यूपी सरकार की तैयारियों को देखते हुए पहले ही अनुमान लगाया जा रहा था कि राहुल गांधी संभल नहीं जा पाएंगे। वही हुआ। राहुल गांधी अपने घर से संभल के लिए निकले, लेकिन उन्हें दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर ही रोक लिया गया। प्रशासन के साथ लंबे समय तक मशक्कत करने के बाद उन्हें करीब साढ़े बारह बजे दिल्ली वापस लौटना पड़ा। इस पूरे घटनाक्रम में प्रियंका गांधी राहुल के साथ डटकर खड़ी नजर आईं। भाजपा ने राहुल गांधी की संभल जाने की कोशिश को फोटो ऑप करार दिया है। पार्टी ने राहुल गांधी के पश्चिम बंगाल, पालघर और तमिलनाडु में न जाने पर भी सवाल उठाए।
Sambhal: संभल पर डंबल भांजकर राहुल गांधी को क्या मिला; भाजपा ने पूछा- कोलकाता के आरजी कर क्यों नहीं गए?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राहुल गांधी के संभल जाने के कार्यक्रम के कारण एनएच-24 पर सुबह से ही लंबा जाम लग गया। लोग दो किलोमीटर से लंबे जाम में जूझते रहे। वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से गाजियाबाद या नोएडा जाने का रास्ता दे दिया गया। लेकिन इसके कारण आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
राहुल गांधी इस छोटी सी यात्रा से भी बड़ा संदेश देने में सफल रहे हैं। नेता प्रति पक्ष के नाते उन्हें जनता के कष्ट के समय उनके साथ खड़े होते हुए, उनके अधिकारों के लिए लड़ते हुए दिखना चाहिए था। वे गाजीपुर बॉर्डर तक पहुंच कर भी यह संदेश देने में सफल रहे हैं। मीडिया में राहुल गांधी के गाजीपुर बॉर्डर पर होने का समाचार सुनकर जिस तरह लोगों की भीड़ यूपी बॉर्डर पर उमड़ पड़ी थी, वह यह बताने के लिए पर्याप्त थी कि राहुल गांधी ने सही समय पर सही मुद्दे को पकड़कर अपने मतदाताओं को यह संदेश देने की कोशिश की है कि वे उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ने में हमेशा आगे खड़े रहेंगे।
राहुल गांधी ने गाजीपुर बॉर्डर पर एक हाथ में संविधान की प्रति लेकर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जनता के दुख में उनके साथ खड़े होना उनका संवैधानिक अधिकार है। लेकिन सरकार उन्हें अपना कर्तव्य निभाने से रोक रही है। प्रियंका गांधी ने भी कहा कि यूपी सरकार के द्वारा उनको रोकना गलत संदेश देता है।
कांग्रेस नेता ने कहा
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के कई दिग्गज नेता राहुल गांधी की इस यात्रा में उनके साथ थे। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, प्रदेश उपाध्यक्ष विश्व विजय सिंह, अमेठी से कांग्रेस सांसद किशोरीलाल शर्मा और अन्य नेता पहुंचे थे। विश्व विजय सिंह ने अमर उजाला से कहा कि नेता विपक्ष होने के नाते राहुल गांधी को जनता की लड़ाई लड़ना है और वे अपना कर्तव्य निभा रहे हैं। लेकिन राहुल गांधी की लोकप्रियता से डरी योगी आदित्यनाथ सरकार उन्हें आगे नहीं जाने दे रही है। यह एक राजनीतिक पार्टी के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन भी है।
विश्व विजय सिंह ने अमर उजाला से कहा कि संभल में क्या हुआ है, इसकी जांच होनी चाहिए और इसका सच बाहर निकलना चाहिए। यूपी सरकार और पुलिस इस मुद्दे पर बार-बार अपना बयान बदल रहे हैं। इससे इस मामले में कुछ गलत होने की आशंका बढ़ जाती है। जनता के लिए न्याय होना ही नहीं, बल्कि न्याय होते हुए दिखना भी चाहिए।
भाजपा ने किया हमला
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि राहुल गांधी फोटो ऑप के लिए संभल जा रहे थे। उन्होंने कहा कि कुछ ही समय पहले कोलकाता के आरजीकर अस्पताल में एक महिला डॉक्टर के साथ नृशंस हत्याकांड हुआ था। इससे पूरा देश सहम गया था, लेकिन राहुल गांधी वहां नहीं गए। इसी तरह पालघर, जयपुर, कोल्हापुर और तमिलनाडु में भी राहुल गांधी नहीं गए क्योंकि इसमें उनको राजनीतिक लाभ नहीं दिखाई दे रहा था। भाजपा नेता ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसे मामलों में भी विपक्ष राजनीतिक गोटियां खेल रहा है।