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President Of India: 12 साल तक पद पर रहे राजेंद्र प्रसाद, इनका कार्यकाल सबसे छोटा, जानें सभी राष्ट्रपतियों को
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Thu, 21 Jul 2022 03:09 PM IST
सार
रिटायरमेंट के साथ ही रामनाथ कोविंद देश के 12वें राष्ट्रपति हो जाएंगे, जिन्होंने अपने पांच साल का कार्यकाल पूरा किया। इनसे पहले 11 राष्ट्रपति अपने पांच साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। देश के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद इकलौते महामहिम हैं, जो लगातार दो बार इस पद पर रहे।
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देश के पूर्व राष्ट्रपतियों की सूची
- फोटो : अमर उजाला
अगले चार दिन के अंदर देश को नया राष्ट्रपति मिल जाएगा। रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 25 जुलाई को खत्म हो रहा है। इसी दिन नए राष्ट्रपति शपथ ग्रहण कर लेंगे। आंकड़ों के हिसाब से एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू मजबूत स्थिति में हैं।
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राजेंद्र प्रसाद
- फोटो : अमर उजाला
1. राजेंद्र प्रसाद : देश के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद के नाम सबसे ज्यादा दिन तक पद पर बने रहने का रिकॉर्ड है। इन्होंने 26 जनवरी 1950 को कार्यभार संभाला था और 12 साल 107 दिन तक यानी 13 मई 1962 तक राष्ट्रपति रहे। बंगाल प्रेसीडेंसी के जिरदाई (अब बिहार का सिवान जिला) में राजेंद्र प्रसाद का जन्म तीन दिसंबर 1884 को हुआ था। कांग्रेस से जुड़कर उन्होंने अपनी राजनीति शुरू की थी। 78 साल की उम्र में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में आखिरी सांस ली।
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पं. नेहरू और इंदिरा गांधी के साथ डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन
- फोटो : अमर उजाला
2. सर्वपल्ली राधाकृष्णन: देश के दूसरे राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन रहे। इन्होंने 13 मई 1962 को राष्ट्रपति पद संभाला और पांच साल का कार्यकाल पूरा किया। राधाकृष्णन का जन्म मद्रास प्रेसिडेंसी के थिरूतन्नी ( जो अब तमिलनाडु का हिस्सा है) में पांच सितंबर 1888 को हुआ था। राधाकृष्णन खुद शिक्षक थे। राधाकृष्णन के नाम देश के पहले उपराष्ट्रपति होने का रिकॉर्ड दर्ज है।
इंदिरा गांधी के साथ डॉ. जाकिर हुसैन
- फोटो : अमर उजाला
3. जाकिर हुसैन: देश को तीसरे राष्ट्रपति के रूप में जाकिर हुसैन मिले। जाकिर हुसैन का जन्म 13 मई 1967 को हैदराबाद में हुआ था, लेकिन बाद में पूरे परिवार के साथ वह उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में शिफ्ट हो गए। जाकिर हुसैन का ज्यादातर समय अलीगढ़ और फिर दिल्ली के जामिया में गुजरा। जाकिर हुसैन ने बतौर राष्ट्रपति 1 साल 355 दिन सेवाएं दी। इन्होंने 13 मई 1967 को कार्यभार संभाला था और तीन मई 1969 तक इस पद पर बने रहे। राष्ट्रपति रहते हुए ही जाकिर हुसैन का निधन हो गया। हुसैन के नाम देश के पहले मुस्लिम राष्ट्रपति होने का रिकॉर्ड है।
उनके भाई मुहम्मद हुसैन पाकिस्तान के शिक्षामंत्री भी रहे थे। हुसैन के भतीजे अनवर हुसैन पाकिस्तान टेलीविजन कॉरपोरेशन के निदेशक रहे। कजिन रहिमुद्दीन खान पाकिस्तान आर्मी के जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के चेयरमैन रहे। बाद में बलूचिस्तान और सिंध के गर्वनर भी रहे।
उनके भाई मुहम्मद हुसैन पाकिस्तान के शिक्षामंत्री भी रहे थे। हुसैन के भतीजे अनवर हुसैन पाकिस्तान टेलीविजन कॉरपोरेशन के निदेशक रहे। कजिन रहिमुद्दीन खान पाकिस्तान आर्मी के जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के चेयरमैन रहे। बाद में बलूचिस्तान और सिंध के गर्वनर भी रहे।
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जस्टिस मोहम्मद हिदायतुल्लाह और वीवी गिरी।
- फोटो : अमर उजाला
4. वीवी गिरी : तीन मई 1969 को जाकिर हुसैन के निधन के बाद तत्कालीन उपराष्ट्रपति वीवी गिरी ने देश के कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में पदभार संभाला। गिरी पहले ऐसे उपराष्ट्रपति भी रहे, जो अपना उपराष्ट्रपति का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए। गिरी दो बार देश के राष्ट्रपति बने। कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में उनका कार्यकाल78 दिन का कार्यकाल रहा।
इसके बाद हुए चुनाव में जीतकर फिर से वीवी गिरी ने पदभार संभाला और पूरे पांच साल इस पद पर रहे। गिरी ने 24 अगस्त 1969 को राष्ट्रपति का कार्यभार संभाला और 24 अगस्त 1974 तक वह इस पद पर बने रहे। जब गिरी राष्ट्रपति चुनाव में उतरे तो उन्होंने कार्यवाहर राष्ट्रपति के पद से इस्तीफा दे दिया। उस वक्त कोई उपराष्ट्रपति भी नहीं था। ऐसे में देश चीफ जस्टिस मोहम्मद हिदायतुल्लाह कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाए गए। वह इस पद पर महज 35 दिन रहे।
हिदायतुल्लाह के नाम तीन और रिकॉर्ड दर्ज हैं। ये भारत के पहले मुस्लिम मुख्य न्यायाधीश थे। इसके अलावा हिदायतुल्लाह इकलौते शख्स हैं, जिन्होंने मुख्य न्यायाधीश के साथ-साथ राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी भी संभाली है।
इसके बाद हुए चुनाव में जीतकर फिर से वीवी गिरी ने पदभार संभाला और पूरे पांच साल इस पद पर रहे। गिरी ने 24 अगस्त 1969 को राष्ट्रपति का कार्यभार संभाला और 24 अगस्त 1974 तक वह इस पद पर बने रहे। जब गिरी राष्ट्रपति चुनाव में उतरे तो उन्होंने कार्यवाहर राष्ट्रपति के पद से इस्तीफा दे दिया। उस वक्त कोई उपराष्ट्रपति भी नहीं था। ऐसे में देश चीफ जस्टिस मोहम्मद हिदायतुल्लाह कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाए गए। वह इस पद पर महज 35 दिन रहे।
हिदायतुल्लाह के नाम तीन और रिकॉर्ड दर्ज हैं। ये भारत के पहले मुस्लिम मुख्य न्यायाधीश थे। इसके अलावा हिदायतुल्लाह इकलौते शख्स हैं, जिन्होंने मुख्य न्यायाधीश के साथ-साथ राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी भी संभाली है।