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Shantishri: कौन हैं शांतिश्री धुलीपुड़ी? जिन्होंने कहा- देवता ऊंची जाति के नहीं होते, शिव हो सकते हैं SC या ST

स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Tue, 23 Aug 2022 02:19 PM IST
सार

सोमवार को डॉ. बी आर अंबेडकर के विचार जेंडर जस्टिस : डिकोडिंग द यूनिफॉर्म सिविल कोड विषय पर व्याख्यान था। इसी में जेएनयू की कुलपति प्रो. शांतिश्री धुलीपुड़ी शामिल हुईं थीं। इसी दौरान उन्होंने हिंदू देवी-देवताओं को लेकर टिप्पणी की।

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Who is Shantishri Dhulipudi? Who said - Gods are not upper caste, Shiva can be SC or ST
प्रो. शांतिश्री धुलीपुड़ी - फोटो : अमर उजाला
जेएनयू की कुलपति शांतिश्री धूलिपुडी पंडित ने सोमवार को कहा कि मानवशास्त्रीय रूप से देवता ऊंची जाति के नहीं होते। भगवान शिव अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति जाति के हो सकते हैं। उन्होंने मनुस्मृति का हवाला देकर उन्होंने महिलाओं के लिए भी कुछ विवादास्पद बातें कहीं। साथ ही उन्होंने कहा कि महिलाओं की जाति शादी के बाद मिलती है।


जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय यानी जेएनयू की कुलपति के बयान पर अब विवाद शुरू हो गया है। प्रो. शांतिश्री पर कार्रवाई की मांग हो रही है। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि आखिर शांतिश्री कौन हैं? आइए जानते हैं...
 
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प्रो. शांतिश्री धुलीपुड़ी - फोटो : अमर उजाला
मामला क्या है? 
दरअसल सोमवार को डॉ. बी आर अंबेडकर के विचार जेंडर जस्टिस : डिकोडिंग द यूनिफॉर्म सिविल कोड विषय पर व्याख्यान था। इसी में जेएनयू की कुलपति प्रो. शांतिश्री धुलीपुड़ी शामिल हुईं थीं। इसी दौरान उन्होंने हिंदू देवी-देवताओं को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने देवी देवताओं की जाति तक का जिक्र किया।    
 
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समान नागरिक संहिता - फोटो : अमर उजाला
समान नागरिक संहिता की भी की वकालत
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने समान नागरिक संहिता लागू करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर आंबेडकर समान नागरिक संहिता लागू करना चाहते थे। गोवा का जिक्र करते हुए प्रोफेसर शांतिश्री ने कहा कि वहां समान नागरिक संहिता है जो पुर्तगालियों ने लागू  की थी।  इसकी वजह से गोवा में हिंदू, ईसाई और बौद्ध सभी इसे स्वीकार करते हैं। अगर ये गोवा में हो सकता है तो बाकी राज्यों में ऐसा क्यों नहीं किया जा सकता है।  लैंगिक समानता की बात करते हुए प्रोफेसर शांतिश्री ने कहा कि आज भी 54 विश्वविद्यालयों में से केवल छह में महिला कुलपति हैं, जबकि केवल एक आरक्षित वर्ग से है। 
 
Who is Shantishri Dhulipudi? Who said - Gods are not upper caste, Shiva can be SC or ST
शांतिश्री पंडित - फोटो : अमर उजाला
कौन हैं शांतिश्री धुलीपुड़ी? 
प्रो. शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित जेएनयू की पहली महिला कुलपति हैं। प्रोफेसर शांतिश्री जेएनयू की वीसी बनने से पहले सावित्रीबाई फुले विश्वविद्यालय में थीं। शांतिश्री धुलिपुडी राजनीतिक और लोक प्रशासन विभाग की प्रोफेसर हैं। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से एमफिल और पीएचडी की है। 1998 में गोवा विश्वविद्यालय से अपने शैक्षणिक करिअर की शुरुआत की। 1993 में पुणे विश्वविद्यालय चली गईं। हिंदी, अंग्रेजी, मराठी, तमिल जैसी छह भाषाओं में दक्ष प्रोफेसर धुलिपुडी कन्नड़, मलयालम और कोंकणी भी समझ लेती हैं। 

शांतिश्री का जन्म 15 जुलाई 1962 को रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में हुआ था। पिता डॉ. धुलिपुड़ी अंजानेयूलु आईएएस अफसर थे। बाद में उन्होंने पत्रकार और लेखक के रूप में अपनी पहचान बनाई। मां प्रो. मुलामूदी आदिलक्ष्मी तमिल और तेलुगु भाषा की प्रोफेसर रहीं हैं। 

प्रोफेसर धुलिपुडी की शुरुआती पढ़ाई मद्रास (अब चेन्नई) में हुई। इसके बाद जेएनयू से एम.फिल में टॉप किया। फिर यहीं से पीएचडी भी की। 1996 में उन्होंने स्वीडन की उप्पसला यूनविर्सिटी से डॉक्टोरल डिप्लोमा हासिल किया।
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