की थी। गोमाती जिले में टैगोर की जयंती पर श्रृद्धांजलि अर्पित करते हुए बंगाली भाषा में बिप्लब ने कहा था कि टैगोर ने अंग्रेजों का विरोध करते हुए अपना नोबेल पुरस्कार लौटा दिया था। लेकिन असलियत में मशहूर कवि, उपन्यासकार, नाटककार, चित्रकार, और दार्शनिक रहे टैगोर ने स्वीडिश अकादमी द्वारा दिए गए नोबल पुरस्कार को कभी नहीं लौटाया था।
वहीं बिप्लब 'पीडिया' कहे जाने लगे थे। महाभारत काल के अटपटे बयान से शुरू हुए बिप्लब रुकने का नाम ही नहीं ले रहे। बिप्लब लगातार एक के बाद एक ऐसा बयान देते रहे जिससे सोशल मीडिया में उनकी जगह पक्की हो गई। यही वजह है कि बिप्लब को लोग बिप्लब 'पीडिया' नाम से बुलाने लगे हैं। अपने एक बयान में बिप्लब ने कहा था कि मेरे सरकार में ऐसा नहीं होना चाहिए कि कोई भी उसमें उंगली मार दे, नाखून लगा दे। बिप्लब ने कहा कि जो भी नाखून लगाएगा उसका नाखून काट लेना चाहिए।
इससे पहले उन्होंने राज्य के बेरोजगार युवकों को एक अजीब सलाह दी थी। उन्होंने कहा था कि युवकों को सरकारी नौकरियों के लिए राजनेताओं के पीछे भागने की बजाय पान की दुकान खोल लेनी चाहिए। वह विश्व पशु दिवस के मौके पर यहां आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। देब ने कहा था कि राज्य के युवक सरकारी नौकरियों के लिए नेताओं के पीछे भागने में अपना बहुमूल्य समय गंवा देते हैं। यदि इन युवकों ने ऐसा करने की बजाय पान की दुकान खोल ली होती तो उनके बैंक खाते में अब तक कम से कम पांच लाख रुपये होते।