भारतीय वायुसेना विश्व की चौथी सबसे बड़ी वायुसेना मानी जाती है। भारतीय वायुसेना के पास 900 लड़ाकू एयरक्राफ्ट हैं जबकि कुल सक्रिय हवाई जहाजों की संख्या 1,720 है। फाइटर एयरक्राफ्ट की बात की जाए तो भारतीय वायुसेना के पास फिलहाल सात फाइटर एयरक्राफ्ट हैं जिसमें सुखोई एसयु-30 एमकेआई, तेजस, मिराज 2000, मिग-29, मिग-21 और जेगुवार शामिल हैं।
भारतीय वायुसेना का दमखम: सुखोई एसयू-30 एमकेआई से लेकर राफेल की मारक क्षमता तक
सुखोई एसयु-30 एमकेआई
रूसी सुखोई एसयु-30 एमकेआई भारतीय वायुसेना में सबसे ताकतवर एयरक्राफ्ट माना जाता है। भारतीय वायुसेना के पास 272 सक्रिय सुखोई एसयु-30 एमकेआई हैं, इस एयरक्राफ्ट में दो इंजन हैं और दो चालको के बैठने की जगह है। इनमें से कुछ एयरक्राफ्ट को सुपरसोनिक मिसाइल ब्रह्मोस को लॉन्च करने के लिए भी अपग्रेड किया गया है।
सुखोई विमान 3,000 किलोमीटर तक हमला कर सकता है। जबकि इसकी क्रूज रेंज 3,200 किलोमीटर तक है और कॉम्बेट रेडियस 1,500 किलोमीटर है। वजन में भारी होने के बावजूद यह लड़ाकू विमान अपनी तेज़ गति के लिये जाना जाता है। यह विमान आकाश में 2,100 किलोमीटर प्रति घंटा की तेज रफ्तार से फर्राटा भर सकता है।
तेजस
साल 2016 में एलसीए तेजस भारतीय वायुसेना में शामिल हुआ। तेजस को पहले मिग-21 बाइसन की जगह लेने के उद्देश्य से बनाया गया था। भारतीय वायुसेना में अभी 20 तेजस सक्रिय हैं, जबकि 40 तेजस एयरक्राफ्ट का ऑर्डर दिया जा चुका है। तेजस का वजन 12 टन है और इसकी लंबाई 13.2 मीटर है।
तेजस की ताकत एयर टू एयर मिसाइल, लेजर गाइडेड मिसाइल और मेक इन इंडिया अस्त्र मिसाइल है। तेजस मल्टीरोल विमान है और इसकी संरचना एक वीडियो गेम की तरह है, इसलिए इसे उड़ाना आसान है।
मिराज 2000
मिराज 2000 विमान की सहायता से ही 26 फरवरी 2019 को भारत ने पाकिस्तान के जैश-ए-मोहम्मद के कैंप को बम से उड़ाया था। भारतीय वायुसेना में अभी 57 मिराज 2000 जेट शामिल हैं। मिराज 2000 मल्टीरोल, सिंगल इंजर और सिंगल सीटर वाला जेट है, इसकी रफ्तार 2,495 किलोमीटर प्रति घंटा है।
इस लड़ाकू विमान की सबसे खास बात है कि यह किसी भी देश की सीमा के अंदर जाकर मार कर सकता है। यह बड़ी सटीकता के साथ सीमा के अंदर घुसकर अपने टारगेट को ध्वस्त करने का दमखम रखता है। ये वो मिसाइल है जो हवा से जमीन पर मार कर सकती हैं। इसके साथ ही यह अपने साथ एयर टू सर्फेस मिसाइल भी संभाल सकती है।
मिग 29
मिग-29 लड़ाकू विमान में दो इंजन और एकल सीट है। इस फाइटर जेट की रफ्तार 2,445 किलोमीटर प्रति घंटा है। भारतीय वायुसेना में अभी 69 सक्रिय मिग-29 जेट प्लेन हैं। मिग-29 की सहायता से हवा से हवा, हवा से सतह और एंटी शिपिंग ऑपरेशन में आसानी होगी और यह ग्लास कॉकपिट, डिजिटल स्क्रीन जैसे अत्याधुनिक तकनीक से लैस भी है।
कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तानी सेना को धूल चटाने में इस फाइटर प्लेन ने काफी मदद की थी। मिग-29 विमान को अपग्रेड कर दिया गया है, जिसके बाद इसकी रफ्तार और तेज हो गई है।