{"_id":"630875ab3c9c7616e921b27d","slug":"when-pm-modi-cried-for-ghulam-nabi-azad-in-the-parliament-know-what-he-said","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Ghulam Nabi Azad Resign: जब सदन में गुलाम नबी आजाद के लिए रो पड़े थे पीएम मोदी, जानें क्या-क्या बोले थे?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Ghulam Nabi Azad Resign: जब सदन में गुलाम नबी आजाद के लिए रो पड़े थे पीएम मोदी, जानें क्या-क्या बोले थे?
Fri, 26 Aug 2022 02:29 PM IST
हिमांशु मिश्रा
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Fri, 26 Aug 2022 02:29 PM IST
सार
एक आतंकी घटना का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री भावुक हो गए थे। उन्होंने अपने संबोधन में बताया कि किस तरह से उस समय गुलाम नबी आजाद कश्मीर में फंसे हुए गुजरात के लोगों की चिंता अपने परिवार के सदस्यों की तरह कर रहे थे। इतना ही नहीं तत्कालीन रक्षा मंत्री प्रणब मुखर्जी ने भी उनकी मदद की थी।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद पिछले साल आजाद के राज्यसभा से रिटायरमेंट के वक्त दिया गया प्रधानमंत्री मोदी का भाषण वायरल हो रहा है। दरअसल, नौ फरवरी 2021 की बात है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद का राज्यसभा कार्यकाल पूरा हो रहा था।
गुलाम नबी आजाद
- फोटो : अमर उजाला
आइए जानते हैं कि प्रधानमंत्री के लिए गुलाम नबी आजाद ने क्या-क्या कहा था?
गुलाम नबी की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा था, 'गुलाम नबी जी जब मुख्यमंत्री थे, तो मैं भी एक राज्य का मुख्यमंत्री था। हमारी बहुत गहरी निकटता रही। एक बार गुजरात के कुछ यात्रियों पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया, आठ लोग उसमें मारे गए। सबसे पहले गुलाम नबी जी का फोन मेरे पास आया। उनके आंसू रुक नहीं रहे थे। गुलाम नबी जी लगातार इस घटना की निगरानी कर रहे थे। वे उन्हें लेकर इस तरह से चिंतित थे जैसे वे उनके परिवार के सदस्य हों। मैं श्री आजाद के प्रयासों और श्री प्रणब मुखर्जी के प्रयासों को कभी नहीं भूलूंगा। उस समय प्रणब मुखर्जी जी रक्षा मंत्री थे। मैंने उनसे कहा कि अगर मृतक शवों को लाने के लिए सेना का हवाई जहाज मिल जाए तो उन्होंने कहा कि चिंता मत करिए मैं करता हूं व्यवस्था। वहीं, गुलाम नबी जी उस रात को एयरपोर्ट पर थे।'
गुलाम नबी की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा था, 'गुलाम नबी जी जब मुख्यमंत्री थे, तो मैं भी एक राज्य का मुख्यमंत्री था। हमारी बहुत गहरी निकटता रही। एक बार गुजरात के कुछ यात्रियों पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया, आठ लोग उसमें मारे गए। सबसे पहले गुलाम नबी जी का फोन मेरे पास आया। उनके आंसू रुक नहीं रहे थे। गुलाम नबी जी लगातार इस घटना की निगरानी कर रहे थे। वे उन्हें लेकर इस तरह से चिंतित थे जैसे वे उनके परिवार के सदस्य हों। मैं श्री आजाद के प्रयासों और श्री प्रणब मुखर्जी के प्रयासों को कभी नहीं भूलूंगा। उस समय प्रणब मुखर्जी जी रक्षा मंत्री थे। मैंने उनसे कहा कि अगर मृतक शवों को लाने के लिए सेना का हवाई जहाज मिल जाए तो उन्होंने कहा कि चिंता मत करिए मैं करता हूं व्यवस्था। वहीं, गुलाम नबी जी उस रात को एयरपोर्ट पर थे।'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गुलाम नबी आजाद
