अफगानिस्तान की धरती बुधवार को भूकंप के झटकों से हिल गई। यहां 6.1 तीव्रता का भूकंप आया। आपदा प्रबंधन अधिकारियों के मुताबिक, भूकंप के कारण देश में कम से कम 255 लोगों की मौत हुई है। यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। इसके अलावा करीब 150 लोगों के घायल होने की सूचना है। आइए जानते हैं दुनिया में आई 10 बड़ी प्राकृतिक आपदाओं के बारे में जो छोड़ गईं तबाही का भयावह मंजर...
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हिंद महासागर में भूंकप से पैदा हुई सुनामी में भारत के अंडमान निकोबार द्वीप समूह सहित तमिलनाडु और आंध्रप्रदेश के तटीय क्षेत्र सर्वाधिक प्रभावित हुए। लगभग 10 हजार लोग मारे गए और पांच हजार लापता हुए। इस अभियान में भारतीय नौसेना ने व्यापक अभियान आपरेशन मदद चलाया था।
आपरेशन मदद के अलावा तीन अन्य अभियान विदेशों (श्रीलंका, मालद्वीव, इंडोनेशिया) के लिए भी चलाए गए। नौसेना के अभियान में 32 जहाज, 7 विमान, 20 हेलीकाप्टर 15 दिन तक चलाए गए। सेना की राहत कार्य में मदद ली गई। 17 जनपदों में चले आपरेशन मदद से लगभग एक लाख लोगों को निकाला गया।
चीन के तांगशान शहर में 28 जुलाई, 1976 को तड़के तीन बजकर बयालीस मिनट पर महाविनाशकारी भूकंप आया। चीन के इस औद्योगिक नगर की आबादी उस समय लगभग दस लाख थी। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 7.6 से लेकर 8.2 तक मापी गई थी। तांगशान में आए इस भूकंप ने 2,55,000 लोगों की जान ली। गैर आधिकारिक रिपोर्टों के मुताबिक मृतकों की संख्या 6 लाख से ज्यादा थी।
वर्ष 526 ईस्वी में सीरिया और एंटिओक में एक घातक भूकंप आया। यह क्षेत्र उस समय बीजान्टिन साम्राज्य का हिस्सा था। इस भूकंप ने एक छोटी अवधि में एक अविश्वसनीय मौत टोल पर कब्जा कर लिया। बताया जाता है कि एंटिओक में भूकंप एकमात्र प्राकृतिक आपदा है जो कमोबेश बाइबिल के युग के करीब है। यह प्राकृतिक आपदा ईसा के जन्म से पहली सहस्राब्दी में हुई थी। 20 से 29 मई 526 की अवधि में बीजान्टिन शहर 7.0 अंक की तीव्रता के साथ भूकंप से बच गया। उच्च जनसंख्या घनत्व (जो उस समय इस क्षेत्र में दुर्लभ था) के कारण, 250,000 लोग मारे गए। प्रलय के कारण हुई आग ने भी पीड़ितों की संख्या में वृद्धि में योगदान दिया।
ऐतिहासिक दस्तावेजों के मुताबिक सीरिया में आए उस भूकंप ने अलेप्पो को पूरी तरह झकझोर दिया। किले की दीवारें और चट्टानें जमींदोज हो गईं। अलेप्पो के आस पास के छोटे कस्बे भी पूरी तरह बर्बाद हो गए। अनुमान लगाया जाता है कि उस भूकंप ने 2,30,000 लोगों की जान ली।