मोदी सरकार ने लाल बत्ती पर पाबंदी लगा दी है। VVIP कल्चर समाप्त करने के लिए ये कदम उठाए गए हैं। इसके दायरे में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश और मुख्यमंत्री समेत सभी शामिल हैं। हालांकि ये फैसला 1 मई से लागू होना है लेकिन कैबिनेट मंत्रियों ने अपनी गाड़ियों से लाल बत्ती हटवानी शुरू कर दी है।
फैसला लागू होने के पहले ही मुख्यमंत्री और मंत्री हटाने लगे गाड़ियों से लाल बत्ती
लाल बत्ती हटाने में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी सबसे आगे रहे। फैसले के तुरंत बाद बुधवार को ही उन्होंने अपनी गाड़ी से लाल बत्ती हटवा ली। नितिन गडकरी ने कहा कि 'अब सिर्फ आपातकालीन वाहनों को ही लाल बत्ती की लगाने की अनुमति होगी, मैंने आज ही अपनी गाड़ी से लाल बत्ती को हटा दिया है।'
Usage of red beacon tied us back to colonial legacy. With LalBatti removal PM @narendramodi's vision of New India took a step forward
And with that we have proven that #EveryoneVIPinNewIndia. A welcome step by PM Shri @narendramodi ji. #RedBeacon pic.twitter.com/0dI7FoMJkV
— Maneka Gandhi (@Manekagandhibjp) April 19, 2017
खेल मंत्री विजय गोयल ने भी पहल की और ट्वीट किया, "मैं लाल बत्ती को हटाने के फैसले का स्वागत करता हूं। और 1 मई क्यों, मेरा मानना है कि इसे तुरंत किया जाना चाहिए।
लाल बत्ती हटाई तुरंत, VIP CULTURE का हुआ अंत ! No more #RedBeacons , #EveryoneVIPinNewIndia pic.twitter.com/Q0ISfwhoFu