- फोटो : अमर उजाला
सदन में जब बोलते-बोलते रुक गए प्रधानमंत्री
राज्यसभा में गुलाम नबी आजाद के योगदान का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी भावुक हो गए थे। प्रधानमंत्री इतने भावुक हुए की बोलते-बोलते रुक गए। उनके आंसू आने लगे। उन्होंने अपने आंसू पोछे। फिर टेबल पर रखे गिलास से पानी पिया और कहा सॉरी। इसके बाद उन्होंने फिर अपना संबोधन शुरू किया।
राज्यसभा में गुलाम नबी आजाद के योगदान का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी भावुक हो गए थे। प्रधानमंत्री इतने भावुक हुए की बोलते-बोलते रुक गए। उनके आंसू आने लगे। उन्होंने अपने आंसू पोछे। फिर टेबल पर रखे गिलास से पानी पिया और कहा सॉरी। इसके बाद उन्होंने फिर अपना संबोधन शुरू किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो : अमर उजाला
‘गुलाम नबी से सीखना चाहिए किस तरह संभाला जाता है पद’
राज्यसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, पद आते हैं, उच्च पद आते हैं, सत्ता आती है और इन्हें किस तरह से संभालना है, यह गुलाम नबी आजाद जी से सीखना चाहिए। मैं उन्हें सच्चा दोस्त समझूंगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके एक जुनून के बारे में बहुत से लोग नहीं जानते हैं, वो है बागवानी। वो यहां के घर में बगीचे को संभालते हैं, जो कश्मीर की याद दिलाता है।
राज्यसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, पद आते हैं, उच्च पद आते हैं, सत्ता आती है और इन्हें किस तरह से संभालना है, यह गुलाम नबी आजाद जी से सीखना चाहिए। मैं उन्हें सच्चा दोस्त समझूंगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके एक जुनून के बारे में बहुत से लोग नहीं जानते हैं, वो है बागवानी। वो यहां के घर में बगीचे को संभालते हैं, जो कश्मीर की याद दिलाता है।
विज्ञापन
जम्मू शांति सम्मेलन में इस अंदाज में नजर आए गुलाम नबी आजाद
- फोटो : एएनआई
पार्टी, देश और सदन की चिंता करते हैं गुलाम नबी
प्रधानमंत्री ने उस दौरान कहा था कि मुझे चिंता इस बात की है कि गुलाम नबी जी के बाद जो भी इस पद को संभालेंगे, उनको गुलाम नबी जी से मैच करने में बहुत दिक्कत पड़ेगी। क्योंकि गुलाम नबी जी अपने दल की चिंता करते थे, लेकिन देश और सदन की भी उतनी ही चिंता करते थे। श्री गुलाम नबी आजाद ने सांसद और विपक्ष के नेता के रूप में बहुत उच्च मानक स्थापित किए हैं। उनका काम सांसदों की आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा। मैं अपने अनुभवों और स्थितियों के आधार पर गुलाम नबी आजाद जी का सम्मान करता हूं।
प्रधानमंत्री ने उस दौरान कहा था कि मुझे चिंता इस बात की है कि गुलाम नबी जी के बाद जो भी इस पद को संभालेंगे, उनको गुलाम नबी जी से मैच करने में बहुत दिक्कत पड़ेगी। क्योंकि गुलाम नबी जी अपने दल की चिंता करते थे, लेकिन देश और सदन की भी उतनी ही चिंता करते थे। श्री गुलाम नबी आजाद ने सांसद और विपक्ष के नेता के रूप में बहुत उच्च मानक स्थापित किए हैं। उनका काम सांसदों की आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा। मैं अपने अनुभवों और स्थितियों के आधार पर गुलाम नबी आजाद जी का सम्मान करता हूं।