कठुआ में बारिश ने रविवार को खूब कहर बरपाया है। जिला कठुआ के अधीन आते उज्ज, रावी, सेवा, भीनी, तरनाह समेत बरसाती नालों में उफान देखने को मिला। इससे हीरानगर, जसरोटा, नगरी, बनी, हरियाचक्क, गाटी समेत कई इलाकों में 50 के करीब लोग बाढ़ में फंस गए। जबकि, डिंगा अंब क्षेत्र में तरनाह नाला में आई बाढ़ में बहने से एक वृद्ध की मौत हो गई। गांव गाटी पूरी तरह जलमग्न रहा।
आफत की बारिश: कठुआ में उज्ज, तरनाह और रावी ने बरपाया कहर, 50 लोगों को सुरक्षित बचाया, एक की मौत
कठुआ में बारिश ने रविवार को खूब कहर बरपाया है। जिला कठुआ के अधीन आते उज्ज, रावी, सेवा, भीनी, तरनाह समेत बरसाती नालों में उफान देखने को मिला।
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बाढ़ में फंसे अधिकतर लोगों को स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया, अन्य लोगों को निकालने के लिए जलस्तर कम होने का इंतजार किया जा रहा है। बसोहनी इसके अलावा, जिला के ग्रामीण इलाकों में सैकड़ों एकड़ धान की फसल तबाह हो गई। बनी में एक मिनी बस कच्ची सड़क से फिसल कर पलट गई। हालांकि, कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।
वहीं, ढाडी मोड़ पर बनी-बसोहली रोड पर भूस्खलन होने से यातायात प्रभावित हुआ। बिलावर में भारी बारिश से विद्युत ढांचे को नुकसान पहुंचने से बिजली सप्लाई और यातायात प्रभावित रहा। कई स्थानों पर लोगों ने प्रशासन पर बाढ़ प्रबंधों की कमी का आरोप लगाकर रोष भी व्यक्त किया। वहीं, प्रभावित गांवों में प्रशासनिक अधिकारी और एसएसपी शिवदीप सिंह जम्वाल व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे।
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उज्ज ने बरपाया सबसे अधिक कहर
बाढ़ नियंत्रण प्रभाग कठुआ से मिली जानकारी के अनुसार उज्ज दरिया का बहाव सबसे अधिक 2 लाख 7 हजार क्यूसेक रहा। इसके अलावा तरनाह नाला का बहाव 24,500 क्यूसेक रहा। वहीं, रावी दरिया का जलस्तर भी सामान्य से अधिक 517.43 मीटर रिकॉर्ड किया गया। जबकि, कई दरिया और बरसाती नालों के संगम स्थल पंचतीर्थी में जलस्तर 24 फीट दर्ज किया गया। बाढ़ नियंत्रण प्रभाग कठुआ के कार्यकारी अभियंता मदन लाल शर्मा ने बताया कि रविवार सुबह उक्त सभी दरिया और बरसाती नाले उफान पर थे। लेकिन, सोमवार तक हालात सामान्य होने की संभावना है। अधिकतर जगहों पर जलस्तर कम हो रहा है।
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जम्मू-कश्मीर में सबसे अधिक कठुआ में 2 दिन में 233.5 एमएम बरसात
कृषि मौसम विज्ञान इकाई के सीनियर साइंटिस्ट एवं जिला प्रमुख विशाल महाजन ने बताया कि 8 और 9 जुलाई को जम्मू-कश्मीर में सबसे अधिक 235.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि सोमवार दोपहर बाद तक मौसम खुलने की संभावना है। महाजन ने बताया कि जिला कठुआ में वार्षिक बारिश का औसत 1400 एमएम के करीब है।
8 और 9 जुलाई को हुई भारी बरसात से पूरे साल का 20 फीसदी कोटा बरस गया। महाजन ने बताया कि ऊपरी इलाकों में मक्की और निचले इलाकों में धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। सोमवार को मौसम खुलने के बाद नुक्सान के आंकलन के लिए टीमें भेजी जाएंगी।