प्रदेश के सीकर शहर में गुरुवार रात को कुछ युवाओं के बीच हुए मामूली झगड़े ने सुबह होते—होते उपद्रव का रूप ले लिया। इसके चलते यहां दो समुदाय आमने—सामने हो गए। ऐसे में दिनभर यहां पुलिस का भारी जाप्ता तैनात रहा। हालांकि शाम को दोनों पक्षों में सहमति बनने के बाद भी धारा 144 अभी नहीं हटाई गई।
साथ ही इंटरनेट सेवाओं को भी अगले आदेश तक बाधित ही रखने की बात सामने आई है। रात के उपद्रव के बाद शुक्रवार सुबह कुछ हिंदुवादी संगठनों की ओर से सीकर शहर में बंद का आहृवान किया गया। इसी दौरान जाट बाजार में कुछ थड़ियों में आग लगा दी गई।
अधिकारियों समेत भारी पुलिस जाप्ता पहुंचा
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मार्च पास्ट करती पुलिस
- फोटो : amar ujala
आगजनी और पथराव की घटना के बाद दुकानदारों ने बाजार बंद कर दिए। मौके पर प्रशासन के अधिकारियों के साथ ही भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। फोर्स ने यहां हालात पर काबू रखने के लिए मार्च पास्ट भी निकाला। प्रशासन को जयपुर जिले से स्पेशल टास्क फोर्स की चार टुकड़ी, झुंझुनूं, नागौर, चूरू व दौसा जिले से पुलिस अधिकारी व जवान बुलाने पड़े।
लोगों में नहीं दिखा भय, किया पथराव
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पथराव करते लोग
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दोपहर में एक पक्ष के लोगों के जाट बाजार में एकत्रित होकर नारेबाजी करने से माहौल बिगड़ गया। इससे दोनो तरफ पथराव होने लगा। भारी जाप्ते के बीच भी यहां लोग एक—दूसरे पर पथराव करते दिखे। थड़ी—ठेले उलट दिए गए। यही नहीं, कई लोग पथराव में घायल भी हुए जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।
नहीं मानने पर पुलिस ने किया हल्का बल प्रयोग
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पुलिस के सामने भी उलझे
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दिनभर जाप्ता तैनात रहने के बावजूद भी शहर में कई जगह लोग आपस में उलझ पड़े। ऐसे में हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी काम में लेना पड़ा। हालांकि इसमें किसी व्यक्ति के कोई चोट नहीं आई।
लाठियां लेकर निकाला जुलूस
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लाठियां लेकर जुलूस निकालते लोग
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दिन में एक समुदाय विशेष की ओर से हाथ में लाठियां लेकर जुलूस निकाला गया। इस जुलूस में नारेबाजी होती देख दूसरे समुदाय के लोग कई जगह इनसे उलझ पड़े। जिन्हें पुलिस ने काबू में किया।