फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   West Bengal: 'loudspeakers will not be removed from mosque based on a verbal police order'; HC dismisses PIL

Bengal: 'पुलिस के मौखिक आदेश पर मस्जिद से माइक नहीं हटेगा', हाई कोर्ट से जनहित याचिका खारिज, मांगी ये जानकारी

Tue, 18 Aug 2026 07:43 PM IST
Pavan अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता Published by: Pavan Updated Tue, 18 Aug 2026 07:43 PM IST
सार

कलकत्ता हाईकोर्ट ने मस्जिदों से माइक हटाने के आरोपों वाली जनहित याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि केवल पुलिस के मौखिक आदेश के आधार पर कार्रवाई को चुनौती नहीं दी जा सकती। करीब चार हजार मस्जिदों से माइक हटाने के दावे पर जानकारी मांगी गई थी।

विज्ञापन
West Bengal: 'loudspeakers will not be removed from mosque based on a verbal police order'; HC dismisses PIL
कलकत्ता हाई कोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

कलकत्ता हाईकोर्ट ने मस्जिदों से माइक हटाने के आरोपों को लेकर दायर जनहित याचिका मंगलवार को खारिज कर दी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तपोब्रत चक्रवर्ती और न्यायमूर्ति अतुरूप बनर्जी की पीठ ने कहा कि केवल पुलिस के मौखिक आदेश के आधार पर किसी कार्रवाई को चुनौती नहीं दी जा सकती। अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि याचिका में करीब चार हजार मस्जिदों का जिक्र किया गया है, लेकिन इनमें से ज्यादातर को पक्षकार नहीं बनाया गया। मामला मस्जिदों से बिना लिखित नोटिस के पुलिस द्वारा लाउडस्पीकर हटाने के आरोपों से जुड़ा था। याचिका में दावा किया गया था कि पुलिस कई मस्जिदों में पहुंचकर माइक खोल रही है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- पुणे में 31 अगस्त तक निषेधाज्ञा लागू: कांग्रेस ने राहुल गांधी के कार्यक्रम से जोड़ा, लगाए क्या आरोप?
विज्ञापन


पिछली सुनवाई में राज्य की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने कहा था कि पुलिस मस्जिदों में जाकर माइक हटा रही है। उन्होंने करीब चार हजार मस्जिदों से माइक हटाए जाने का दावा किया था। इस पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने पूछा था कि किन जिलों और किन मस्जिदों से माइक हटाए गए, इसकी जानकारी दी जाए। मंगलवार को सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से बताया गया कि पुलिस को मस्जिदों से माइक हटाने का कोई लिखित आदेश नहीं दिया गया है। अदालत ने कहा कि केवल मौखिक बात के आधार पर अदालत से आदेश नहीं मांगा जा सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- दाभोलकर हत्याकांड: हाई कोर्ट ने दूसरे आरोपी सचिन अंदुरे को दी जमानत, अप्रैल में पहले हत्यारोपी को मिली थी बेल

टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने सुनवाई के बाद कहा कि अदालत ने साफ किया है कि अजान पहले की तरह दी जा सकती है, लेकिन इसके लिए तय ध्वनि सीमा का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस केवल मौखिक आदेश देकर किसी मस्जिद से माइक हटाने पहुंचे तो उसके आधार पर माइक नहीं हटाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पुलिस बिना कानूनी प्रक्रिया के मस्जिद में घुसती है तो संबंधित लोग उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं। अदालत ने हालांकि यह नहीं कहा कि मस्जिदों में माइक हर हाल में लगा रहेगा। ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल के लिए तय नियमों और ध्वनि सीमा का पालन करना जरूरी होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed