एक महीना हो गया है, लेकिन अभी तक महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्रिमंडल का गठन नहीं हो सका है। महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में तमाम तरह की अटकलों का दौर चल रहा है। महाराष्ट्र के राजनीतिक जानकारों की मानें तो मामला उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को दिए जाने वाले मंत्रालय से लेकर शिंदे के साथ आए नौ मंत्रियों को दोबारा मंत्री बनाए जाने समेत कई पॉइंट पर फंसा हुआ है। यही वजह है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की भाजपा आलाकमान से मुलाकातों के बाद भी मंत्रिमंडल का गठन नहीं हो सका है।
महाराष्ट्र में मंत्रिमंडल का गठन कई महत्वपूर्ण पहलुओं को साधने के चलते फंसा हुआ है। सूत्रों की मानें तो उप मुख्यमंत्री बनाए गए देवेंद्र फडणवीस को दिए जाने वाले मंत्रालय के नाम पर भी बहुत बड़ा पेंच फंस रहा है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी का एक बड़ा धड़ा महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान सरकार में उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को गृह मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण पद देने की बात कर रहा है। हालांकि, चर्चाओं के मुताबिक देवेंद्र फडणवीस को गृह मंत्रालय की बजाए वित्त मंत्रालय जैसे दूसरे अन्य विभाग दिए जाने की भी बात हो रही है। सूत्रों का कहना है कि मामला इसी पावर सेंटर को लेकर के फंसा हुआ है कि देवेंद्र फडणवीस को महाराष्ट्र में कितनी ताकत मिलेगी। सूत्रों के मुताबिक मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर एकनाथ शिंदे की आलाकमान से कई दौर की बातचीत भी हो चुकी है। जबकि हाल में शिंदे की दिल्ली यात्रा इन्हीं विभागों के बंटवारे को लेकर चर्चा में रही थी।
कई निर्दलीय विधायकों की भी मंशा नई सरकार में मंत्री बनने की
2 of 4
Maharashtra Politics
- फोटो : ANI
सिर्फ देवेंद्र फडणवीस को दिए जाने वाले मंत्रालय को लेकर के ही पेंच नहीं फंसा है, बल्कि सबसे बड़ा संकट इस बात का भी है कि एकनाथ शिंदे के साथ आए उद्धव सरकार के नौ मंत्रियों को किस तरीके से नई सरकार में समायोजित किया जाए। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक जो लोग एकनाथ शिंदे के साथ उद्धव सरकार को गिरा कर नई सरकार में शामिल हुए हैं, वह लोग मंत्री तो बनना ही चाह रहे हैं। इसके अलावा एकनाथ शिंदे के साथ आए कई निर्दलीय विधायकों की भी मंशा नई सरकार में मंत्री बनने की है।
महाराष्ट्र के वरिष्ठ पत्रकार और राजनैतिक विश्लेषक हिमांशु शितोले कहते हैं कि जाहिर सी बात है कि जब एकनाथ शिंदे के साथ पुरानी सरकार के नौ मंत्री आए हैं, तो निश्चित तौर पर उनकी भी कुछ अपनी महत्वाकांक्षाए होगी। ऐसे में उन सभी नौ मंत्रियों को समायोजित करने का भी दबाव है। इसके अलावा एकनाथ शिंदे के साथ कई निर्दलीय विधायक और शिवसेना के विधायक साथ में आए हैं। ऐसे में एकनाथ शिंदे के सामने अपने साथ आए नेताओं को समायोजित करने की चुनौती तो बनी ही हुई है। चूंकि महाराष्ट्र सरकार के मंत्रिमंडल का गठन दिल्ली के दिशा निर्देशों के अनुसार ही होना है इसलिए सभी राजनीतिक समीकरण और आगामी चुनावों को देखते हुए ही तमाम गुणा गणित लगाई जा रही है।
गुजरात का मॉडल अपनाए जाने की चर्चा
सूत्रों के मुताबिक महाराष्ट्र सरकार के मंत्रिमंडल में हो रही देरी की एक बड़ी वजह यह बात भी सामने आ रही है कि यहां पर गुजरात का मॉडल अपनाया जाए या नहीं। गुजरात में नए मंत्रिमंडल के साथ सभी पुराने चेहरों को पूरी तरीके से बदल दिया गया था। इसलिए कयास यह भी लगाए जा रहे हैं कि महाराष्ट्र में बनने वाले नए मंत्रिमंडल में गुजरात पॉलिटिकल मॉडल की झलक दिखे। यानी कि मंत्रिमंडल में सभी चेहरे नए हो।
राजनीतिक विश्लेषक और वरिष्ठ पत्रकार हिमांशु शितोले कहते हैं कि महाराष्ट्र के राजनीतिक दलों में अंदरूनी उठापटक की चर्चाएं तो जाहिर हैं। ऐसे में मंत्रिमंडल गठन से पहले यह चर्चाएं हो रही है कि यहां के सभी पुराने मंत्रियों को बदलकर नए और युवा चेहरों पर दांव लगाया जाए। ताकि आने वाले विधानसभा लोकसभा के चुनावों में न सिर्फ भारतीय जनता पार्टी का युवा और नया नेतृत्व सामने आएगा बल्कि महाराष्ट्र के नए युवा नेताओं को मौका भी मिल सकेगा।
अंदरूनी राजनीति के हावी होने के चलते मंत्रिमंडल विस्तार में देरी
4 of 4
Maharashtra Deputy CM Devendra Fadnavis and cm eknath shinde
- फोटो : ANI
महाराष्ट्र के राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो राज्य में सरकार तो भारतीय जनता पार्टी ने बना ली है, लेकिन अंदरूनी राजनीति के हावी होने के चलते मंत्रिमंडल विस्तार में देरी हो रही है। जानकारों के मुताबिक जिस तरीके से महाराष्ट्र के भाजपा नेताओं में खेमे बंदी है वह मंत्रिमंडल विस्तार में देरी की बड़ी वजह बनती जा रही है। इसके अलावा एकनाथ शिंदे के साथ है विधायकों के समायोजन की स्थिति स्पष्ट न होने से भी देरी हो रही है।
सूत्रों का कहना है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे बीते कुछ दिनों में दिल्ली का दौरा भी कई बार कर चुके हैं। चर्चाएं तो इस बात की भी है कि एकनाथ शिंदे बीती देर रात को दिल्ली पहुंचे हैं और उसके बाद सुबह वापस महाराष्ट्र जाकर औरंगाबाद में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में शिरकत भी कर रहे हैं। हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि तो नहीं हुई है। लेकिन महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चाएं हैं कि अगले कुछ दिनों में मंत्रिमंडल का गठन हो जाएगा। इसी के साथ मंत्रिमंडल गठन में दिए जाने वाले विभागों से नेताओं की ताकत का भी आंकलन हो सकेगा।
कमेंट
कमेंट X