कोविड संकट के बीच अमरनाथ यात्रा का सीमित और सांकेतिक होना तय है। यात्रा 21 जुलाई से 3 अगस्त तक केवल बालटाल ट्रैक से कराने की तैयारी की जा रही है। सीमित यात्रा में रोजाना सिर्फ 2000 यात्रियों को ही शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की ओर से जल्द ही बैठक कर यात्रा की तिथि पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
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सूत्रों के अनुसार सीमित यात्रियों के साथ कोविड महामारी को देखते हुए यात्रा के दौरान सामाजिक दूरी सहित अन्य गाइडलाइन का सख्ती से पालन किया जाएगा। बाबा अमरनाथ व बूढ़ा अमरनाथ यात्री न्यास के सदस्यों ने उपराज्यपाल को 15 दिन की यात्रा करने, श्रीनगर से चॉपर सेवा शुरू करके पवित्र गुफा के पास यात्रियों को उतारने, बालटाल से दोमेल तक बैटरी कार सेवा आदि के सुझाव दिए हैं।
कोविड संकट के चलते यात्रियों की आयु सीमा में कटौती होना संभव है। इसमें 55 वर्ष तक के आयु के ही यात्रियों को भेजने का विचार है। इस बार बच्चों और बुजुर्गों को यात्रा करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। बोर्ड सूत्रों के अनुसार बालटाल ट्रैक से बर्फ हटाने का काम किया जा रहा है।
इस ट्रैक से एक ही दिन में यात्री बाबा बर्फानी के दर्शन करके लौट सकते हैं। कम अवधि की यात्रा में बाबा बर्फानी के दर्शन से वंचित रह जाने वाले यात्रियों के लिए सुबह और शाम की आरती को देश विदेश में प्रसारित किया जाएगा।
इस साल तय शेड्यूल में अमरनाथ यात्रा को 23 जून से 3 अगस्त तक 42 दिन की यात्रा चलाना प्रस्तावित था। लेकिन कोविड संकट के चलते अभी तक अग्रिम यात्री पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। पंजीकरण की तिथि को चार बार स्थगित किया जा चुका है। बोर्ड सूत्रों के अनुसार जुलाई के पहले सप्ताह में बोर्ड की बैठक में अंतिम फैसला लिया जाएगा।