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देश सेवा का जज्बा लिए सेना भर्ती रैली में उमड़े 5800 कश्मीरी युवा, टीए में 88 पदों के लिए हुए शामिल
Wed, 23 Oct 2019 03:26 PM IST
Pranjal Dixit
अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली, श्रीनगर
Published by: Pranjal Dixit
Updated Wed, 23 Oct 2019 03:26 PM IST
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सेना भर्ती रैली
- फोटो : बासित जरगर
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कश्मीर के युवाओं में सेना में भर्ती होकर देश सेवा करने का जज्बा हिलोरे मार रहा है। आतंकवाद प्रभावित दक्षिणी कश्मीर के बाद उत्तरी कश्मीर में भी भारी संख्या में युवा भर्ती रैली में शामिल होने के लिए पहुंचे। इसी महीने श्रीनगर के रंगरेथ में हुई भर्ती रैली में दक्षिणी कश्मीर के काफी संख्या में पहुंचे थे।
सेना भर्ती
- फोटो : बासित जरगर
बारामुला में टेरिटोरियल आर्मी (टीए) में भर्ती के लिए 17 से 22 अक्तूबर तक रैली आयोजित की गई। कुल 88 पदों के लिए हुई इस भर्ती में लगभग 5800 युवा शामिल हुए। पहले दिन 17 अक्तूबर को कुपवाड़ा के 1456, 18 अक्तूबर को बारामुला शहर के 1071 व 19 अक्तूबर को पट्टन, सोपोर, उड़ी व रफियाबाद के 1636 युवाओं ने दमखम दिखाया।
सेना भर्ती
- फोटो : बासित जरगर
20 अक्तूबर को इन तीन दिनों में भर्ती में शामिल होने से रह गए युवाओं को मौका दिया गया जिसमें 513 ने भाग लिया। 21 अक्तूबर को बांदीपोरा के 900 युवा पहुंचे। 22 अक्तूबर को एक बार फिर छूट गए युवाओं को मौका दिया गया जिसमें 200 शामिल हुए।
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सेना भर्ती
- फोटो : बासित जरगर
भर्ती रैली में पहुंचे कुपवाड़ा के शब्बीर अहमद का कहना है कि वह पहले भी भर्ती रैली में शामिल हुआ है, लेकिन उसका चयन नहीं हो पाया। यह इलाका पाकिस्तान की गोलाबारी से हर समय प्रभावित रहता है। इस वजह से सेना में शामिल होकर देश सेवा करने की तमन्ना है। बारामुला के बशीर अहमद का कहना है कि उसका चाचा सेना में है। उसी से प्रेरणा मिली है और उसने वर्दी पहनने की ठानी है। इलाके में बेरोजगारी काफी है। सेना न केवल रोजगार प्रदान कर रही है बल्कि लोगों को अनुशासित जीवन जीने का पाठ भी सिखाती है। इस वजह से वह सेना का अंग बनना चाहता है।
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सेना भर्ती
- फोटो : बासित जरगर
भर्ती रैली आगे भी आयोजित होगी
सेना के अधिकारियों का कहना है कि उत्तरी कश्मीर के युवाओं ने रैली में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। आगे भी इस प्रकार की रैलियां आयोजित की जाएंगी ताकि यहां के युवाओं को रोजगार उपलब्ध हो सके। साथ ही बेहतर भविष्य की बुनियाद रखी जा सके।
सेना के अधिकारियों का कहना है कि उत्तरी कश्मीर के युवाओं ने रैली में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। आगे भी इस प्रकार की रैलियां आयोजित की जाएंगी ताकि यहां के युवाओं को रोजगार उपलब्ध हो सके। साथ ही बेहतर भविष्य की बुनियाद रखी जा सके।