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Balloons of Hope: बंधकों की रिहाई के समर्थन में भारत समेत 15 देश, इस्राइली दूतावास के बाहर छोड़े गए गुब्बारे

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ज्योति भास्कर Updated Sat, 28 Oct 2023 06:36 PM IST
सार

पश्चिम एशिया में पिछले 22 दिनों से जारी युद्ध के बीच भारत में इस्राइली दूतावास "आशा के गुब्बारे: बंधकों को घर लाओ" अभियान में शामिल हुआ। इस मार्मिक समारोह में दिल्ली के आसमान में 229 गुब्बारे छोड़े गए। कुल 15 देश इस अभियान में भाग ले रहे हैं।

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Israel Hamas War Balloons of Hope Bring the Hostages Home campaign India in solidarity
बंधकों की रिहाई के लिए मुहिम, इस्राइली दूतावास के बाहर एकजुटता का प्रदर्शन - फोटो : amar ujala
सात अक्तूबर को इस्राइल में आतंकी संगठन हमास ने अंधाधुंध रॉकेट हमले किए। रिपोर्ट्स के अनुसार 5000 रॉकेट दागे गए। बंधकों की घर वापसी के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। 200 से अधिक निर्दोष लोग अभी भी बंधक बने हुए हैं, जिससे सामूहिक चिंता और दुख की गहरी भावना पैदा हो रही है। "आशा के गुब्बारे" अभियान में दुनियाभर के 15 से अधिक देश भाग ले रहे हैं। बंधकों के परिजनों और परिवारों के साथ एकजुटता का मार्मिक प्रदर्शन करते हुए, भारत में इस्राइली दूतावास "आशा के गुब्बारे: बंधकों को घर लाओ" अभियान में शामिल हुआ।
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सर्बिया के बेलग्रेड में भी इस्राइली दूतावास के बाहर छोड़े गए गुब्बारे

Israel Hamas War Balloons of Hope Bring the Hostages Home campaign India in solidarity
बंधकों की रिहाई के लिए मुहिम, सर्बिया के बेलग्रेड में इस्राइली दूतावास के बाहर छोड़े गए गुब्बारे - फोटो : amar ujala
हमास के कब्जे में कई देशों के नागरिक हैं, ऐसी रिपोर्ट्स सामने आई हैं। बंधकों की रिहाई की मुहिम- बंधकों को घर लाओ के तहत यूरोप के पड़ोस में बाल्कन क्षेत्र के देश- सर्बिया के बेलग्रेड में भी इस्राइली दूतावास के बाहर गुब्बारे छोड़े गए। युद्ध की शुरुआत के 22 दिन हो चुके हैं ऐसे में सामूहिक चिंता और दुख की गहरी भावना पैदा हो रही है।
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अमेरिकी शहर बोस्टन में भी पीड़ितों के साथ सहानुभूति

Israel Hamas War Balloons of Hope Bring the Hostages Home campaign India in solidarity
बंधकों की रिहाई के लिए मुहिम, एकजुटता के प्रदर्शन में अमेरिकी शहर बोस्टन में भी छोड़े गए गुब्बारे - फोटो : amar ujala
इस्राइल और हमास की लड़ाई में अमेरिका इस्राइल का पूरा समर्थन कर रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका ने सैन्य मदद के अलावा इस्राइल को हमास पर कार्रवाई का पूरा अधिकार जैसे मनोवैज्ञानिक बयान भी दिए हैं। इसी बीच अमेरिकी शहर बोस्टन में बंधकों के परिवारों के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए बैलून्स ऑफ होप के तहत गुब्बारे छोड़े गए

ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में भी दिखी इंसानियत का पैगाम, आसमान में छोड़े गए 'आशा के गुब्बारे'

Israel Hamas War Balloons of Hope Bring the Hostages Home campaign India in solidarity
बंधकों की रिहाई के लिए वैश्विक मुहिम, ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में इस्राइली दूतावास के बाहर गुब्बारे - फोटो : amar ujala
ओशिनियाई देश- ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में भी नागरिकों ने इस्राइल-हमास युद्ध के पीड़ितों और बंधकों के परिवारों के प्रति एकजुटता दिखाई गई। प्रत्येक गुब्बारा बंधक बनाए गए और वर्तमान में गाजा पट्टी में दयनीय हालात में फंसे निर्दोष लोगों का प्रतिनिधित्व करता है। अभियान चला रहे लोगों के अनुसार, ये गुब्बारे बंधकों की सुरक्षित वापसी की उत्कट इच्छा के प्रतीक हैं।
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पुर्तगाल की राजधानी में भी इस्राइल-हमास युद्ध के बंधकों की रिहाई की अपील

Israel Hamas War Balloons of Hope Bring the Hostages Home campaign India in solidarity
बंधकों की रिहाई की अपील, पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में इस्राइली दूतावास के बाहर छोड़े गए गुब्बारे - फोटो : amar ujala
"आशा के गुब्बारे: बंधकों को घर लाओ" अभियान को लेकर जारी बयान में कहा गया कि इस्राइल और हमास के युद्ध अंतरराष्ट्रीय एकता के अभूतपूर्व प्रदर्शन में, "आशा के गुब्बारे" अभियान से दुनिया भर के 15 से अधिक देशों की भागीदारी हो रही है। इसके तहत पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में भी सफेद और नीले गुब्बारे आसमान में छोड़े गए।
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