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Jammu News: बिजली विभाग के 95 अस्थायी कर्मियों का पोर्टल पर चढ़ेगा नाम, मिलेंगे लाभ
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- 2014 में खाली पदों हुई थी तैनाती, 12 साल से बिना मानदेय कर रहे काम
सतीश वालिया
जम्मू। बिजली विभाग के 95 अस्थायी कर्मियों के नाम अब पोर्टल पर दर्ज होंगे। इनका रिकाॅर्ड निदेशालय में भेजा जा चुका है। पोर्टल पर नाम चढ़ने के बाद इन कर्मियों को मानदेय मिलना शुरू होगा। बीमा सुविधा सहित अन्य लाभ भी मिल सकेंगे।
वर्ष 2014 में जम्मू संभाग में कर्मचारियों को खाली पदों में रखा गया है। तब से लेकर आज तक इन्हें मानदेय नहीं मिला है। विभाग के अनुसार 2014 में खाली पदों को भरने के लिए कवायद शुरू हुई। इसमें इन कर्मचारियों को रखा। बाद में योजना बंद कर दी गई। इस कारण लाभ नहीं मिल पाए। अब इन कर्मियों को भी लाभ पहुंचाया जा रहा है। पहले इन कर्मचारियों को ठेकेदारों के माध्यम से काम का भुगतान होता रहा। पोर्टल में नाम दर्ज होने से कर्मचारी प्रतिदिन के हिसाब से 311 रुपये दिहाड़ी ले सकेंगे। मौजूदा समय में कर्मचारियों की सेवाएं लाइनमैनों के साथ ली जा रही हैं। ये कर्मचारी भी बिजली की मरम्मत करने के अलावा ट्रांसफार्मर से जुड़ी समस्याओं का निदान कर रहे हैं। कुछ जगहों में लाइनमैन के पद खाली होने पर अस्थायी कर्मचारी ही काम देख रहे हैं।
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लाइनमैनों की भारी कमी, एक के
हवाले आठ से 10 फीडरों का काम
जम्मू जिले में लाइनमैनों की भारी कमी चल रही है। एक लाइनमैन के पास आठ से दस फीडरों का काम है। इस कारण बिजली के तारों की मरम्मत करने या फिर ट्रांसफार्मरों की समस्या का निदान करने में काफी समय लग रहा है। इन पदों को भरने के लिए पिछले साल भी कवायद शुरू हुई, लेकिन पद खाली चल रहे हैं। 600 के करीब लाइनमैनों के पद स्वीकृत हैं। इनमें 325 पद ही भरे हैं। नगर निगम के पास भी लाइनमैनों की कमी चल रही है। एक लाइनमैन के पास तीन-तीन वार्ड का काम है।
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ये कैसे व्यवस्था, 10 साल
तक नहीं मांगा रिकाॅर्ड
अस्थायी कर्मियों से बिना मानदेय सेवाएं ली जा रहीं हैं। 11 साल तक विभाग ने कर्मचारियों का रिकाॅर्ड लेने और कर्मचारी पोर्टल पर नाम दर्ज करने के लिए कार्रवाई ही नहीं की। वर्ष 2025 में इन कर्मचारियों को कर्मचारी पोर्टल से जोड़ने का काम शुरू हुआ। इसका खामियाजा अस्थायी कर्मचारी भुगत रहे हैं। हालत यह है कि ये कर्मी नियमित कर्मियों की तर्ज पर काम करते रहे। ट्रांसफार्मर से लेकर 11केवी तारों की मरम्मत की। इसकी एवज में कोई लाभ नहीं मिला। इनको बच्चों की पढ़ाई करवाने में भी परेशानी आ रही है। कुछ कर्मचारियों के हाथ करंट लगने से बेजान हो गए हैं तो कुछ के अन्य अंग क्षतिग्रस्त हुए हैं।
ये भी सवाल
- 2014 से काम करने के बाद भी मानदेय विभाग ने शुरू नहीं किया।
- कर्मचारी बिजली की समस्याओं का 24 घंटे निदान कर रहे हैं, फिर भी लाभ नहीं मिलता।
- अधिकारियों ने भी कर्मचारियों को लाभ पहुंचाने के लिए नहीं की कार्रवाई।
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अस्थायी कर्मचारियों को भी पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है। इसके बाद इन्हें भी लाभ मिलेगा। जम्मू संभाग में बड़ी संख्या में कर्मचारी सेवारत हैं।
