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Jammu: तलाक के लिए मां ने छोड़ा बच्ची का साथ, परिवार अदालत में बेटी से कभी न मिलने की शर्त भी की मंजूर
Thu, 20 Aug 2026 03:47 AM IST
दुष्यंत शर्मा
प्रवेश कुमारी, जम्मू
प्रवेश कुमारी, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 20 Aug 2026 03:47 AM IST
सार
परिवार अदालत ने सुलह की सभी कोशिशें नाकाम रहने पर पति-पत्नी को शादी के करीब छह साल बाद सहमति से तलाक की मंजूरी दे दी।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
तलाक के लिए एक मां अपनी बच्ची पर न केवल दावा छोड़ने को तैयार हो गई, बल्कि उसने उससे कभी न मिलने की शर्त को भी मंजूर कर लिया। परिवार अदालत ने सुलह की सभी कोशिशें नाकाम रहने पर पति-पत्नी को शादी के करीब छह साल बाद सहमति से तलाक की मंजूरी दे दी।
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पति-पत्नी ने हिंदू विवाह अधिनियम-1955 की धारा 13-बी के तहत आपसी सहमति से तलाक के लिए अदालत में संयुक्त याचिका दायर किया था। रिकॉर्ड के अनुसार उनकी शादी तीन नवंबर, 2020 को जम्मू में हिंदू रीति-रिवाजों और परंपराओं के अनुसार हुई थी। इस शादी से एक बेटी का जन्म हुआ, जो इस वक्त पांच साल की है।
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याचिका के अनुसार शादी के तुरंत बाद स्वभाव, आदतों, पसंद, विचारों में अंतर और बढ़ती असहमति के कारण दोनों पक्षों के बीच रिश्ते खराब हो गए। शादी के बाद से ही याचिकाकर्ता कभी भी साथ नहीं रह पाए और न ही कभी एक-दूसरे के साथ तालमेल बिठा पाए।
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2021 से रह रहे अलग
दोस्तों, रिश्तेदारों और परिचितों ने सुलह कराने और वैवाहिक रिश्ते को फिर से शुरू करने की कोशिशें कीं, लेकिन उनका कोई नतीजा नहीं निकला। दोनों पक्ष 2021 से अलग-अलग रह रहे हैं। दोनों ने शादी से जुड़ी अपनी सभी चीजें और गहने पहले ही एक-दूसरे को लौटा दिए थे।
इस बीच कोर्ट से दोनों पक्षों को सहमति से शादी खत्म करने के अपने फैसले पर फिर से विचार करने के लिए पर्याप्त समय मिला। द्वितीयक बयान के समय भी उन्हें शादी खत्म करने के पिछले फैसले पर फिर से सोचने के लिए पर्याप्त समय दिया गया, लेकिन वे अपनी बात पर अड़े रहे।