सीट का समीकरण: अब तक चार चुनाव, दो-दो बार जीते सपा और भाजपा, ऐसा है नौगावां सादात विधानसभा का गणित
अमरोहा जिले की नौगावां सादात विधानसभा सीट पर 2012 में सपा, जबकि 2017 और 2020 के उप चुनाव में भाजपा को जीत मिली। 2022 में एक बार फिर यहां सपा ने वापसी की। आइये जानते हैं नौगावां सादात सीट का पूरा राजनीतिक इतिहास, जातीय गणित और चुनावी सफर...
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उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। हर सीट का अपना एक अलग महत्व है। जैसे-जैसे चुनाव के दिन नजदीक आ रहे हैं, राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो रही है। देश की राजनीति का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले यूपी की सभी 403 विधानसभा सीटों पर अभी से चुनावी बिसात बिछनी शुरू हो चुकी है। राज्य का इतिहास गवाह है कि यहां सत्ता की कुंजी केवल बड़े मुद्दों से ही नहीं, बल्कि हर सीट के छोटे, स्थानीय और सामाजिक समीकरणों को साधने से मिलती है। चुनावी सरगर्मी के बीच, हम आपको उत्तर प्रदेश की हर विधानसभा सीट के इतिहास, सामाजिक ताने-बाने और उसके राजनीतिक परिदृश्य के बारे में विस्तार से बता रहे हैं। इसी कड़ी में आज बात अमरोहा जिले की नौगावां सादात (Naugawan Sadat) विधानसभा सीट की होगी। आइए, जानते हैं इस सीट का पूरा सियासी गणित और इतिहास...
पहले जानते हैं नौगावां सादात सीट के बारे में
उत्तर प्रदेश में कुल 75 जिले हैं, जिनमें कुल 403 विधानसभा सीटें हैं। इन्हीं में से एक जिला अमरोहा है। जिले में कुल चार विधानसभा सीटें हैं- धनौरा, नौगावां सादात, अमरोहा और हसनपुर। सीटों के समीकरण की कड़ी में आज हम नौगावां सादात विधानसभा सीट की बात करेंगे। अमरोहा जिले की नौगावां सादात विधानसभा सीट का गठन वर्ष 2008 में परिसीमन के बाद हुआ था। इस क्षेत्र में पहला विधानसभा चुनाव वर्ष 2012 में आयोजित किया गया था। इस विधानसभा क्षेत्र के पहले विधायक अशफाक अली खान बने, जिन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी।
2022 के चुनावों की बात करें तो, नौगावां सादात से सपा को जीत मिली थी। इन चुनावों में नौगावां सादात विधानसभा सीट से सपा के समरपाल सिंह ने जीत हासिल की। उन्होंने भाजपा के देवेंद्र नागपाल को 6000 से अधिक वोटों से हराया था। इस चुनाव में सपा के समरपाल सिंह को 1,08,497 वोट मिले, जबकि भाजपा के देवेंद्र नागपाल को 1,01,957 वोट मिले। चुनाव में बसपा के शादाब खान तीसरे नंबर पर रहे, जिन्हें 28,688 वोट मिले।
नौगावां सादात विधानसभा सीट का जातीय समीकरण क्या है?
नौगावां सादात विधानसभा सीट के जातिगत समीकरण की बात करें तो कुल मतदाताओं में मुस्लिम, अनुसूचित जाति (SC) और जाट आबादी सबसे निर्णायक भूमिका निभाती है। क्षेत्र में सर्वाधिक आबादी मुस्लिम मतदाताओं की है, जो लगभग 39% हैं। इसके बाद अनुसूचित जाति की हिस्सेदारी करीब 16%, जाट मतदाताओं की करीब 13% और क्षत्रिय मतदाताओं की करीब 10% है, जबकि सैनी व पाल मतदाता क्रमशः लगभग 7% और 5% हैं। वहीं, बाकी अन्य जातियों के मतदाता हैं। इस क्षेत्र में मुस्लिम मतदाता सबसे प्रभावशाली माने जाते हैं।
नौगावां सादात विधानसभा सीट 2008 में अस्तित्व में आई और इस सीट पर पहला चुनाव 2012 में हुआ। इन चुनावों में समाजवादी पार्टी (सपा) ने जीत हासिल की थी। चुनावों में सपा की तरफ से मैदान में उतरे अशफाक अली खान ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के राहुल कुमार को 3,662 वोट से हराकर जीत हासिल की। इन चुनावों में सपा के अशफाक अली खान को सबसे ज्यादा 55,626 वोट मिले, जबकि बसपा के राहुल कुमार 51,964 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर रहे। वहीं, तीसरे नंबर पर राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के अंशु नागपाल रहे, जिन्हें 36,695 वोट मिले।
2012 के बाद उत्तर प्रदेश में 2017 में चुनाव हुए। इन चुनावों में राज्य में भाजपा का बोलबाला रहा, क्योंकि राज्य के चुनावी नतीजों में भाजपा ने पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई थी। इसका असर अमरोहा की नौगावां सादात विधानसभा सीट पर भी पड़ा। इन चुनावों में नौगावां सादात सीट से भाजपा प्रत्याशी चेतन चौहान ने सपा के जावेद अब्बास को हराया। चुनाव में भाजपा के चेतन चौहान ने 97,030 वोट हासिल करते हुए जीत दर्ज की। उन्होंने सपा के जावेद अब्बास को हराया, जिन्हें कुल 76,382 वोट मिले। वहीं बसपा के जयदेव तीसरे नंबर पर रहे, जिन्हें कुल 40,172 वोट मिले थे।
हालांकि 2017 के बाद 2020 के इस सीट पर उपचुनाव हुए। 2020 में सपा विधायक चेतन चौहान के निधन की वजह से उपचुनाव हुए। इस उपचुनाव में भाजपा की संगीता चौहान विजयी हुईं। उन्होंने सपा के जावेद अब्बास को 15,077 वोटों के अंतर से हराया। चुनाव में संगीता चौहान को 86,692 वोट मिले, जबकि जावेद अब्बास को 71,615 वोट प्राप्त हुए। वहीं बसपा के फुरकान 38,399 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।