दिल्ली की नई सरकार में प्रवेश वर्मा सहित छह कैबिनेट मंत्री होंगे। उन्हें गुरुवार दोपहर को पद की शपथ दिलाई जाएगी। प्रवेश वर्मा ने हाल में हुए विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को हराया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय की एक अधिसूचना में कहा गया है कि राष्ट्रपति ने नामित मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सलाह पर भाजपा विधायकों प्रवेश साहिब सिंह वर्मा, आशीष सूद, मनजिंदर सिंह सिरसा, रविंद्र इंद्राज, कपिल मिश्रा और पंकज कुमार सिंह को दिल्ली सरकार में मंत्री नियुक्त किया है। ये नए मंत्री मुख्यमंत्री पद के लिए चुनी गईं गुप्ता के साथ रामलीला मैदान में एक भव्य समारोह में शपथ लेंगे। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य गणमान्य लोग शामिल होंगे।
Pravesh Verma: प्रवेश वर्मा के पिता पूर्व CM और चाचा रहे NDMC के मेयर; केजरीवाल को हराने के बाद बनेंगे मंत्री
केंद्रीय गृह मंत्रालय की एक अधिसूचना में कहा गया है कि राष्ट्रपति ने नामित मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सलाह पर भाजपा विधायकों प्रवेश साहिब सिंह वर्मा, आशीष सूद, मनजिंदर सिंह सिरसा, रविंद्र इंद्राज, कपिल मिश्रा और पंकज कुमार सिंह को दिल्ली सरकार में मंत्री नियुक्त किया है।
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प्रवेश वर्मा कौन हैं?
प्रवेश वर्मा का जन्म 7 नवंबर 1977 को दिल्ली के एक जाट परिवार में हुआ। उनके पिता का नाम साहिब सिंह वर्मा और मां का नाम साहिब वर्मा है। प्रवेश वर्मा के एक भाई और तीन बहने हैं। वर्मा ने आरके पुरम के दिल्ली पब्लिक स्कूल और किरोरी मल कॉलेज से पढ़ाई की है। उन्होंने फोर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से एमबीए किया है।
प्रवेश वर्मा 2013 के विधानसभा चुनाव के लिए दिल्ली भाजपा चुनाव समिति के सदस्य थे। उससे उससे पहले 2009 में वह पश्चिम दिल्ली सीट से लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। हालांकि, पार्टी के नेताओं ने उन्हें आश्वासन दिया था कि इस पर विचार किया जाए। इस सीट पर जनकपुरी के विधायक जगदीश मुखी ने चुनाव लड़ा था।
भाजपा ने प्रवेश वर्मा को 7 नवंबर 2013 को विधानसभा चुनाव के लिए महरौली सीट से अपना उम्मीदवार बनाया। इस सीट पर दक्षिण दिल्ली नगर निगम की महापौर सरिता चौधरी और भाजपा के वरिष्ठ नेता शेर सिंह डागर चुनाव लड़ना चाहते थे। दोनों के समर्थकों ने प्रवेश वर्मा का विरोध किया था। चौधरी के समर्तकों ने दिल्ली भाजपा मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था और वर्मा को बाहरी बताया था। उनकी मां और पत्नी ने उनके लिए अभियान चलाया। फिर वर्मा ने आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार नरिंदर सिंह को 4,564 वोटों से हराया। 2014 के आम चुनाव में पश्चिम दिल्ली लोकसभा सीट से रिकॉर्ड 2,68,586 मतों के अंतर से उन्होंने चुनाव जीता।
वर्मा पश्चिम दिल्ली से दूसरी बार 5.78 लाख मतों के अंतर से सांसद बने। उन्होंने कांग्रेस के महाबल मिश्रा को हराया था। वर्मा ने जीत के अंतर का अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा था। 2019 के आम चुनावम में वर्मा को 14,41,601 मतों में से 8,65,648 वोट मिले। वह संसद के वेतन और भत्तों की संयुक्त समिति के सदस्य बने और उन्होंने शहरी विकास पर स्थायी समिति में भी काम किया। उन्होंने एम्स के शासी निकाय में भी सेवा दी। 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में नई दिल्ली सीट से उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को हराया।
पिता साहिब सिंह वर्मा रहे दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री
साहिब सिंह वर्मा भाजपा के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष थे। वह 1996 से 1998 तक दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे और 1999 से 2004 तक 13वीं लोकसभा के संसद सदस्य रहे। उन्होंने केंद्रीय श्रम मंत्री के रूप में काम किया। साहिब सिंह वर्मा का जन्म 15 मार्च 1943 को दिल्ली के मुंडका गांव में एक जमींदार मीर सिंह लाकड़ा और भरपाई देवी के घर में हुआ था। उन्होंने लाइब्रेरी साइंस में पीएचडी की थी और दिल्ली के भगत सिंह कॉलेज में लाइब्रेरियन के रूप में काम शुरू किया। उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से एमए और लाइब्रेरी साइंस में मास्टर डिग्री हासिल की। उनका विवाह साहिब कौर से हुआ था।
चाचा आजाद सिह रह चुके एनडीएमसी के मेयर
उनके चाचा आजाद सिंह उत्तरी दिल्ली नगर निगम के मेयर रहे हैं। आजाद सिंह ने 2013 में मुंडका विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था। आजाद सिंह 1998 से शिक्षक राजनीति में सक्रिय रही और उन्होंने दिल्ली में सरकारी स्कूल शिक्षक संघ के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ा था। उन्होंने अपने भाई साहिब सिंह वर्मा के मार्गदर्शन में लोकतांत्रिक अध्यापक मंच की नींव रखी थी। वह विधानसभा के लिए लगातार तीन बार मुंडका से भाजपा के उम्मीदवार रहे। हालांकि वह अभी तक एक भी विधानसभा चुनाव नहीं जीत पाए।
भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री की बेटी हैं स्वाति सिंह
प्रवेश वर्मा की जीत और मंत्री बनाए जाने का जश्न दिल्ली से लेकर मध्य प्रदेश तक मनाया जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि मध्य प्रदेश के धार में प्रवेश वर्मा का ससुराल है। उनकी सास वर्तमान में भाजपा विधायक हैं, जबकि ससुर पूर्व सांसद और केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। प्रवेश वर्मा की पत्नी स्वाति सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री और मध्य प्रदेश भाजपा के नेता विक्रम वर्मा की बेटी हैं। उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें दो बेटियां सनिधि सिंह और प्रिशा सिंह व एक बेटा शिवेन सिंह हैं। वह राष्ट्रीय स्वाभिमान नाम का एनजीओ भी चलाते हैं।