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जम्मू-कश्मीर: परिसीमन आयोग के समक्ष राजनीतिक दलों ने जम्मू के हक की उठाई आवाज, जानिए किस पार्टी ने क्या कहा

Fri, 09 Jul 2021 02:41 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Fri, 09 Jul 2021 02:41 PM IST
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Jammu and Kashmir: Political parties raised their voice for the rights of Jammu before the Delimitation Commission
परिसीमन आयोग का जम्मू-कश्मीर दौरा - फोटो : अमर उजाला
परिसीमन आयोग से गुरुवार को जम्मू में छह प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिमंडलों ने मुलाकात कर जम्मू के हक की आवाज उठाने के अलावा पार्टियों के राजनीतिक एजेंडे पर आधारित ज्ञापन सौंपे। पीडीपी कश्मीर की तरह जम्मू में भी आयोग से नहीं मिली।


पीओजेके की 24 में से आठ सीटें आरक्षित करें : भाजपा
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना की अगुवाई में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने परिसीमन आयोग की टीम से कहा कि जम्मू-कश्मीर में 1995 में आखिरी बार विधानसभा क्षेत्रों का परिसमन हुआ था, जोकि गलत तरीके से किया गया। इस वजह से प्रदेश में सत्ता असंतुलन अब तक बना रहा। इस बार साफ सुथरे ढंग से परिसीमन हो, इसके लिए केवल जनसंख्या को ही जरूरी आधार नहीं बनाया जाना चाहिए। भौगोलिक स्थित, सामाजिक परिस्थिति व हर वर्ग के साथ न्याय हो, यह ध्यान में रखा जाए।

भाजपा ने पीओजेके के लिए आरक्षित 24 विधानसभा सीटों में से आठ सीटों को पीओजेके रिफ्यूजियों के लिए आरक्षित करने की मांग की। इसके साथ-साथ कश्मीर में तीन सीटें कश्मीरी पंडितों के लिए उत्तरी, दक्षिण और सेंट्रल कश्मीर में एक-एक सीट आरक्षित करने की मांग भी उठाई। एससी, एसटी, गुज्जर बक्करवाल आदि के साथ न्याय करने पर भी बल दिया। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह, कवींद्र गुप्ता, मुख्य प्रवक्ता सुनील सेठी और पूर्व विधायक आरएस पठानिया शामिल रहे।
Jammu and Kashmir: Political parties raised their voice for the rights of Jammu before the Delimitation Commission
देवेंद्र सिंह राणा - फोटो : सोशल मीडिया
जम्मू संभाग को मिले पूरा हक: नेकां
नेशनल कांफ्रेंस के प्रतिनिधिमंडल ने संभागीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा की अगुवाई में आयोग से मुलाकात की और कहा कि जम्मू संभाग को उसका पूरा हक मिलना चाहिए। 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन प्रक्रिया हो रही है। ऐसे में जम्मू संभाग के दूरदराज के क्षेत्रों राजोरी, पुंछ, डोडा, रामबन समेत अन्य दूरदराज के क्षेत्रों के साथ न्याय की मांग की। अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति को उचित प्रतिनिधित्व मिले। जम्मू संभाग का क्षेत्रफल 26293 वर्ग किलोमीटर तथा आबादी 5350811 है।

जम्मू तथा इससे जुड़े इलाके अपने को अलगाव तथा दबाया हुआ महसूस करते हैं। इसलिए परिसीमन आयोग को जम्मू संभाग के हर क्षेत्र को उसका हक देना चाहिए। विकेंद्रीकरण लोकतंत्र की खूबसूरती है और हर क्षेत्र को सुशासन में बराबर की हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। जम्मू संभाग में भौगोलिक चुनौतियां काफी हैं। यहां दूरदराज तथा पहाड़ी इलाकों की भागीदारी नहीं हो पाती है। इस वजह से उन्हें भी हक मिलना चाहिए ताकि वे भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बन सकें। जम्मू-कश्मीर एकजुट रहे यही नेकां चाहती है। प्रतिनिधिमंडल में सुरजीत सिंह सलाथिया, अजय सडोत्रा, सज्जाद अहमद किचलू व जावेद राणा थे।
Jammu and Kashmir: Political parties raised their voice for the rights of Jammu before the Delimitation Commission
कांग्रेस - फोटो : file photo
राज्य दर्जा बहाली के बाद हो चुनाव: कांग्रेस
कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल में शामिल उपाध्यक्ष रमण भल्ला, मूला राम, मुख्य प्रवक्ता रवींद्र शर्मा, पूर्व एमएलसी ठाकुर बलवीर सिंह और अरविंद्र सिंह मिक्की ने परिसीमन आयोग से परिसीमन को सार्थक बनाने के लिए पहले जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य का दर्जा बहाली के बाद ही विधानसभा चुनाव होने चाहिए। रवींद्र शर्मा ने बताया कि परिसीमन आयोग से कहा गया कि अभी हो रही परिसीमन प्रक्रिया से लोगों में काफी भ्रम है। परिसीमन आयोग को ड्राफ्ट प्रस्ताव पब्लिक डोमेन में लाना चाहिए, ताकि पारदर्शी तरीके से परिसीमन की प्रक्रिया संपन्न हो। एससी, एसटी, रिफ्यूजी, विस्थापित, सिख व अल्पसंख्यकों के साथ न्याय होना चाहिए।
 
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Jammu and Kashmir: Political parties raised their voice for the rights of Jammu before the Delimitation Commission
परिसीमन आयोग - फोटो : चुनाव आयोग
जम्मू व कश्मीर को मिले 45-45 सीटें: पैंथर्स
पैंथर्स पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने चेयरमैन हर्ष देव सिंह और प्रो भीम सिंह की अगुवाई में मुलाकात की और जम्मू को कश्मीर के बराबर सीटों की मांग की। हर्ष देव सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुनगर्ठन अधिनियम के तहत प्रदेश में विधानसभा की 90 सीटें होंगी। ऐसे में जम्मू को 45 व कश्मीर को भी 45 विधानसभा की सीटें मिलनी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल में पीके गंजू्, अनीता ठाकुर, परमजीत सिंह मार्शल भी शामिल रहे।
 
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Jammu and Kashmir: Political parties raised their voice for the rights of Jammu before the Delimitation Commission
अल्ताफ बुखारी - फोटो : अमर उजाला, फाइल
जल्द हो विधानसभा चुनाव: अपनी पार्टी
अपनी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने उपाध्यक्ष चौधरी जुल्फिकार अली की अगुवाई में परिसीमन आयोग से मुलाकात कर प्रदेश में राजनीतिक प्रक्रिया तेजी से शुरू कर विधानसभा चुनाव जल्द करवाने की मांग की। जुल्फिकार ने कहा कि निर्वाचित सरकार ही प्रदेश के लोगों की समस्याओं का हल कर सकती है। अपनी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल में विक्रम मल्होत्रा सरदार मजीत सिंह, सईद असगर अली और मुमताज खान भी शामिल रहे।
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