- अरशद कुरैशी, मुख्य अभियंता, बिजली विभाग
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सतीश वालिया
जम्मू। बिजली विभाग के 95 अस्थायी कर्मियों के नाम अब पोर्टल पर दर्ज होंगे। इनका रिकाॅर्ड निदेशालय में भेजा जा चुका है। पोर्टल पर नाम चढ़ने के बाद इन कर्मियों को मानदेय मिलना शुरू होगा। बीमा सुविधा सहित अन्य लाभ भी मिल सकेंगे।
वर्ष 2014 में जम्मू संभाग में कर्मचारियों को खाली पदों में रखा गया है। तब से लेकर आज तक इन्हें मानदेय नहीं मिला है। विभाग के अनुसार 2014 में खाली पदों को भरने के लिए कवायद शुरू हुई। इसमें इन कर्मचारियों को रखा। बाद में योजना बंद कर दी गई। इस कारण लाभ नहीं मिल पाए। अब इन कर्मियों को भी लाभ पहुंचाया जा रहा है। पहले इन कर्मचारियों को ठेकेदारों के माध्यम से काम का भुगतान होता रहा। पोर्टल में नाम दर्ज होने से कर्मचारी प्रतिदिन के हिसाब से 311 रुपये दिहाड़ी ले सकेंगे। मौजूदा समय में कर्मचारियों की सेवाएं लाइनमैनों के साथ ली जा रही हैं। ये कर्मचारी भी बिजली की मरम्मत करने के अलावा ट्रांसफार्मर से जुड़ी समस्याओं का निदान कर रहे हैं। कुछ जगहों में लाइनमैन के पद खाली होने पर अस्थायी कर्मचारी ही काम देख रहे हैं।
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लाइनमैनों की भारी कमी, एक के
हवाले आठ से 10 फीडरों का काम
जम्मू जिले में लाइनमैनों की भारी कमी चल रही है। एक लाइनमैन के पास आठ से दस फीडरों का काम है। इस कारण बिजली के तारों की मरम्मत करने या फिर ट्रांसफार्मरों की समस्या का निदान करने में काफी समय लग रहा है। इन पदों को भरने के लिए पिछले साल भी कवायद शुरू हुई, लेकिन पद खाली चल रहे हैं। 600 के करीब लाइनमैनों के पद स्वीकृत हैं। इनमें 325 पद ही भरे हैं। नगर निगम के पास भी लाइनमैनों की कमी चल रही है। एक लाइनमैन के पास तीन-तीन वार्ड का काम है।
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ये कैसे व्यवस्था, 10 साल
तक नहीं मांगा रिकाॅर्ड
अस्थायी कर्मियों से बिना मानदेय सेवाएं ली जा रहीं हैं। 11 साल तक विभाग ने कर्मचारियों का रिकाॅर्ड लेने और कर्मचारी पोर्टल पर नाम दर्ज करने के लिए कार्रवाई ही नहीं की। वर्ष 2025 में इन कर्मचारियों को कर्मचारी पोर्टल से जोड़ने का काम शुरू हुआ। इसका खामियाजा अस्थायी कर्मचारी भुगत रहे हैं। हालत यह है कि ये कर्मी नियमित कर्मियों की तर्ज पर काम करते रहे। ट्रांसफार्मर से लेकर 11केवी तारों की मरम्मत की। इसकी एवज में कोई लाभ नहीं मिला। इनको बच्चों की पढ़ाई करवाने में भी परेशानी आ रही है। कुछ कर्मचारियों के हाथ करंट लगने से बेजान हो गए हैं तो कुछ के अन्य अंग क्षतिग्रस्त हुए हैं।
ये भी सवाल
- 2014 से काम करने के बाद भी मानदेय विभाग ने शुरू नहीं किया।
- कर्मचारी बिजली की समस्याओं का 24 घंटे निदान कर रहे हैं, फिर भी लाभ नहीं मिलता।
- अधिकारियों ने भी कर्मचारियों को लाभ पहुंचाने के लिए नहीं की कार्रवाई।
अस्थायी कर्मचारियों को भी पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है। इसके बाद इन्हें भी लाभ मिलेगा। जम्मू संभाग में बड़ी संख्या में कर्मचारी सेवारत हैं।
- अरशद कुरैशी, मुख्य अभियंता, बिजली विभाग