सांबा जिले के रामगढ़ सेक्टर में पाकिस्तान ने बीएसएफ जवानों पर हमला कर दिया। इसमें एक जवान शहीद हो गया। बीएसएफ का कहना है कि मंगलवार सुबह कुछ जवान सरकंडा काटने के लिए अपनी ही सीमा में फेंसिंग के आगे गए थे। अचानक पाकिस्तानी रेंजरों ने फायरिंग कर दी। इसमें एक जवान घायल हो गया। बाकी के जवानों ने मोर्चा संभाला और वहां से सुरक्षित स्थान की तरफ आ गए। जबकि एक जवान वहीं छूट गया। देर शाम तक जवान की तलाश जारी रही लेकिन वह नहीं मिला। रात में बीएसएफ ने खुलासा किया कि जवान का शव घटनास्थल पर मिला है। बीएसएफ ने शहीद जवान की पहचान भी सार्वजनिक नहीं की है। गौरतलब है कि पाकिस्तानी बैट टीम ने शहीद जवान के शव के साथ बर्बरता की जिसके बाद सीमा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ये 4 सवाल उठ रहे हैं....
बीएसएफ जवान के शव के साथ पाक बैट टीम ने की बर्बरता, बॉर्डर की सुरक्षा पर उठ रहे ये 4 सवाल
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उठ रहे ये 4 सवाल-
अगर पाक ने अपनी सुरक्षा के लिए बांध बना रखा है तो हमने क्यों नहीं बनाया?
क्या जवान मौके पर सरकंडा काटने बिना बुलेट प्रूफ जैकेट के गए थे?
क्या जवानों ने अपनी सुरक्षा के लिए हेलमेट नहीं लगाए थे?
क्या मौके पर एसओपी का पालन किया गया?
ये चार ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब लगातार हो रही जवानों की शहादत के बाद भी नहीं मिल रहा। आगे पढ़िए क्या है ये पूरी घटना...
जवान के शहीद होने की खबर दोपहर से ही इलाके में फैल गई थी लेकिन बीएसएफ इसकी पुष्टि नहीं कर रहा था। देर शाम बीएसएफ की तरफ से आधिकारिक बयान आया कि मंगलवार सुबह 10.40 बजे पर बीएसएफ के जवान फेंसिंग के आगे गश्त कर रहे थे। तभी पाकिस्तानी रेंजरों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने मोर्चा लेते हुए जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान एक गोली जवान को लग गई। उक्त क्षेत्र के पास पाकिस्तान का सुरक्षित बांध बना हुआ है।
जबकि भारतीय सीमा की तरफ दलदल और घना सरकंडा है। इस वजह से घायल जवान का देर तक पता नहीं लग पाया। देर शाम को लापता जवान का शव बरामद हुआ। बीएसएफ की तरफ से उक्त क्षेत्र में यह भी जांच की जा रही है कि कहीं पाकिस्तानी रेंजरों की तरफ से कोई आईईडी या फिर घात तो नहीं लगा रखी गई थी। इसके लिए इलाके में सर्च की जा रही है। बीएसएफ के आईजी खुद मौके पर पहुंचे। पहले वह सुबह पहुंचे और शाम को दोबारा गए।